Budget 2026 Election States: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026-27 में चुनाव वाले राज्यों के लिए कई खास प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और आसाम जैसे राज्यों के लिए कनेक्टिविटी, इंडस्ट्री और टूरिज्म पर फोकस किया गया है। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घोषणाओं को झूठ बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
पश्चिम बंगाल को मिले तीन बड़े कॉरिडोर
बजट में पश्चिम बंगाल के लिए तीन बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की गई है। ये प्रोजेक्ट्स राज्य की कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाएंगे।
पहला ऐलान – बंगाल के डंकुनी और सूरत के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह एक ऐसा रेलवे ट्रैक होगा जो सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनाया जाएगा। इससे सामान ढुलाई आसान और तेज हो सकेगी।
दूसरा ऐलान – सिलीगुड़ी को वाराणसी से जोड़ने के लिए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर पूर्वी भारत को उत्तर प्रदेश के साथ जोड़ेगा।
तीसरा ऐलान – दुर्गापुर में ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
ममता बनर्जी ने बजट को बताया झूठ
इन तीनों घोषणाओं के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बंगाल को लेकर झूठ बोला है।
ममता बनर्जी ने कहा, “यह बिल्कुल गार्बेज है, यह सब पहले से ही प्रोसेस में है। केंद्र ने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “एकमात्र GST ही एक ऐसा टैक्स है जो शेयर है। वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। वे हमें वह पैसा दे रहे हैं जो हमारा है।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “वे हमें फूड फंड नहीं दे रहे हैं, हमें केंद्र सरकार से 2 लाख करोड़ रुपये मिलने चाहिए।”
तमिलनाडु को मिले ये तोहफे
बजट में तमिलनाडु के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। पहला ऐलान तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वाचिंग ट्रेन चलाने का है। यह ट्रेन पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
दूसरा बड़ा ऐलान तमिलनाडु, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और केरला को जोड़ने के लिए समर्पित अर्थ कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री ने नारियल, काजू और कोका की उपज का भी जिक्र किया, जिससे तमिलनाडु के किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है।
केरला को मिला टर्टल ट्रेन और रेयर अर्थ कॉरिडोर
केरला को लेकर भी दो खास ऐलान हुए हैं। पहला – डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की गई है। दूसरा – कछुआ ट्रेन का विकास किया जाएगा।
यह कछुआ ट्रेन बायोडायवर्सिटी के संरक्षण और टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इस परियोजना से केरला में पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।
शशि थरूर की प्रतिक्रिया – केरला को निराशा
हालांकि, केरला के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इन घोषणाओं पर निराशा जताई है।
उन्होंने कहा, “हम कुछ भी नहीं सुन पाए, सिर्फ एक टर्टल ट्रेन के बारे में सुना। उसके अलावा रेयर अर्थ्स का भी जिक्र हुआ, लेकिन केरला के लिए कुछ नहीं सुनाई दिया।”
शशि थरूर ने आगे कहा, “ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के लिए 15 साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ।”
उन्होंने सवाल उठाया, “AIIMS का अनाउंसमेंट तो किया लेकिन बताया नहीं कि कहां? क्यों नहीं केरला में बताना चाहिए सर?”
आसाम को मिला बौद्ध सर्किट और मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट
आसाम को लेकर भी दो बड़ी घोषणाएं की गई हैं। पहला – अरुणाचल, आसाम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट को विकसित किया जाएगा।
दूसरा – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा के इलाज के लिए होगा।
बौद्ध सर्किट का मतलब भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों जैसे लुंबिनी, बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर को जोड़ने वाले रूट को विकसित करना है।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
इन घोषणाओं का असर चुनावी राज्यों के लोगों पर दिखेगा। पहले तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से रोजगार मिलेगा। दूसरा, बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
तीसरा, टूरिज्म प्रोजेक्ट्स से पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी। हालांकि, इन प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने में समय लगेगा और असली फायदा तब मिलेगा जब ये पूरे होंगे।
पृष्ठभूमि: बजट में राज्यों को तोहफे की परंपरा
चुनाव वाले राज्यों को केंद्रीय बजट में खास सौगात देने की परंपरा बहुत पुरानी नहीं है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसका चलन बढ़ा है।
सरकारें अक्सर चुनावी साल में इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, संस्थान और विशेष योजनाओं की घोषणा करती हैं। यह एक तरह से मतदाताओं को लुभाने का तरीका है।
लेकिन जब विपक्षी दलों के नेता सत्तारूढ़ दल पर हमलावर होते हैं, तो वे इन घोषणाओं को चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा बताकर खारिज करते हैं। यही इस बार भी देखने को मिल रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पश्चिम बंगाल के लिए डंकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान
- सिलीगुड़ी को वाराणसी से जोड़ने के लिए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा
- तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वाचिंग ट्रेन चलेगी
- केरला में कछुआ ट्रेन का विकास होगा
- आसाम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाएगा








