Chandigarh Mayor Election 2026: चंडीगढ़ में 29 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए वोटिंग होने जा रही है। इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। INDIA ब्लॉक के तहत 2024 में दोनों पार्टियां साथ आई थीं, लेकिन इस गठबंधन से AAP के मुकाबले कांग्रेस को कहीं ज्यादा फायदा हुआ।
AAP की मदद से कांग्रेस ने न केवल 10 साल बाद चंडीगढ़ में अपना सांसद बनवाया, बल्कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद भी अपने नाम किए। AAP को मेयर की कुर्सी के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा।
2021 निगम चुनाव: AAP सबसे बड़ी पार्टी बनी
दिसंबर 2021 में हुए निगम चुनाव के नतीजे:
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| AAP | 14 (सबसे बड़ी) |
| BJP | 12 |
| कांग्रेस | 8 |
| शिरोमणि अकाली दल | 1 |
| कुल | 35 |
सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद AAP 2022 और 2023 में मेयर नहीं बना सकी।
जनवरी 2024: सबसे ड्रामेटिक मेयर चुनाव
2024 में INDIA ब्लॉक के फॉर्मूले के तहत कांग्रेस और AAP गठबंधन में मैदान में उतरीं।
वोटिंग की स्थिति:
- AAP + कांग्रेस: 20 वोट (AAP-13, कांग्रेस-7)
- BJP: 15 वोट
गठबंधन की जीत लगभग पक्की थी, लेकिन फिर शुरू हुआ ड्रामा।
क्या-क्या हुआ:
- 18 जनवरी को चुनाव की तारीख आते ही प्रिजाइडिंग ऑफिसर अनिल मसीह अस्पताल में भर्ती
- चुनाव रद्द, नई तारीख 6 फरवरी घोषित
- गठबंधन ने विरोध किया, मामला हाईकोर्ट पहुंचा
- कोर्ट के आदेश पर 30 जनवरी को चुनाव हुआ
- चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने गठबंधन के 8 वोट इनवैलिड कर दिए
- BJP के मनोज सोनकर को 16 वोट मिले, मेयर बने
- बैलेट पर कुछ लिखते हुए अनिल मसीह का वीडियो वायरल हुआ
- मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
कांग्रेस की बड़ी गलती:
मेयर पद पर हार के बाद गठबंधन ने वॉकआउट कर दिया। इससे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद BJP के खाते में गए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
- 19 फरवरी को सुनवाई से पहले रात साढ़े नौ बजे मेयर सोनकर ने अचानक इस्तीफा दिया
- 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बदला
- AAP के कुलदीप कुमार को मेयर घोषित किया
- लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर BJP के ही रहे (वॉकआउट के कारण)
लोकसभा 2024: कांग्रेस को बड़ा फायदा
INDIA ब्लॉक के तहत कांग्रेस ने मनीष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। BJP ने संजय टंडन पर दांव खेला।
गठबंधन का असर:
- अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेता प्रचार में उतरे
- मेयर चुनाव विवाद को पूरी तरह भुनाया गया
- नतीजा: मनीष तिवारी 2504 वोटों से जीते
- 10 साल बाद कांग्रेस का सांसद बना
इससे पहले कांग्रेस इसलिए हार रही थी क्योंकि AAP अपना उम्मीदवार उतार रही थी।
जनवरी 2025: कांग्रेस पर धोखे का आरोप
2025 में मेयर सीट महिला आरक्षित थी।
वोटिंग की स्थिति:
- गठबंधन: 20 वोट
- BJP: 16 वोट (पार्षद गुरबख्श रावत के शामिल होने के बाद 17)
नतीजे:
| पद | विजेता | वोट | हारा | वोट |
|---|---|---|---|---|
| मेयर | हरप्रीत कौर बबला (BJP) | 19 | प्रेम लता (AAP) | 17 |
| सीनियर डिप्टी मेयर | जसबीर सिंह बंटी (कांग्रेस) | 19 | बिमला दुबे (BJP) | 17 |
| डिप्टी मेयर | तरुणा मेहता (कांग्रेस) | 19 | – | – |
AAP का आरोप: तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की, कांग्रेस ने धोखा दिया।
गठबंधन का फायदा: कौन कितना कमाया?
कांग्रेस को मिला:
- 10 साल बाद लोकसभा सांसद (2024)
- सीनियर डिप्टी मेयर पद (2025)
- डिप्टी मेयर पद (2025)
AAP को मिला:
- मेयर पद (2024) – वो भी सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद
2026: गठबंधन टूटा, तीनों दल अलग-अलग मैदान में
AAP ने कांग्रेस की चालाकी देखते हुए गठबंधन तोड़ दिया।
इस बार की स्थिति:
- पहली बार तीनों दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे
- चुनाव सीक्रेट वोटिंग से होगा
- AAP की पार्षद सुमन शर्मा BJP में शामिल हुईं
वर्तमान वोटिंग संख्या:
| पार्टी/गठबंधन | वोट |
|---|---|
| BJP | 18 |
| AAP + कांग्रेस (अगर साथ आएं) | 18 (17 पार्षद + 1 सांसद) |
संभावित परिदृश्य:
- अगर AAP और कांग्रेस एक-दूसरे का समर्थन करें तो 18-18 की बराबरी
- टाई होने पर पर्ची से फैसला होगा
गठबंधन टूटने की असली वजह
दोनों दलों की नजर पंजाब में आने वाले चुनावों पर है:
- नगर निगम चुनाव
- विधानसभा चुनाव
पंजाब कांग्रेस इकाई के नेता शुरू से ही गठबंधन का विरोध कर रहे थे। चंडीगढ़ में AAP को बार-बार नुकसान होने से उनका भी धैर्य जवाब दे गया।
आगे क्या होगा?
माना जा रहा है कि:
- कांग्रेस मेयर पद से नामांकन वापस ले सकती है
- AAP सीनियर डिप्टी व डिप्टी मेयर पद से नामांकन वापस ले सकती है
- दोनों एक-दूसरे के उम्मीदवारों को वोट दे सकती हैं
अगर ऐसा हुआ तो BJP के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- कांग्रेस को बड़ा फायदा: 10 साल बाद सांसद, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बनाए
- AAP को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा: एक बार मेयर बनने के लिए भी कोर्ट का सहारा लेना पड़ा
- 2025 में क्रॉस वोटिंग: AAP ने कांग्रेस पर धोखे का आरोप लगाया
- गठबंधन टूटा: 2026 में तीनों दल अलग-अलग मैदान में
- 18-18 की बराबरी संभव: अगर दोनों दल साथ आए तो टाई हो सकती है








