Chandigarh Shooting की एक दहला देने वाली घटना ने बुधवार को पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में 31 साल के प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह की जिम से बाहर निकलते ही बाइक सवार दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने करीब से फायरिंग करते हुए कम से कम 8 गोलियां दागीं। चरणप्रीत को बांह और धड़ में कई गोलियां लगीं और वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर गिर गया। साथियों ने उसे पीजीआईएमईआर (PGIMER) ले जाने की कोशिश की लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात चंडीगढ़ प्रशासन के दफ्तरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कार्यालय से बेहद कम दूरी पर हुई।
कैसे हुई Chandigarh Shooting: जिम से गाड़ी तक पहुंचते ही बरसीं गोलियां
Chandigarh Shooting की घटना बुधवार को उस वक्त हुई जब चरणप्रीत सिंह जिम में वर्कआउट करके बाहर निकला और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठने लगा। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो हमलावर मोटरसाइकिल पर पहुंचे और बेहद करीब से चरणप्रीत पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने कम से कम 8 गोलियां दागीं जो चरणप्रीत की बांह और धड़ के कई हिस्सों में लगीं।
चश्मदीदों के मुताबिक गोलियां लगते ही चरणप्रीत ड्राइवर सीट पर लुढ़क गया। उसके साथियों ने तुरंत उसे PGIMER ले जाने की कोशिश की लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक खून बहने से उसकी जान चली गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से 5 से अधिक खाली कारतूस बरामद किए हैं।
हाई सिक्योरिटी जोन में वारदात: सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
Chandigarh Shooting ने इसलिए भी गंभीर चिंता पैदा की है क्योंकि यह वारदात शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक में हुई। सेक्टर 9 में चंडीगढ़ प्रशासन के दफ्तर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कार्यालय स्थित है। इतने संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े बाइक सवार हमलावरों का खुलेआम फायरिंग करना और आराम से फरार हो जाना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जब प्रशासनिक और पुलिस मुख्यालय की नाक के नीचे इस तरह की हिंसक वारदात हो सकती है तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो जाती है। पुलिस की विश्वसनीयता और चंडीगढ़ के “सबसे सुरक्षित शहर” के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस को शक: प्रॉपर्टी विवाद और पुरानी दुश्मनी हो सकती है वजह
Chandigarh Shooting की जांच में जुटी पुलिस की शुरुआती पूछताछ से संकेत मिल रहे हैं कि चरणप्रीत सिंह को पहले भी धमकियां मिली थीं। इससे यह टार्गेट किलिंग होने की आशंका और मजबूत हो गई है। जांचकर्ता प्रॉपर्टी विवादों और रियल एस्टेट कारोबार में प्रतिद्वंद्विता से जुड़े कोणों की गहराई से जांच कर रहे हैं।
प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार कई बार विवादों और दुश्मनी को जन्म देता है और चरणप्रीत सिंह के मामले में भी पुलिस इसी दिशा में तफ्तीश कर रही है। हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
एक दिन पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में भी चली थीं गोलियां
Chandigarh Shooting की यह वारदात ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी के कैंपस में भी गोलीबारी हुई थी। बॉटनी विभाग की पार्किंग के पास बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने दो राउंड फायर किए जिनका निशाना स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) से जुड़े छात्र नेता जशनदीप सिंह जवांडा उर्फ जशन जवांडा थे।
जशन जवांडा बाल-बाल बचे क्योंकि गोलियां या तो उनसे चूक गईं या हवा में फायर की गईं। यह घटना यूनिवर्सिटी के वार्षिक छात्र उत्सव ‘झंकार’ के दौरान हुई जो कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया जा रहा था। जांचकर्ताओं को शक है कि यह हमला छात्र गुटबाजी या गैंग से जुड़े तनाव का नतीजा हो सकता है। बाद में बंबीहा गैंग के सदस्यों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।
पुलिस ने यूनिवर्सिटी से भी खाली कारतूस बरामद किए हैं और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण शुरू कर दिया है। हमलावर मौके से फरार हो गए और शक है कि फरार होते वक्त उन्होंने पास के सेक्टर से एक और गाड़ी छीनी।
24 घंटे में दो गोलीबारी: चंडीगढ़ की सुरक्षा पर गहराते सवाल
Chandigarh Shooting और पंजाब यूनिवर्सिटी फायरिंग, दोनों घटनाएं मिलाकर देखें तो 24 घंटे के अंदर चंडीगढ़ में दो अलग-अलग गोलीबारी की वारदातें हुई हैं। दोनों ही वारदातें ऐसे इलाकों में हुई हैं जिन्हें सुरक्षित माना जाता है। एक घटना प्रशासनिक और पुलिस मुख्यालय के पास हुई और दूसरी यूनिवर्सिटी कैंपस में जहां छात्र उत्सव चल रहा था।
यह लगातार हो रही हिंसक वारदातें शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। चंडीगढ़ जिसे देश के सबसे नियोजित और सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, वहां बेखौफ अपराधियों का इस तरह दिनदहाड़े गोलियां चलाना और फरार हो जाना बेहद चिंताजनक है। पुलिस पर अब दोनों मामलों को जल्द सुलझाने और अपराधियों को पकड़ने का भारी दबाव है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में 31 साल के प्रॉपर्टी डीलर चरणप्रीत सिंह की जिम से बाहर निकलते ही बाइक सवार दो हमलावरों ने 8 गोलियां मारकर हत्या कर दी, PGIMER ले जाते वक्त रास्ते में मौत हुई।
- वारदात SSP ऑफिस और चंडीगढ़ प्रशासन के दफ्तरों से कुछ ही दूरी पर हुई, पुलिस प्रॉपर्टी विवाद और पुरानी दुश्मनी के कोण से जांच कर रही है, चरणप्रीत को पहले भी धमकियां मिली थीं।
- एक दिन पहले पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में भी छात्र नेता जशन जवांडा पर गोलीबारी हुई थी, बंबीहा गैंग ने जिम्मेदारी ली।
- 24 घंटे में दो गोलीबारी की वारदातों ने चंडीगढ़ की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है।








