Budget 2025-26: शिरोमणी अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा की सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आज पिछले दस केंद्रीय बजटों में पंजाब को व्यवस्थित रूप से बाहर रखने की निंदा करते हुए जोर देते हुए कहा कि बजट 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने यां खेती और किसानों की समस्याओं यां बाढ़ राहत, नौजवानों के लिए रोजगार और उद्योगों के पुनरूद्धार के लिए धन की किसी भी चुनौती का समाधान करने का कोई उपाय नही किया गया है।
संसद में बजट पर बोलते हुए बठिंडा की सांसद ने कहा कि भले ही पंजाब ने भारत में जमीन, पानी, मजदूर और नौजवानों को संसाधन उपलब्ध कराएं है,फिर भी इसे आर्थिक गिरावट , किसान संकट, बाढ़ की तबाही और नौजवानों और ड्रग्ज के संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होने किसानों को बाढ़ राहत राशि जारी करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी बनाने, चमड़ा, खेल और कपड़ा उद्योग पर विशेष ध्यान देने के साथ एक औद्योगिक गलियारा स्थापित करके औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए एक पैकेज देने, नशा मुक्त कोष बनाने और एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की मांग की है।
बीबा हरसिमरत कौर बादल ने जोर देकर कहा कि जहां तक पंजाब का सवाल है ,‘सबका विकास’ का नारा खोखला बना हुआ है। उन्होने कहा कि भले ही पंजाब की विकास दर तेजी से घट रही है और राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में इसकी हिस्सेदारी और यहां तक कि जीडीपी अनुपात में कर्जा बढ़ गया है, फिर भी राज्य को कोई सहायता नही दी गई है।
पंजाब के खेती सेक्टर के बारे में बोलते हुए बीबा बादल ने कहा कि यह सेक्टर कर्ज और आत्महत्याओं के कारण अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। उन्होने कहा कि एमएसपी को कानूनी गारंटी बनाने के वादे को लागू नही किया गया है, जबकि साद सब्सिडी को कम कर दिया गया है और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से किसानों पर प्रतिकूल संकट पड़ने की आशंका है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को 12,500 करोड़ रूपये दिए है, जिसका उपयोग किसानों को मुआवजा देने के लिए किया जाना चाहिए, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार ने जोर देकर कहा कि किसानों के खाते में कोई भी राशि नही डाली गई है। उन्होने कहा,‘‘ केंद्रीय मंत्री 2025 में पंजाब के बारे -बार दौरे के साथ पर्यटन में राहत प्रदान कर रहे हैं, जबकि किसानों को कुछ भी नही दिया गया है।’’
यह कहते हुए कि केंद्र सरकार की कथित सुधार मुहिम पंजाब तक नही पहुंची है, बीबा बादल ने कहा कि राज्य केंद्रीय कोष में 2000 करोड़ रूपये का योगदान दे रहा है, लेकिन बदल में उसे कुछ भी नही मिल रहा है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान के साथ लगती अटारी बाॅर्डर को बंद कर दिया गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि गुजरात के समुद्री मार्ग खुले हुए हैं। उन्होने कहा कि इसी तरह से पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच शुरू हो गए है, लेकिन करतारपुर काॅरिडोर बंद है। उन्होने कहा पड़ोसी राज्य की तुलना में पंजाब को प्रोत्साहन नही दिया जा रहा, इसीलिए उद्योग वहां से पलायन कर रहा है। उन्होने यह भी बताया कि पंजाब में अनाज पिसाई और अनाज के स्थानांतरण में देरी के कारण शेलर उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है और जीएसटी नियमों के कारण दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बीबा बादल ने पंजाब में नार्को आतंकवाद से हो रहे नुकसान के बारे प्रकाश डाला ।उन्होने कहा कि देश में सबसे ज्यादा नशे के ओवरडोज से होने वाली मौतें पंजाब में हो रही हैं। उन्होने कहा,‘‘हर महीने पाकिस्तान से आने वाले औसतन 24 ड्रोन भारी मात्रा में ड्रग्ज के साथ जब्त किए जाते हैं, लेकिन ड्रग्ज सहायता योजना के तहत पंजाब को कोई धनराशि जारी नही की गई है।’’
अकाली नेता ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे पंजाब को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कुछ भी नही दिया गया, जबकि श्री गुरु रविदास जी की जयंति के अवसर पर लोगों की उपेक्षा की गई।
मुख्य बातें (Key Points)
बजट 2025-26 में पंजाब के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं।
एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग दोहराई।
बाढ़ राहत के लिए 12,500 करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचाने की मांग।
औद्योगिक कॉरिडोर और नशा मुक्ति कोष बनाने की मांग।
स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र को भी बजट में अनदेखा करने का आरोप।








