Congress Strategy: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने आज कहा है कि कुछ अपवादों को छोड़कर कांग्रेस पार्टी हमेशा सामूहिक नेतृत्व के तहत ही चुनाव लड़ती आई है।
उन्होंने कहा कि ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैलियों में लोगों की भारी भागीदारी और 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजे इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब में कांग्रेस एक बार फिर मजबूत स्थिति में लौट रही है।
आज यहां ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अपने पिछले बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बघेल ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी अन्य कारण से नहीं लिया गया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आमतौर पर चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करती है। चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित विधायक अपना नेता चुनते हैं और अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाती है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला जातिगत कारणों या आंतरिक विभाजन को ध्यान में रखकर लिया गया था, तो बघेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर काम करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जड़ें गहराई से धर्मनिरपेक्ष हैं और यहां जाति या सांप्रदायिक तत्वों का कोई प्रभाव नहीं है। इसलिए सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किसी जाति या अन्य कारणों से नहीं लिया गया है।
इसी तरह, माघी मेले के दौरान इस वर्ष कांग्रेस द्वारा राजनीतिक सम्मेलन आयोजित न करने के सवाल पर बघेल ने कहा कि 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा माघी मेले के पवित्र अवसर पर राजनीतिक सम्मेलनों पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया था, जिसका कांग्रेस ने पूरी तरह पालन किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल ने समय-समय पर श्री अकाल तख्त साहिब का अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया है।
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि पार्टी सरकारी फंडों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कर रही है, जो कि गंभीर जांच का विषय है।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पिछले पांच दिनों के दौरान कड़ाके की ठंड के बावजूद पार्टी कार्यक्रमों को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर रविंदर दलवी, शेर सिंह गबाया सहित अन्य नेता भी मौजूद थे।








