Delhi Pollution AQI Update. देश की राजधानी Delhi में नए साल की शुरुआत उम्मीदों की जगह ‘घुटन’ के साथ हुई है। साल के पहले ही दिन लोगों को जहरीली हवा (Toxic Air) से रत्ती भर भी राहत नहीं मिली है। खराब मौसमी दशाओं के चलते शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) एक बार फिर गिरकर ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई है, जिससे आम जनता के लिए खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
‘नए साल पर जहरीली शुरुआत’
अक्सर उम्मीद की जाती है कि नया साल नई ताजगी लेकर आएगा, लेकिन राजधानी वासियों के लिए यह साल भी उसी पुरानी समस्या के साथ शुरू हुआ है। वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में नए साल के मौके पर भी फिजा जहरीली बनी रही। लोग जश्न मनाने के मूड में थे, लेकिन बाहर फैले प्रदूषण (Pollution) की चादर ने उत्साह पर पानी फेर दिया। हवा में इतना जहर घुल चुका है कि लोगों को सामान्य रूप से सांस लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
‘बेहद खराब श्रेणी में हवा’
प्रदूषण का स्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI अभी भी ‘बेहद खराब श्रेणी’ (Very Poor Category) में बना हुआ है। यह वह स्थिति है जब हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं। लगातार इस श्रेणी में हवा का बना रहना यह दर्शाता है कि स्थिति कितनी चिंताजनक है।
‘मौसम ने बढ़ाई मुसीबत’
इस जानलेवा प्रदूषण के पीछे का मुख्य कारण खराब ‘मौसमी दशाएं’ (Weather Conditions) बताई जा रही हैं। जब हवा की गति कम होती है और तापमान गिरता है, तो प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंस कर रह जाते हैं, जिससे धुंध और प्रदूषण की एक मोटी परत बन जाती है। इसी मौसमी मार के चलते दिल्ली वालों को साफ हवा नसीब नहीं हो पा रही है।
संपादकीय विश्लेषण: हर साल की एक ही कहानी
राजधानी Delhi का यह हाल अब कोई नई खबर नहीं रह गया है, बल्कि एक वार्षिक त्रासदी बन चुका है। नए साल पर भी अगर नागरिक साफ हवा में सांस नहीं ले पा रहे, तो यह सिस्टम और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ‘मौसमी दशाओं’ को दोष देना आसान है, लेकिन यह समस्या अब मौसमी से ज्यादा स्थायी होती जा रही है। जब तक ठोस और दीर्घकालिक उपाय नहीं किए जाएंगे, दिल्ली का दम इसी तरह घुटता रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
-
Delhi में नए साल पर भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली।
-
वायु गुणवत्ता (AQI) ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में बरकरार है।
-
खराब मौसमी दशाओं के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।
-
जहरीली हवा के कारण लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है।








