Flexi Ticket Policy को लेकर चंडीगढ़ में सिनेमा देखने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन अप्रैल महीने से फ्लेक्सी टिकट नीति लागू करने की तैयारी में है। इस नीति के तहत अब फिल्मों की डिमांड और दर्शकों की संख्या के हिसाब से सिनेमा टिकट के दाम कम या ज्यादा किए जा सकेंगे। यह व्यवस्था पहली बार चंडीगढ़ में लागू हो रही है, जबकि ट्राईसिटी के अन्य शहरों में यह पहले से मौजूद है।
अप्रैल से लागू होगी नई टिकट व्यवस्था
प्रशासन ने सिनेमा टिकट रेट से जुड़ी नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे लेकर आबकारी विभाग से सुझाव मांगे गए हैं। गृह सचिव स्तर पर भी कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही अप्रैल से फ्लेक्सी टिकट नीति को लागू कर दिया जाएगा।
अब साल में दो बार वाली सीमा खत्म
अब तक चंडीगढ़ में सिनेमा हॉल संचालकों को साल में सिर्फ दो बार ही टिकट के रेट बढ़ाने या घटाने की अनुमति थी। नई नीति लागू होने के बाद यह सीमा समाप्त हो जाएगी। अब सिनेमा मालिक वीकेंड, त्योहारों और फिल्मों की लोकप्रियता के अलावा आम दिनों में भी दर्शकों की संख्या के अनुसार टिकट के दाम तय कर सकेंगे।
दर्शकों को राहत, हॉल मालिकों को लचीलापन
सिनेमा हॉल संचालकों का कहना है कि आम दिनों में दर्शक कम होते हैं, ऐसे में टिकट सस्ते करने की जरूरत होती है, लेकिन पुराने नियम इसकी इजाजत नहीं देते थे। फ्लेक्सी टिकट नीति से अब दर्शकों को सस्ते टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और हॉल मालिक खाली सीटें भर सकेंगे।
18 फीसदी GST से बढ़ेगा प्रशासन का राजस्व
प्रशासन के मुताबिक अभी वीकेंड और सामान्य दिनों में टिकट के दाम लगभग एक जैसे रहते हैं। फ्लेक्सी नीति लागू होने के बाद रेट कैपिंग हटेगी और हर बिके टिकट पर मिलने वाला 18 फीसदी जीएसटी सीधे राजस्व में इजाफा करेगा। प्रशासन का मानना है कि टिकट बिक्री बढ़ने से कमाई घटेगी नहीं, बल्कि बढ़ेगी।
एयरलाइन और शताब्दी जैसा सिस्टम
नई नीति के तहत सिनेमा टिकटों का सिस्टम एयरलाइंस और शताब्दी ट्रेनों की तर्ज पर होगा, जहां किराया मांग के अनुसार तय होता है। अभी सभी फिल्मों के टिकट रेट लगभग समान रहते हैं, लेकिन आगे चलकर फिल्म की लोकप्रियता और दर्शकों की रुचि के अनुसार अलग-अलग कीमतें तय की जा सकेंगी।








