CBI Inquiry DM Randhawa Case की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार 25 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में बड़ा कदम उठाया है। पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर DM गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या के मामले में CBI जांच की जोरदार मांग रखी। जाखड़ ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार के अपने मंत्रियों पर आरोप लग रहे हों, तो उस सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस सांसद CM के दबाव में CBI जांच की मांग से पीछे हट गए हैं।
“जब मंत्रियों पर ही आरोप हों तो निष्पक्ष जांच कहां से होगी”
CBI Inquiry DM Randhawa Case को लेकर राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए सुनील जाखड़ ने AAP सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सरकार के अपने मंत्री ही आरोपों के घेरे में हों तो उस सरकार से कोई निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे रख सकता है।
जाखड़ ने कहा कि मृतक DM रंधावा का परिवार और पंजाब की जनता CBI जांच की मांग कर रहे हैं ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि BJP राज्यपाल के पास गई और CBI जांच की औपचारिक मांग की।
“पंजाब की जनता न्याय मांग रही है, CM गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं”
CBI Inquiry DM Randhawa Case पर जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब की जनता न्याय के लिए लड़ रही है, उस वक्त मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी पार्टी नेतृत्व के लिए गुजरात में चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं। यह सरकार की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
जाखड़ ने एक और गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब मुख्य सचिव और DGP जैसे वरिष्ठ अधिकारी मोगा में एक राजनीतिक रैली में भाग लेते नजर आ रहे हैं, तो ऐसे माहौल में किसी निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना अपने आप में पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस पर भी बरसे जाखड़: “CM के दबाव में CBI मांग से पीछे हट गई”
CBI Inquiry DM Randhawa Case में सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पर भी जबरदस्त हमला किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन पंजाब में कांग्रेस ऐसे काम कर रही है जैसे वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रभाव में चल रही हो।
जाखड़ ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसदों ने पहले संसद में DM रंधावा केस में CBI जांच की मांग की थी। लेकिन जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे लिखित में मांग देने को कहा, तो कुछ कांग्रेस सांसद मुख्यमंत्री के दबाव में पीछे हट गए। जाखड़ ने कहा कि यह दिखाता है कि कांग्रेस ने AAP सरकार के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया है।
“तीन कांग्रेस सांसदों ने अभी तक नहीं दी लिखित मांग”
जाखड़ ने आगे बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के सांसदों से CBI जांच के लिए लिखित अनुरोध जमा करने को कहा था, लेकिन कांग्रेस के तीन सांसदों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता AAP के साथ मिले हुए हैं और एक होनहार अधिकारी की जान जाने जैसे संवेदनशील मामले में भी चुप बैठे हैं।
जाखड़ ने कहा कि CM के दबाव के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अब पूरी तरह AAP सरकार के सुर में सुर मिला रहे हैं। यह पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात है।
“फरीदकोट वाला केस भी CBI को दे दें CM साहब”
CBI Inquiry DM Randhawa Case पर एक सवाल के जवाब में जाखड़ ने भगवंत मान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि फरीदकोट से जुड़ा राजा वड़िंग का मामला CBI ने जांच नहीं किया, तो फिर CM साहब उस केस को भी रंधावा केस के साथ CBI को सौंप दें। इससे दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाएगी।
जाखड़ के इस बयान ने सीधे तौर पर भगवंत मान की उस दलील को पलट दिया जिसमें वे CBI जांच से बचने के लिए कांग्रेस के मामलों का हवाला दे रहे थे।
“न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी”: BJP का संकल्प
CBI Inquiry DM Randhawa Case को लेकर जाखड़ ने स्पष्ट किया कि BJP पूरे संकल्प के साथ न्याय की इस लड़ाई में डटी हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी जनप्रतिनिधियों से अपील करेगी कि वे अधिकारियों को लिखकर CBI जांच की मांग करें।
जाखड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक DM गगनदीप रंधावा को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। किसी भी राजनीतिक दबाव या सरकारी हथकंडे से BJP पीछे नहीं हटेगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे BJP के दिग्गज नेता
राज्यपाल से मिलने वाले BJP प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। इनमें अश्विनी शर्मा, इकबाल सिंह लालपुरा, सोम प्रकाश, तीक्षण सूद, मनप्रीत सिंह बादल, केवल सिंह ढिल्लों, जंगी लाल महाजन, दिनेश सिंह बब्बू, जीवन गुप्ता, सरबदीप सिंह विर्क, अनिल सरीन, परमिंदर सिंह ब्रार, हरविंदर सिंह संधू, हरजीत सिंह, अमरपाल सिंह बोनी, राजबीर शर्मा और विनीत जोशी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इतने बड़े और वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल का राज्यपाल से मिलना यह दर्शाता है कि BJP ने DM रंधावा केस को पंजाब का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। एक तरफ AAP सरकार है जो CBI जांच से बच रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस है जो BJP के मुताबिक CM के दबाव में चुप है, और बीच में है एक होनहार अधिकारी के परिवार का न्याय की गुहार। पंजाब की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और गरमाने के पूरे आसार हैं और BJP ने साफ कर दिया है कि वह इसे आखिरी सांस तक लड़ेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुनील जाखड़ के नेतृत्व में BJP प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलकर DM गगनदीप रंधावा केस में CBI जांच की मांग की। कहा कि AAP सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं।
- कांग्रेस पर भारी हमला: जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने पहले संसद में CBI जांच मांगी, लेकिन अमित शाह ने लिखित मांग मांगी तो तीन सांसद CM के दबाव में पीछे हट गए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग AAP के सुर में सुर मिला रहे हैं।
- भगवंत मान पर निशाना: कहा कि पंजाब न्याय मांग रहा है और CM गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं; मुख्य सचिव-DGP राजनीतिक रैलियों में दिखे, निष्पक्षता कहां।
- BJP ने कहा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। सभी जनप्रतिनिधियों से CBI जांच की लिखित मांग करने की अपील की जाएगी।








