Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 में एक बार फिर सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि उसकी प्राथमिकता गरीब, किसान और ग्रामीण भारत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें लगातार बजट भाषण में ऐसी योजनाओं के लिए भारी फंड का ऐलान किया है, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
रोजगार, खेती, स्वास्थ्य और राशन – इन चार बड़े क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है। 1 फरवरी को संसद में पेश किए गए इस बजट का कुल आकार ₹53.5 लाख करोड़ है। राजकोषीय घाटा घटकर 4.3% रहने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा फंड मिला वीबी जी राम जी को
बजट 2026 में सबसे ज्यादा फंड विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) को दिया गया है। जिसे पहले मनरेगा के नाम से जाना जाता था, इस योजना को ग्रामीण इलाकों में रोजगार उपलब्ध कराने की रीढ़ माना जाता है।
सरकार ने इस योजना के लिए ₹95,692.31 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले साल इसका मूल बजट ₹86,000 करोड़ था, जिसे संशोधित अनुमान में बढ़ाकर ₹88,000 करोड़ किया गया था। इस बार रकम में साफ बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इसके अलावा इस योजना के तहत प्रोग्राम कंपोनेंट के लिए अलग से ₹600 करोड़ भी रखे गए हैं। इसका मतलब है कि गांव में सड़कों, तालाबों, जल संरक्षण और छोटे निर्माण कार्यों को और गति मिलेगी।
ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा सीधा फायदा
इस योजना से ग्रामीण मजदूरों, बेरोजगार परिवारों और गरीब तबके को सीधा रोजगार मिलेगा। साथ ही गांव की बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर होंगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय को कुल ₹1.97 लाख करोड़ का आवंटन मिला है।
यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो मौसमी मजदूरी पर निर्भर रहते हैं। साल में कम से कम 100 दिन का गारंटीशुदा रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
पीएम किसान को ₹63,500 करोड़
किसानों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को बजट 2026 में ₹63,500 करोड़ का आवंटन मिला है। यह राशि पिछले साल के बराबर ही रकखी गई है।
इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की तय राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। यह पैसा खेती से जुड़े जरूरी खर्चों जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई में मदद करता है।
किसानों को नहीं मिली राशि बढ़ोतरी
देश के करोड़ों छोटे किसान इस योजना के लाभार्थी हैं। समय पर मिलने वाली किस्त किसानों को साहूकारों पर निर्भर होने से बचाती है और खेती को आर्थिक सहारा देती है।
हालांकि, किसान संगठनों ने उम्मीद जताई थी कि इस बार सालाना राशि को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹8,000 किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फरवरी 2026 में 22वीं किस्त जारी होने की उम्मीद है।
कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए कुल ₹1.62 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल से 7% अधिक है। हालांकि फसल बीमा योजना का बजट घटाकर ₹12,200 करोड़ कर दिया गया है।
आयुष्मान भारत को मिली बढ़ोतरी
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को मजबूत करने की कोशिश की है। बजट 2026 में इस योजना के लिए ₹9,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पिछले साल यह राशि ₹9,401 करोड़ थी, जिसे संशोधित अनुमान में घटाकर ₹8,995 करोड़ कर दिया गया था। इस बार फिर इसमें 5.6% की बढ़ोतरी की गई है।
यह योजना गरीब और कमजोर परिवारों को बड़े अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। खासकर गंभीर और महंगे इलाज के मामलों में यह योजना जीवन रक्षक साबित होती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय को ₹1.06 लाख करोड़
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को कुल ₹1,06,530.42 करोड़ का आवंटन मिला है, जो पिछले साल से लगभग 10% अधिक है। इसमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹4,770 करोड़ शामिल हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार जिनके लिए इलाज का खर्च बड़ा बोझ बन जाता है, उन्हें इस योजना से सुरक्षा मिलती है। प्रति परिवार ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है।
हालांकि, सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च GDP के प्रतिशत के रूप में लगभग 2% पर स्थिर बना हुआ है।
गरीब कल्याण अन्न योजना पर ₹27,429 करोड़
खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए भारी बजट तय किया है। इस योजना पर ₹27,429 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
पिछले साल इसका बजट ₹23,000 करोड़ था, जिसे संशोधित अनुमान में बढ़ाकर ₹27,536.65 करोड़ कर दिया गया था। इस बार भी सरकार ने लगभग उसी स्तर पर खर्च बनाए रखा है।
इस योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त या बेहद सस्ता राशन मिलता है, जिससे महंगाई के दौर में पेट भरने की चिंता कम होती है।
आम लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?
गरीब मजदूर और कम आय वाले परिवार जिनकी आमदनी सीमित है, इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। ‘एक देश एक राशन कार्ड’ योजना को भी और व्यापक बनाया जा रहा है।
इस सुविधा से लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से से अपने राशन का लाभ उठा सकेंगे, जिससे खासकर प्रवासी श्रमिकों को फायदा होगा। नई व्यवस्था में बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल-टाइम डेटा अपडेट शामिल होंगे।
नई राशन कार्ड प्रणाली में पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कुछ राज्यों में पायलट परियोजनाओं के तौर पर दालें, खाद्य तेल और पौष्टिक सामग्री जोड़ने की योजना है।
जानें पूरा मामला
केंद्रीय बजट 2026-27 का मुख्य उद्देश्य महंगाई पर नियंत्रण, नए रोजगारों का सृजन और एक आधुनिक भारत की नींव रखना है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में वित्त वर्ष 2026 में 7.4% की वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
बजट में पूंजीगत व्यय को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है। उर्वरक सब्सिडी के लिए ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। इसके अलावा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भारत-विस्तार नाम का एक नया बहुभाषी AI टूल भी शुरू किया जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- बजट 2026 में वीबी जी राम जी (पूर्व में मनरेगा) को सबसे ज्यादा ₹95,692.31 करोड़ मिले।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए ₹63,500 करोड़ का आवंटन, राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं।
- आयुष्मान भारत योजना को ₹9,500 करोड़ मिले, पिछले साल से 5.6% अधिक।
- गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए ₹27,429 करोड़ का प्रावधान।








