CBSE Class 10 Math Exam Analysis के शुरुआती रुझान सामने आ गए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10 की गणित परीक्षा आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। स्कूल प्रिंसिपल और विषय विशेषज्ञों के मुताबिक, स्टैंडर्ड और बेसिक दोनों स्तरों के पेपर एनसीईआरटी पर आधारित थे, लेकिन छात्रों की प्रतिक्रिया और कठिनाई के स्तर में साफ अंतर देखा गया।
मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रिंसिपल डॉ. अलका कपूर ने बताया कि स्टैंडर्ड गणित का पेपर संतुलित और छात्र-अनुकूल था, जबकि बेसिक गणित का पेपर अपेक्षाकृत कठिन और लंबा था। आइए जानते हैं पूरा विश्लेषण।
गणित (स्टैंडर्ड) का पेपर: संतुलित और छात्र-अनुकूल
डॉ. अलका कपूर ने बताया कि गणित (स्टैंडर्ड) का पेपर अच्छी तरह से संरचित और संतुलित था। इसमें सभी निर्धारित विषयों को उचित भारांक के साथ शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, “केस स्टडी के सवाल एनसीईआरटी अवधारणाओं पर आधारित थे और बहुविकल्पीय प्रश्न अलग-अलग क्षमताओं के छात्रों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। पेपर लंबा नहीं था, जिससे छात्र निर्धारित समय में इसे आसानी से पूरा कर सके। कुल मिलाकर यह पेपर छात्र-अनुकूल रहा।”
गणित (बेसिक) का पेपर: अपेक्षाकृत कठिन और लंबा
वहीं गणित (बेसिक) के पेपर की बात करें तो इसे छात्रों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण बताया गया। डॉ. कपूर ने कहा, “गणित (बेसिक) का पेपर तुलनात्मक रूप से कठिन और लंबा था। इसमें व्यापक गणनाओं की आवश्यकता थी, जो उन छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुई जिन्होंने उच्च जटिलता से बचने के लिए बेसिक स्तर का चयन किया था। ग्राफ-आधारित प्रश्न विशेष रूप से कठिन था।”
असम के विशेषज्ञ का नजरिया
गुवाहाटी के मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में पीजीटी गणित तन्मय दास ने भी इसी तरह की राय दी। उन्होंने कहा कि बेसिक गणित की परीक्षा मध्यम कठिनाई की थी, जिसमें मौलिक अवधारणाओं और महत्वपूर्ण सोच के बीच एक उचित संतुलन था। उन्होंने बताया, “बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) काफी लंबे थे, जिनमें सावधानीपूर्वक विश्लेषण और समय निवेश की आवश्यकता थी। केस स्टडी के प्रश्न स्पष्ट और परिचित थे, जो छात्रों द्वारा अभ्यास किए गए परिदृश्यों को दर्शाते थे।”
पांच अंकों वाले प्रश्न सीधे थे, जिससे छात्र अपना ज्ञान प्रदर्शित कर सके, हालांकि वृत्तों पर एक प्रश्न ने उच्च-स्तरीय सोच की परीक्षा ली। तीन अंकों वाले प्रश्न मध्यम चुनौतीपूर्ण थे, जबकि दो अंकों वाले प्रश्न आसान और सीधे थे। दो अंकों वाले खंड में संभाव्यता के एक प्रश्न ने व्यावहारिक परिदृश्यों में अवधारणाओं को लागू करने की छात्रों की क्षमता का मूल्यांकन किया।
‘जानें पूरा मामला’
सीबीएसई कक्षा 10 की गणित परीक्षा आज देशभर में आयोजित की गई। परीक्षा दो स्तरों पर हुई – स्टैंडर्ड और बेसिक। प्रारंभिक समीक्षाओं के अनुसार, स्टैंडर्ड गणित का पेपर छात्रों के लिए आसान और संतुलित रहा, जबकि बेसिक गणित का पेपर लंबा और कठिन रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पेपर एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित थे और उन्होंने अलग-अलग क्षमताओं के छात्रों की परीक्षा ली। स्टैंडर्ड पेपर में केस स्टडी के प्रश्न सीधे थे, जबकि बेसिक पेपर में गणनात्मक प्रश्नों की अधिकता थी और ग्राफ का प्रश्न कठिन पाया गया। अब छात्र अगली परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
सीबीएसई कक्षा 10 गणित (स्टैंडर्ड) का पेपर संतुलित, एनसीईआरटी आधारित और छात्र-अनुकूल रहा।
गणित (बेसिक) का पेपर अपेक्षाकृत कठिन, लंबा और अधिक गणनाओं वाला था।
ग्राफ-आधारित प्रश्न बेसिक पेपर में विशेष रूप से कठिन पाया गया।
केस स्टडी के प्रश्न दोनों स्तरों में परिचित और स्पष्ट थे।
एमसीक्यू प्रश्न बेसिक पेपर में लंबे थे, जिसमें अधिक समय लगा।








