COVID 4th wave: चौथी लहर में कोरोना वायरस का कुनवा मचा सकता है आतंक, देखिए इसके जानलेवा वेरिएंट्स

COVID 4th wave: चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में आतंक मचाए हुए हैं। यूरोपीय और एशियाई देशों में कोरोना वायरस की चौथी लहर का कहर जारी है। इधर भारत में भी कोरोना वायरस की चौथी लहर का खतरा तेजी से बढ़ गया है। कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रोन और इसके सबके वेरिएंट ही चौथी लहर में जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई देश ओमीक्रोन और इसके सब वेरिएंट से कराह रहे हैं।

देश में कोरोना वायरस की तीन लहरें अब तक आ चुकी हैं। दूसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट घातक बन गया था। तीसरी लहर में ओमीक्रोन जानलेवा साबित हुआ था। कहा जा रहा है कि अब चौथी लहर में कोरोना वायरस का पूरा कुनवा हमला करने के लिए तैयार है।

मिलिए कोरोना वायरस के कुनवे से

सिर्फ ढाई साल में कोरोना वायरस का एक पूरा कुनवा तैयार हो गया है। इसके कई नए सदस्य फैमिली मेंबर के रूप में शामिल हुए। कोरोना वायरस को कोविड-19 नाम दिया गया है। यह कोरोना वायरस का ही एक फैमिली मेंबर है। सार्स कोविड-2, डेल्टा, ओमीक्रोन इसके नए सदस्य है। यानी ये वेरिएंट है। इनके सब वेरिएंट भी हैं। जिससे कोरोना वायरस नामक एक पूरी हवेली तैयार होती है। कोरोना वायरस के सबसे युवा सदस्य यानी वेरिएंट ओमीक्रोन है। इस ओमीक्रोन के कई वेरिएंट पैदा हो चुके हैं। जो कि चौथी लहर में आतंक मचाने के लिए कमर कस चुके हैं।

कई देशों में ओमीक्रोन से आई चौथी लहर

जिन देशों में कोरोना की चौथी लहर आ है, वहां ओमीक्रोन सबवेरिएंट BA.2 के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। यानी BA.2 को सीधे रूप से चौथी लहर का कारण माना जा रहा है। पिछले महीनों में BA.2 के अलावा कोरोना के कई वेरिएंट्स मिले हैं, जो काफी घातक हैं और तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा कि यह वेरिएंट्स चौथी लहर का कारण बन सकते हैं।

ओमीक्रोन और उसके सब वेरिएंट

ओमीक्रोन को ही BA.1 वेरिएंट कहा जाता है। यह वेरिएंट कोरोना वायरस की तीसरी लहर का मुख्य कारण रहा था। WHO ने इसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न नहीं माना था क्योंकि इसके लक्षण हल्के थे। इसके सब वेरिएंट में BA.2, BA.3, BA.4, BA.5 भी शामिल हैं। फिलहाल BA.4 और BA.5 स्टडी जारी है। माना जा रहा है कि BA.1 और BA.3 से BA.4 बना है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने XE वेरिएंट की भी चेतावनी दी है। XE वेरिएंट ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट BA.1 और BA.2 के मुकाबले 10 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। XE ओमीक्रोन के दोनों सब-वेरिएंट का हाइब्रिड है। शुरूआती रिसर्च के मुताबिक, जांच के दौरान XE वेरिएंट की पहचान करना काफी मुश्किल होता है। इसलिए इसे स्टील्थ वेरिएंट भी कहा जाता है। अब तक कोविड के तीन हाइब्रिड या रिकॉम्बिनेंट स्ट्रेन का पता चला है, जिसमें से पहला- XD, दूसरा- XF और तीसरा- XE है। इनमें से पहले और दूसरे वेरिएंट डेल्टा और ओमीक्रोन के कॉम्बिनेशन से पैदा हुए हैं, जबकि तीसरा ओमीक्रोन सबवेरिएंट का हाइब्रिड स्ट्रेन है।

पूरी दुनिया कोरोना की चपेट में

साल 2019 के अंत में चीन में इस वायरस का फैलना शुरू हुआ। साल 2020 के शुरुआती तीन महीने में ही इस वायरस ने लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। यानी करीब 6 महीने के अंदर इस वायरस ने दुनिया को मुट्ठी में कर लिया।

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