Punjab Flood Relief: पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) अस्पताल से वापसी के ठीक अगले दिन पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आए। उन्होंने शुक्रवार को बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की और प्रभावित लोगों के लिए 45 दिनों के भीतर मुआवज़ा देने का संकल्प लिया। सीएम ने स्पष्ट किया, “जब तक किसानों को मुआवज़ा नहीं मिल जाता, न मैं चैन से बैठूंगा, न अधिकारियों को बैठने दूंगा।”
ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਵਿਖੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸਾਹਿਬਾਨਾਂ ਨਾਲ ਵੀਡੀਓ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੇ ਜ਼ਰੀਏ ਅਤੇ ਸੈਕਟਰੀ, ਚੀਫ ਸੈਕਟਰੀ ਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਰਿਹਾਇਸ਼ 'ਤੇ ਹਾਈ ਲੈਵਲ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ। ਹੜ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਅਤੇ ਕੁਦਰਤੀ ਆਫ਼ਤ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵਿਚਾਰ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ।
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— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 12, 2025
किसानों और पीड़ितों के लिए बड़े ऐलान : बैठक में मुख्यमंत्री मान ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जिन इलाकों से पानी उतर चुका है, वहाँ तुरंत गिरदावरी (Girdawari) यानी नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि 16 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हो जाएगी और दीवाली के आसपास लोगों को मुआवज़े के चेक बांट दिए जाएंगे।
उन्होंने मुआवज़े की राशि में भी भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। फसल खराब होने पर अब 20,000 रुपये प्रति एकड़ दिए जाएंगे। जिन घरों को नुकसान हुआ है, उन्हें SDRF के 6,800 रुपये के नियम के बजाय, सरकार अपनी ओर से राशि मिलाकर कम से कम 40,000 रुपये देगी। यहाँ तक कि जिन घरों की छतों से पानी टपक रहा है, उन्हें भी नुकसान की श्रेणी में गिना जाएगा। पशुधन के नुकसान पर भी मुआवज़ा बढ़ाया गया है; गाय या भैंस के बह जाने पर 37,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह बैठक हाल ही में पंजाब में मानसून की भारी बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के संदर्भ में हुई है। राज्य की प्रमुख नदियों, जैसे सतलुज (Sutlej) और ब्यास (Beas) में उफान के कारण कई जिले जलमग्न हो गए थे। इस आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ, हज़ारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई और अनगिनत घर तबाह हो गए। सरकार और कई सामाजिक संस्थाएं तब से लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला : सीएम मान ने इस मुश्किल समय में राजनीति करने वालों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “अब लोग कह रहे हैं कि बाढ़ भगवंत मान लाया है, क्या मैं हिमाचल (Himachal) में पहाड़ तोड़ कर आया हूँ?” उन्होंने खुद को ‘मुख्यमंत्री’ की जगह ‘दुखमंत्री’ बताते हुए कहा कि पंजाब का दुख उनका अपना दुख है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सामने उनकी आलोचना करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) और रवनीत बिट्टू (Ravneet Bittu) पर निशाना साधा। सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) के 1 लाख लोगों को बीज देने के वादे पर तंज कसते हुए उन्होंने पुराने बीज घोटाले की जांच की याद दिलाई। उन्होंने एसजीपीसी (SGPC) से भी सवाल किया कि वह संगत के पैसे के बजाय अपने निजी फंड से क्या मदद दे रही है।
जाखड़ का सरकार पर पलटवार : दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री मान के 60,000 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग को “मजाकिया” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह आंकड़ा अचानक कहाँ से आया, जबकि RDF का केवल 8,000 करोड़ रुपये बकाया है। जाखड़ ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि राज्य के मंत्री और अधिकारी प्रधानमंत्री के सामने मुआवज़े को लेकर अलग-अलग आंकड़े (13,000 करोड़ और 20,000 करोड़) पेश कर रहे थे, जिससे सरकार की गंभीरता पर सवाल उठता है।








