CBSE Board Exam 2026 Postponed — इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग की लपटें अब मध्य पूर्व के कक्षाओं तक पहुँच गई हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने रविवार, 1 मार्च 2026 को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए मध्य पूर्व के सात देशों में सोमवार 2 मार्च को होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
युद्ध की विभीषिका ने न सिर्फ देशों की सीमाओं को हिलाया है, बल्कि हजारों भारतीय छात्रों के भविष्य पर भी सीधा असर डाला है।
‘जंग ने रोकी परीक्षाएं — CBSE का बड़ा फैसला’
इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इस युद्ध की आँच जब बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक पहुँची, तो वहाँ रह रहे भारतीय परिवारों के बच्चों — जो CBSE से संबद्ध स्कूलों में पढ़ते हैं — की परीक्षाएं खतरे में पड़ गईं।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए CBSE ने बिना देरी किए फैसला लिया और 2 मार्च 2026 को इन सात देशों में निर्धारित सभी बोर्ड परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दीं।
‘कौन से देशों पर पड़ा असर?’
CBSE की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में साफ तौर पर सात देशों का नाम लिया गया है — बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।
इन सभी देशों में CBSE से मान्यता प्राप्त स्कूल हैं जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय मूल के बच्चे पढ़ते हैं। युद्ध की मौजूदा स्थिति में परीक्षा केंद्र तक जाने का जोखिम उठाना फिलहाल सुरक्षित नहीं माना गया।
‘अब आगे क्या? — 3 मार्च को होगी समीक्षा’
CBSE ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। मंगलवार, 3 मार्च 2026 को बोर्ड स्थिति की दोबारा समीक्षा करेगा और 5 मार्च के बाद होने वाली परीक्षाओं के बारे में नया फैसला सुनाएगा।
सभी प्रभावित छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूलों से लगातार संपर्क में रहें और CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें।
‘प्रैक्टिकल नहीं, सिर्फ थ्योरी में मिलेगा रीअसेसमेंट’
इस बीच CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने छात्रों के लिए एक और अहम जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि CBSE का रिजल्ट परंपरागत रूप से मई महीने में जारी होता है। रिजल्ट आने के बाद जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे केवल थ्योरी (लिखित) पेपर के लिए रीअसेसमेंट यानी पुनः मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हालाँकि, प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंकों में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा। प्रैक्टिकल के लिए पुनः मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है। रीअसेसमेंट के लिए छात्रों को अलग से आवेदन करना अनिवार्य होगा।
‘युद्ध और पढ़ाई के बीच फंसे हजारों छात्र’
यह फैसला सिर्फ एक नोटिफिकेशन नहीं है — यह उन हजारों भारतीय परिवारों की चिंता की तस्वीर है जो रोजगार के लिए मध्य पूर्व में बसे हैं और जिनके बच्चे वहाँ बोर्ड की तैयारी कर रहे थे।
जब युद्ध की आग देशों की सरहद पार करती है, तो सबसे पहले असर आम इंसान पर पड़ता है — और इस बार उस आम इंसान में हमारे देश के भविष्य यानी छात्र भी शामिल हैं। CBSE का यह कदम सराहनीय है, क्योंकि उसने परीक्षाओं से पहले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच अमेरिका के शामिल होने के बाद मध्य पूर्व में हालात और बिगड़े हैं। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनके बच्चे CBSE से संबद्ध स्कूलों में पढ़ते हैं। युद्ध की इस स्थिति में बोर्ड परीक्षाओं का स्थगित होना उन सभी परिवारों के लिए राहत की खबर है जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
मुख्य बातें (Key Points)
- CBSE ने मध्य पूर्व के 7 देशों में 2 मार्च 2026 को होने वाली 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कीं।
- प्रभावित देश: बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE।
- 3 मार्च को स्थिति की समीक्षा होगी और 5 मार्च के बाद की परीक्षाओं का फैसला होगा।
- प्रैक्टिकल परीक्षाओं में रीअसेसमेंट का कोई विकल्प नहीं — केवल थ्योरी पेपर के लिए मौका मिलेगा।








