Cholamandalam Investment and Finance Co ने QIP के जरिए 4,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया है। इस मामले में सलाह देने के लिए उसने 3 बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया है। कंपनी तेज ग्रोथ हासिल करना चाहती है। इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। चोलामंडलम इनवेस्टमेंट के शेयरों में बीते छह महीनों में करीब 39 फीसदी उछाल आया है। यह मुरुगप्पा समूह की कंपनी है। कंपनी का क्यूआईपी सितंबर में आने की उम्मीद है।
इस बारे में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, “बाजार की स्थितियों पर क्यूआईपी का समय निर्भर करेगा। हालांकि, इसके सितंबर में लॉन्च होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी का यही प्लान है। इनवेस्टमेंट बैंक्स कोटक महिंद्रा कैपिटल, IIFL Capital और एचएसबीसी सिक्योरिटीज से इस बारे में बात हुई है। इस बारे में काम शुरू हो चुका है।” मामले से जुड़े चार दूसरे लोगों ने क्यूआईपी के लिए बैंकर्स के सिंडिकेट की पुष्टि की। उन्होंने सितंबर की टाइमलाइन के बारे में भी बताया।
एक सूत्र ने बताया, “कंपनी ने कई सेगमेंट्स में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ देखी है। यह नए वर्टिकल्स में उतरना चाहती है। कंपनी को आगे काफी मौके दिख रहे हैं। खासकर यह दूसरे लोन को क्रॉस-सेल करने के लिए अपने मुख्य फाइनेंस वर्टिकल का इस्तेमाल करना चाहती है। फंड जुटाने का काम सितंबर से पहले पूरा हो सकता है।” एक दूसरे सूत्र ने बताया कि एनबीएफसी सेक्टर में काफी मौके दिख रहे हैं। कई एनबीएफसी के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। कई एनबीएफसी आईपीओ पेश करने का भी प्लान बना रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी का आईपीओ सितंबर या एक्टूबर की शुरुआत में आ सकता है।
चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस ने इस बारे में ईमेल से पूछ गए सवाल के जवाब में 2 अगस्त, 2023 को मनीकंट्रोल को कंपनी के सीएफओ और प्रेसिडेंट अरुल सेलवन के इंटरव्यू का हवाला दिया। CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में सेलवन ने कहा था कि हम तेज ग्रोथ देख रहे हैं। हमें अपने CAR को बनाए रखने की जरूरत है। इसके लिए हम 4,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहते है, जिसके लिए बोर्ड का एप्रूवल मिल गया है।
उन्होंने कहा, “4000 करोड़ रुपये का फंड का कुछ हिस्सा शेयरों और कुछ कनवर्टिबल इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए जुटाया जाएगा। हम इस बारे में बैंकर्स से चर्चा शुरू करेंगे। अगले कुछ हफ्तों में हमें इस प्रोसेस और इसके समय के बारे में ज्यादा जानकारी मिल जाएगी। अगर मार्केट में स्थितियां बेहतर रहती हैं तो हम अगले रिजल्ट से पहले पैसे जुटा सकते हैं। इस बारे में निवेशकों की दिलचस्पी और प्राइसिंग के बीच तालमेल जरूरी है।”








