Budget 2026 Tax Expectations: बजट की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार सरकार ‘New Tax Regime’ को इतना आकर्षक बना देगी कि पुरानी व्यवस्था (Old Regime) पूरी तरह से इतिहास बन जाए? एक्सपर्ट्स का मानना है कि न्यू टैक्स रिजीम में 5 बड़े बदलाव होने की संभावना है, जो सीधे आम आदमी की जेब में पैसा डालेंगे।
‘हेल्थ और होम लोन पर मिल सकती है छूट’
फिलहाल New Tax Regime की सबसे बड़ी खामी यह है कि इसमें बीमारी और घर के खर्चों पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती। बीमारी और अस्पताल का खर्चा किसी भी टैक्स स्लैब को नहीं देखता। ऐसे में एक्सपर्ट्स की राय है कि अगर सरकार न्यू रिजीम में भी मेडिकल इंश्योरेंस और HRA (हाउस रेंट अलाउंस) क्लेम करने की सुविधा दे दे, तो इसकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ जाएगी। बढ़ते इलाज के खर्च को देखते हुए यह मिडिल क्लास के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
‘महंगाई की मार: स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की मांग’
नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) ही टैक्स बचाने का सबसे बड़ा सहारा है। लेकिन मौजूदा महंगाई में यह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। Stock Tech Capital के Vijay Maheshwari का मानना है कि महंगाई की भरपाई के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को मौजूदा लिमिट से बढ़ाकर 1 से 1.5 लाख रुपये कर देना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की ‘टेक होम सैलरी’ (Take Home Salary) में सीधा इजाफा होगा।
‘मिडिल क्लास का बोझ: घर और पढ़ाई का लोन’
एक आम मिडिल क्लास परिवार की कमाई का बड़ा हिस्सा होम लोन और बच्चों की पढ़ाई (Education Loan) की ईएमआई चुकाने में चला जाता है। अभी इनका फायदा केवल Old Regime में मिलता है। जानकारों का तर्क है कि होम लोन और एजुकेशन लोन का पूरा डेटा बैंकों के पास पहले से मौजूद है, इसलिए इसे न्यू रिजीम में शामिल करने से सिस्टम जटिल नहीं होगा, बल्कि इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और वे खुशी-खुशी नई व्यवस्था को अपनाएंगे।
‘बुजुर्गों के लिए खुलेगा राहत का पिटारा?’
सीनियर सिटीजन्स (Senior Citizens) अभी भी New Tax Regime से दूरी बनाए हुए हैं। इसका कारण यह है कि रिटायरमेंट के बाद मेडिकल खर्च बढ़ जाते हैं, लेकिन नई व्यवस्था में न तो मेडिकल खर्चों पर छूट है और न ही बेसिक एग्जम्पशन लिमिट (Basic Exemption Limit) उनके लिए ज्यादा है। बजट 2026 में पूरी संभावना है कि सरकार बुजुर्गों के लिए टैक्स स्लैब में विशेष बदलाव करे या उन्हें अतिरिक्त राहत दे, ताकि उन्हें भी नई व्यवस्था का लाभ मिल सके।
‘निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म प्लानिंग’
सिर्फ टैक्स फाइलिंग आसान करना ही काफी नहीं है, सरकार को लोगों की लंबी अवधि की प्लानिंग (Long Term Planning) का भी ध्यान रखना होगा। शेयर बाजार में भरोसा बढ़ाने के लिए एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि इक्विटी पर लगने वाले LTCG (Long Term Capital Gains) टैक्स की छूट सीमा को बढ़ाकर 2 से 3 लाख रुपये कर देना चाहिए। इससे छोटे निवेशक शेयर बाजार में और अधिक भरोसे के साथ पैसा लगा सकेंगे।
जानें पूरा मामला (Context)
सरकार पिछले कुछ वर्षों से ‘New Tax Regime’ को बढ़ावा दे रही है ताकि टैक्स सिस्टम को डिडक्शन-फ्री (Deduction-Free) और सरल बनाया जा सके। बजट 2025 में टैक्स स्लैब और रिबेट बढ़ाकर इसे ‘डिफॉल्ट चॉइस’ बना दिया गया था। लेकिन अभी भी होम लोन, मेडिकल और अन्य कटौतियों के कारण एक बड़ा वर्ग Old Regime से चिपका हुआ है। अब सरकार का लक्ष्य इन कमियों को दूर कर न्यू रिजीम को ही एकमात्र विकल्प बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
मुख्य बातें (Key Points)
Medical & HRA: न्यू टैक्स रिजीम में मेडिकल इंश्योरेंस और HRA छूट मिलने की प्रबल संभावना।
Standard Deduction: नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 1.5 लाख रुपये तक बढ़ सकता है।
Home Loan: घर और पढ़ाई के लोन पर टैक्स छूट को न्यू रिजीम में शामिल किया जा सकता है।
Date Confirmed: रविवार होने के बावजूद बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा।








