कैप्टन बोले..नवजोत सिद्धू को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए हर संभव कुर्बानी देने को तैयार

उसके विरुद्ध मैदान में उतारुंगा मजबूत उम्मीदवार- कैप्टन अमरिंदर सिंह

-बादलों और मजीठिया के विरुद्ध कोई कार्यवाही न करने पर सिद्धू को लिया आड़े हाथों, ‘अगर कुछ करना है तो अभी करो’

-‘तीन हफ्ते पहले भी मैंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी परन्तु सोनिया गांधी के कहने पर मैंने इस पद पर काम जारी रखा

-नई सरकार में दखलअंदाजी के लिए ‘सुप्रीम सीएम सिद्धू’ और कांग्रेस एडवाइजर्स वेणुगोपाल, माखन, सुरजेवाला को लताड़ा

चंडीगढ़, 22 सितंबर (The News Air)
धाकड़ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को ऐलान किया कि वह नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री बनने से रोकने और सिद्धू से देश को बचाने के लिए हर तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सिद्धू को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रधान के खिलाफ पंजाब विधान सभा 2022 के चुनाव में अपना मज़बूत उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ‘सिद्धू’ देश के लिए खतरा हैं।

यह कहते कि वह सिफऱ् राजनीति को ऊंचे स्तर पर छोड़ेंगे, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं जीत के बाद छोडऩे के लिए तैयार था परन्तु हार के बाद कभी नहीं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने तीन हफ्ते पहले सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देने की पेशकश की थी परन्तु सोनिया गांधी ने उनको आगे जारी रखने के लिए कहा था। ‘अगर उन्होंने अब मुझे बुलाया होता और मुझे पद छोडऩे के लिए कहा होता, तो मैं उसी समय पद छोड़ देता, उन्होंने आगे कहा, ‘एक सिपाही होने के नाते, मैं जानता हूं कि मैंने अपना काम कैसे करना है और जब मुझे वापस बुलाया जाता है तो मैं निश्चित रूप से वापिस जाऊंगा।

उन्होंने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी को यहां तक कह दिया था कि वह आने वाली आगामी चुनाव का नेतृत्व करके कांग्रेस को जीत दिलाने के बाद किसी दूसरे नुमाइंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भी तैयार हैं, परन्तु इस तरह का कुछ नहीं हुआ, सो मैं आगे लड़ूंगा मुझे बताए बिना और मेरी सहमति के बिना सीएलपी की मीटिंग बुलाना मेरे लिए अपमानजनक था। उन्होंने कहा कि, ‘मैं विधायकों को गोआ या किसी जगह के लिए फ्लाइट में नहीं ले कर जाता। इस तरह मैं सरकार नहीं चलाता। मैं चालाकी नहीं करता, और गांधी बहन-भाई जानते हैं कि यह मेरा तरीका नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रियंका और राहुल (गांधी बहन-भाई) मेरे बच्चों जैसे हैं। यह इस तरह खत्म नहीं होना चाहिए था। मुझे दुख लगा है। उन्होंने कहा कि गांधी बच्चे काफी गैर-तजुर्बेकार थे और उनके सलाहकार स्पष्ट तौर पर उनको गुमराह कर रहे थे।

यह दिखाते हुए कि वह अभी भी अपने राजनैतिक विकल्प खुले रख रहे हैं, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी भविष्य की रणनीति तय करने से पहले अपने दोस्तों के साथ बात कर रहे थे। ‘आप 40 साल की उम्र में बूढ़े हो सकते हो और 80 साल की उम्र में जवान हो सकते हो,’। उन्होंने स्पष्ट करते कहा कि उन्होंने अपनी उम्र को कभी भी रुकावट के तौर पर नहीं देखा।

असमर्थता के आरोपों के बारे, कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि वह सात बार विधान सभा और दो बार संसद के लिए चुने गए हैं। उन्होंने टिप्पणी करते कहा, ‘मेरे साथ कुछ सही होना चाहिए,’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस लीडरशिप ने स्पष्ट तौर पर (पंजाब में) तब्दीली करने का फ़ैसला लिया था और वह सिफऱ् एक केस बनाने की कोशिश कर रही थी।

बेअदबी और नशीले पदार्थों के मामले में उन्होंने बादलों और मजीठिया के विरुद्ध कार्यवाही नहीं कर रहे होने की शिकायतों का हवाला देते पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कानून को अपना रास्ता इख्तियार करने में विश्वास रखते हैं। ‘परन्तु अब यह लोग जो मेरे विरुद्ध शिकायत कर रहे थे वह सत्ता में हैं। माइनिंग माफिया में शामिल मंत्रियों के विरुद्ध कार्यवाही न करने के आरोपों को लेकर सिद्धू एंड कंपनी के खिलाफ चुटकी लेते हुए उन्हों ने कहा, ‘वह मंत्री अब इन नेताओं के साथ हैं!’
अब जिस तरीके से पंजाब को दिल्ली से चलाया जा रहा है, उसका मजाक उड़ाते हुए, कैप्टन अमरिंदर ने चीजों के घटने के ढंग पर हैरानी प्रकट की। इस बात की तरफ इशारा करते कि उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर, योग्यता के हिसाब से अपने मंत्रियों को नियुक्त किया था, क्योंकि वह उनमें से हर किसी की योग्यता को जानते थे, उन्होंने सवाल किया कि वेणुगोपाल या अजय माखन या रणदीप सुरजेवाला जैसे कांग्रेसी नेता कैसे फैसला कर सकते हैं कि किस मंत्रालय के लिए कौन सा मंत्री अच्छा है। ‘हमारा धर्म हमें सिखाता है कि सभी बराबर हैं। मैं लोगों को उनकी जाति के आधार पर नहीं देखता, यह उनकी कुशलता बारे है।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मामलों में दखल देने पर चुटकी लेते पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पीपीसीसी को सिर्फ और सिर्फ पार्टी के मामलों पर बोलना चाहिए। मैं सिर्फ उसकी सलाह लेता था परन्तु सरकार कैसे चलानी है यह मैं खुद देखता था परन्तु अब सिद्धू, चन्नी के आसपास दिखाई देते हैं जैसे चन्नी उनकी कठपुतली हों। जो सिद्धू अपना मंत्रालय नहीं संभाल सका वह अब कैबिनेट चला रहा है। अगर सिद्धू इसी तरह भद्दी हरकतें करता रहा तो आगामी चुनाव में कांग्रेस 9 से ऊपर सीटें नहीं जीत पाएगी।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चरणजीत चन्नी समझदार और पढ़े लिखे हैं परन्तु उनके पास गृह मामलों का कोई तजुर्बा नहीं है जो कि सबसे जरूरी है क्योंकि हमारा प्रदेश सरहदी प्रदेश है और हालात गंभीर से गंभीर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान से पंजाब आ रहे हथियार और नशा हमारे लिए खतरा हैं और सिद्धू के पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते हमारे खतरे से भी कहीं अधिक हैं।

नए मुख्यमंत्री की ओर से बिलों को माफ करने का जो ऐलान किया गया है उस पर बोलते कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चन्नी को यह फैसला लेने से पहले पूर्व वित्त मंत्री के साथ सलाह-मशवरा कर लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि पंजाब आगे जा कर एक ‘दिवालिया प्रदेश ’ न बने।

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