Mohali Encroachment Bulldozer Action मोहाली में 13 जनवरी के आदेश के बाद नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। Punjab and Haryana High Court के निर्देश पर ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ, बाजारों और सरकारी जमीन पर बने कब्जों को हटाया जा रहा है। यह कार्रवाई नगर निगम, पुलिस और गमाडा की संयुक्त टीम कर रही है और इसकी पूरी वीडियोग्राफी करवाई जा रही है।
मोहाली शहर में लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद Mohali Municipal Corporation ने बुलडोजर उतार दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से चलेगी।
कहां-कहां हो रही है कार्रवाई
नगर निगम की टीमें घरों के सामने बनी ग्रीन बेल्ट, बाजारों के बाहर किए गए कब्जे, फुटपाथों पर अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर बनाई गई पार्किंग, हेज और क्यारियों को हटा रही हैं। कई जगहों पर गेट और अस्थायी ढांचे भी तोड़े गए हैं।
13 जनवरी के आदेश के बाद शुरू हुआ एक्शन
यह पूरी कार्रवाई 13 जनवरी को Punjab and Haryana High Court द्वारा जारी आदेश के बाद शुरू की गई है। आदेश के अनुसार, नगर निगम को अतिक्रमण हटाकर उसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी है। इसी वजह से निगम ने पहले चेतावनी और सार्वजनिक नोटिस जारी किए थे।
पहले दी गई थी चेतावनी
नगर निगम ने साफ किया था कि कब्जाधारक अपने स्तर पर तुरंत अतिक्रमण हटा लें। इसके बावजूद जिन लोगों ने कब्जे नहीं हटाए, उनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन खाली करवाई जाएगी।
फेज-7 से शुरुआत, सख्त पुलिस पहरा
यह बुलडोजर एक्शन मोहाली के फेज-7 इलाके से शुरू किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस का सख्त पहरा है और हर कदम की वीडियोग्राफी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न रहे।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, ये कब्जे लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। सड़कों पर जगह कम हो रही थी, हादसों का खतरा बना रहता था और आपात स्थिति में एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड जैसे रेस्क्यू वाहन समय पर नहीं पहुंच पाते थे।
आम लोगों पर असर
इस कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर निजी इस्तेमाल के लिए निर्माण कर रखा था। वहीं, आम नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट खाली होने से आवाजाही और सुरक्षा बेहतर होगी।
विश्लेषण
हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई यह मुहिम दिखाती है कि प्रशासन अब अतिक्रमण के मामलों में कोई ढील देने के मूड में नहीं है। वीडियोग्राफी और पुलिस निगरानी से साफ है कि निगम भविष्य में किसी भी कानूनी चुनौती से बचना चाहता है। यह कार्रवाई केवल तोड़फोड़ नहीं, बल्कि शहर की योजना और सुरक्षा को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश भी है।
जानें पूरा मामला
मोहाली में नगर निगम, पुलिस और GMADA की संयुक्त टीम ने हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। जब तक सभी अतिक्रमण नहीं हट जाते, तब तक यह कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।








