BPSC Teacher Recruitment 4.0 notification का लंबा इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (बीपीएससी) को टीचर भर्ती परीक्षा 4.0 के तहत 46 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए अधियाचना (डिमांड) प्राप्त हो गई है। बीपीएससी के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि जल्द ही इस भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और मार्च 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कितने पदों पर होगी भर्ती? जानें पूरा गणित
बीपीएससी सचिव सत्य प्रकाश शर्मा के मुताबिक, विभिन्न विभागों से प्राप्त अधियाचना के आधार पर कुल रिक्त पदों की संख्या 46 हजार से अधिक है। इनमें दो तरह के पद शामिल हैं:
शिक्षा विभाग के अंतर्गत: कक्षा 1 से 5, 6 से 8, 9-10 और 11-12 तक के लिए कुल 44,500 अध्यापक पदों पर नियुक्ति होगी।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत: इस विभाग के संचालित विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों के करीब 1,500 रिक्त पदों को भरा जाएगा।
इस तरह कुल मिलाकर 46,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।
जब एक उम्मीदवार के हाथ लग जाती थीं कई सीटें, तो हजारों रह जाते थे वंचित
बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर हमेशा से बड़ी संख्या में युवा आशा भरी नजरों से देखते हैं। लेकिन पिछली भर्तियों (टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3) में एक बड़ी खामी यह रही कि एक ही अभ्यर्थी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों स्तरों के लिए चयनित हो सकता था। इस वजह से एक उम्मीदवार के नाम पर कई सीटें आ जाती थीं, जबकि हजारों योग्य अभ्यर्थी चयन से बाहर रह जाते थे। टीआरई-4 में इस खामी को दूर करने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके।
टीआरई-4 में क्या होगा खास? एक अभ्यर्थी एक रिजल्ट का नियम
बीपीएससी ने पिछली भर्तियों में हुई गड़बड़ियों को सुधारने पर जोर दिया है। टीआरई-4 में ‘एक अभ्यर्थी एक रिजल्ट’ के नियम को लागू रखा जाएगा। इसका मतलब है कि कोई भी अभ्यर्थी अलग-अलग स्तरों (प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक) के लिए एक साथ चयनित नहीं हो सकेगा। इससे पिछली बार की खामी को दूर करने की कोशिश की जा रही है, जिसमें एक उम्मीदवार के पास कई पदों का ऑफर हो जाता था और दूसरे योग्य उम्मीदवार वंचित रह जाते थे।
महिलाओं को 35% आरक्षण जारी
बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए 35% आरक्षण की व्यवस्था को इस भर्ती में भी जारी रखा है। यानी कुल पदों में से 35% सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी। हालांकि, महिला उम्मीदवारों पर भी ‘एक अभ्यर्थी एक रिजल्ट’ का नियम लागू रहेगा।
पिछली भर्तियों का लेखा-जोखा
बीपीएससी की ओर से अब तक तीन चरणों की शिक्षक भर्ती पूरी हो चुकी है:
टीआरई-1: 1.7 लाख पदों पर भर्ती
टीआरई-2: 70,000 शिक्षक पदों पर भर्ती
टीआरई-3: कुल 87,774 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसमें से 66,603 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं।
अब टीआरई-4 के तहत 46 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ है।
आम आदमी पर क्या असर?
बिहार में शिक्षक भर्ती का सीधा असर दो तरह से पड़ता है। पहला, लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलता है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरती है। दूसरा, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने से बच्चों की पढ़ाई का स्तर बेहतर होता है। यह भर्ती प्रक्रिया सिर्फ नौकरी देने का जरिया नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को संवारने का एक बड़ा कदम है।
‘जानें पूरा मामला’
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) राज्य में शिक्षकों की भर्ती के लिए समय-समय पर परीक्षाएं आयोजित करता रहा है। टीआरई (टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन) के नाम से मशहूर इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अब तक लाखों युवाओं को नियुक्ति मिल चुकी है। हालांकि, पिछली भर्तियों में कई तरह की खामियां भी सामने आई थीं, जिनमें एक उम्मीदवार का कई स्तरों पर चयन होना प्रमुख था। टीआरई-4 में इन खामियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। अधियाचना मिलने के बाद अब नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे लेटेस्ट अपडेट के लिए बीपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
मुख्य बातें (Key Points)
बीपीएससी को टीआरई-4 के तहत 46 हजार से अधिक शिक्षक पदों की अधियाचना मिली।
शिक्षा विभाग में 44,500 और एससी/एसटी कल्याण विभाग में 1,500 पद शामिल।
मार्च 2026 से आवेदन शुरू होंगे, जल्द नोटिफिकेशन जारी होगा।
‘एक अभ्यर्थी एक रिजल्ट’ नियम लागू रहेगा, महिलाओं को 35% आरक्षण।
टीआरई-1,2 और 3 में अब तक लाखों पदों पर भर्ती हो चुकी है।








