अमृतसर (Amritsar), 14 जनवरी (The News Air): पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान (Sardar Bhagwant Singh Mann) ने आज श्री अमृतसर साहिब में कवि सुरजीत पातर (Surjit Patar) की याद में आयोजित प्रोग्राम में शिरकत की। यह कार्यक्रम गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) में आयोजित किया गया था, जहां राज्य के कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
इस मौके पर सीएम मान ने कवि सुरजीत पातर के नाम पर यूनिवर्सिटी में एक एथिकल एआई सेंटर बनाने की घोषणा की। उन्होंने इस सेंटर को पंजाबी साहित्य और संस्कृति के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह उनकी सरकार की जिम्मेदारी है कि वे सुरजीत पातर जैसे महान कवि की विरासत को सहेजें।
सीएम मान ने साझा किए पातर साहिब से जुड़े अनुभव : सीएम भगवंत मान ने प्रोग्राम के दौरान सुरजीत पातर के साथ बिताए अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए कहा: “1993 में जब मैंने लुधियाना (Ludhiana) में कला के क्षेत्र में करियर बनाने की शुरुआत की, तब पातर साहिब से अकसर मुलाकात होती थी। उनकी कविताओं ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और मुझे प्रेरणा दी। उनकी रचनाओं में वह हर चीज मिलती थी, जो एक इंसान को अपने जीवन में चाहिए।”
सुरजीत पातर सेंटर: भविष्य की योजना : सीएम मान ने घोषणा की कि GNDU यूनिवर्सिटी (GNDU University) में “सुरजीत पातर एथिकल एआई सेंटर” बनाया जाएगा। इस सेंटर का उद्देश्य पंजाबी भाषा और संस्कृति को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रेरित करना होगा।
- सेंटर में पंजाबी साहित्य की पढ़ाई और शोध के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी।
- सुरजीत पातर यादगार अवॉर्ड की शुरुआत की जाएगी, जो नए शायरों को सम्मानित करेगा।
सीएम ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत योजना बनाने की अपील की और आश्वासन दिया कि सरकार इस पर तेजी से काम करेगी।
सुरजीत पातर का योगदान : सुरजीत पातर (Surjit Patar) पंजाबी साहित्य के एक स्तंभ थे। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से पंजाबी बोली और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनकी रचनाएं इंसानी भावनाओं, समाज और प्रेम को गहराई से व्यक्त करती हैं।
संस्कृति और साहित्य को मिलेगा नया आयाम : यह सेंटर पंजाबी साहित्य को वैश्विक स्तर पर ले जाने का काम करेगा। सुरजीत पातर की रचनाएं और उनके योगदान को इस सेंटर के माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुंचाया जाएगा।
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