Punjab Flood Relief Meeting : पंजाब (Punjab) में बाढ़ संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) आज एक अहम बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें राज्य के सभी विभागों के सचिव (Secretaries) और जिला उपायुक्त (Deputy Commissioners) शामिल होंगे। बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें अब तक हुए राहत कार्यों, बाढ़ से हुए नुकसान और भविष्य की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अस्पताल से छुट्टी के बाद सीएम की सक्रियता : मुख्यमंत्री भगवंत मान को 6 दिन बाद गुरुवार को मोहाली (Mohali) स्थित फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) से छुट्टी मिली। शाम 4:35 बजे अस्पताल से बाहर निकलते समय उन्होंने लोगों का अभिवादन किया और सीधे चंडीगढ़ (Chandigarh) स्थित अपने आवास पहुंचे। घर लौटते ही उन्होंने अधिकारियों से तुरंत राहत कार्यों की जानकारी मांगी और अगले ही दिन उच्च स्तरीय बैठक बुला ली।
बैठक का एजेंडा : इस बैठक में बाढ़ प्रभावित जिलों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाएगा। चर्चा का मुख्य बिंदु होगा कि कितनी कृषि भूमि (Agricultural Land) बाढ़ से प्रभावित हुई है, कितने लोग बेघर हुए हैं और अब तक कितनी मदद पीड़ितों तक पहुंच पाई है। इसके साथ ही भविष्य में बाढ़ से बचाव के लिए राज्य सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं और किन क्षेत्रों में और बंदोबस्त की जरूरत है, इस पर भी बात होगी।
सीएम की तबीयत और अस्पताल में भर्ती : मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत 3 सितंबर को अचानक बिगड़ गई थी। एक दिन पहले यानी 2 सितंबर को वह बाढ़ प्रभावित फिरोजपुर (Ferozepur) क्षेत्र का दौरा कर लौटे थे। 4 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) उनसे चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास पर मिलने पहुंचे थे। हालांकि इसके बाद मान ने केजरीवाल के साथ प्रस्तावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे को रद्द कर दिया।
5 सितंबर की शाम को स्वास्थ्य में गिरावट आने के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसी कारण राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक भी टालनी पड़ी थी। गुरुवार को स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और अब वह फिर से सक्रिय रूप से प्रशासनिक कामकाज संभाल रहे हैं।
पंजाब में हालिया समय में भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। फसलें डूब गईं, घरों को नुकसान हुआ और हजारों लोग बेघर हो गए। सरकार की कोशिश है कि प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास का काम तेजी से किया जाए। मुख्यमंत्री का यह कदम दिखाता है कि स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलों के बावजूद वह बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।








