गुरू साहिब की बेअदबी, बहबल कलां गोली कांड, वजीफा और माफिया राज के खिलाफ कैप्टन सरकार ने सिर्फ खानापूर्ति कर लोगों को देते आए हैं धोखा

चंडीगढ़, 12 मई

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता और पंजाब विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लोगों के साथ किए वायदे पूरे नहीं किये। अब सरकार के मंत्री और विधायक अपनी सरकार की नाकामी छुपाने के लिए एक दूसरे पर आरोप लगा कर  लोगों के आंखों में धूल झोंकने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी के चल रहे अंदरूनी कलेश के संदर्भ में जारी एक बयान के द्वारा हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने पंजाब और प्रदेश के लोगों को अनदेखा कर दिया है। आज प्रदेश में कोरोना के कहर के साथ-साथ नशा माफिया, केबल माफिया, रेत माफिया, शराब माफिया और जमीन माफिया बिना किसी डर भय के काम कर रहा है। जब कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 की विधान सभा चुनाव के दौरान श्री गुटका साहिब की कसम खाई था कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर माफिया राज खत्म कर दिया जायेगा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और सिक्खों के कातिलों को सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मालवा की धरती पर श्री गुटका साहिब की कसम खाई था तो उस समय वहां कांग्रेसी नेता भी उपस्थित थे, जो आज कांग्रेस सरकार में मंत्री और विधायक बने हुए हैं। यह मंत्री और विधायक चार सालों से चुप बैठे रहे और अब जब पंजाब की विधान सभा का चुनाव नजदीक आ गया तो वह अपनी साख बचाने के लिए फोकी बयानबाज़ी और मीटिंगों का नाटक करने लगे हैं। यह नेता कोरोना महामारी के दौरान लोगों तक डाक्टरी सुविधा पहुंचाने की बजाए अपनी सत्ता बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

चीमा ने कहा कि गुरू की बेअदबी, बहबल कलां गोली कांड, वजीफा घोटाला और माफिया राज के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने सिर्फ खानापूर्ति करके लोगों को गुमराह किया है। बल्कि कांग्रेसी मंत्रियों, विधायकों और अन्य नेताओं ने माफिया राज के साथ हिस्सेदारी करके उसे सरकारी संरक्षण प्रदान की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के नौजवान आज भी कैप्टन की 20 लाख नौकरियां और किसान कर्ज माफी का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में सेहत सेवाएं न होने के कारण कोरोना वायरस प्रदेश के लोगों की जानें ले रहा है। डाक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, अध्यापक और अन्य मुलाजिम सरकार के तानाशाह फरमान से दुखी हो चुके हैं। इस लिए पंजाब के लोग कैप्टन अमरिंदर सिंह के मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेसी नेताओं से 2022 की विधान सभा चुनाव के दौरान जरूर हिसाब मांगेंगे।

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