Chhatbir Zoo Tiger Cubs Named: पंजाब (Punjab) के छत्तबीर चिड़ियाघर (Chhatbir Zoo) में गुरुवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक (Lal Chand Kataruchak) ने बाघिन गौरी से जन्मीं तीन मादा शावकों का नामकरण किया। इन तीनों बच्चियों के नाम गरिमा, गुंजन और ग़ज़ल रखे गए हैं। ये तीनों शावक पिछले साल 5 नवंबर को जन्मे थे और अब इनकी उम्र तीन महीने से अधिक हो चुकी है। इस नामकरण समारोह के साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
इन तीनों शावकों में से दो का रंग सफेद (व्हाइट टाइगर) और एक का रंग सामान्य भूरा (ब्राउन) है। फिलहाल इनकी देखभाल विशेष रूप से की जा रही है और तीन महीने की उम्र पूरी होने के बाद अब इन्हें जल्द ही एक बड़े बाड़े (एनक्लोजर) में छोड़ दिया जाएगा, जहां आम जनता भी इनके दीदार कर सकेगी।
बाघिन गौरी की तीनों बच्चियों का नामकरण
बाघिन गौरी के लिए यह तीसरा प्रसव था और उसने तीन स्वस्थ मादा शावकों को जन्म देकर चिड़ियाघर प्रशासन को खुशी दी थी। नामकरण समारोह में पहुंचे मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बच्चियों को स्नेह से देखा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार (Punjab Government) वन्यजीवों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। चिड़ियाघर में बाघों के लिए बेहतर माहौल और उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
सोशल मीडिया से मिलेगी नई पहचान
वन्यजीवों की देखभाल और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से, वन मंत्री ने छत्तबीर चिड़ियाघर के आधिकारिक फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट भी लॉन्च किए। उन्होंने सोशल मीडिया को वन्यजीवों और प्रकृति संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए आशा व्यक्त की कि इससे राज्य सरकार के प्रयासों की पहुंच और व्यापक होगी। अब लोग इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए चिड़ियाघर में रहने वाले जीवों की दैनिक गतिविधियों, उनके स्वास्थ्य और अन्य जानकारियों से जुड़ सकेंगे।
चिड़ियाघर का 50वां स्थापना दिवस
इस मौके पर मंत्री लाल चंद कटारूचक ने एक और अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले अप्रैल महीने में छत्तबीर चिड़ियाघर के 50 वर्ष (गोल्डन जुबली) पूरे हो जाएंगे। विभाग द्वारा इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य रूप से मनाने पर विचार किया जा रहा है। इस अवसर पर कई विशेष कार्यक्रमों के आयोजन की योजना है, जिससे आम लोगों को वन्यजीवों के बारे में और अधिक जानने और उनके करीब आने का मौका मिलेगा।
विश्लेषण: वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम
छत्तबीर चिड़ियाघर में बाघ के तीन स्वस्थ शावकों का जन्म और उनका नामकरण न सिर्फ चिड़ियाघर के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पंजाब में वन्यजीव संरक्षण के बढ़ते प्रयासों को भी दर्शाता है। वन मंत्री द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट लॉन्च करना एक दूरदर्शी कदम है, जिससे युवा पीढ़ी इन जीवों से जुड़ सकेगी और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक होगी। चिड़ियाघर की 50वीं वर्षगांठ पर होने वाले समारोह से भी वन्यजीवों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी और यह चिड़ियाघर को एक नई पहचान देगा।
मुख्य बातें (Key Points)
छत्तबीर चिड़ियाघर (Chhatbir Zoo) में बाघिन गौरी से जन्मीं तीन मादा शावकों के नाम गरिमा, गुंजन और ग़ज़ल रखे गए।
ये तीनों शावक 5 नवंबर 2025 को जन्मे थे, जिनमें दो सफेद और एक भूरे रंग का है।
वन मंत्री लाल चंद कटारूचक (Lal Chand Kataruchak) ने चिड़ियाघर के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट लॉन्च किए।
चिड़ियाघर अप्रैल में अपना 50वां स्थापना दिवस (गोल्डन जुबली) मनाने जा रहा है।
नामकरण के बाद अब चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है।








