नई दिल्ली/मुंबई (The News Air). महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई (Mumbai) में आज BMC में कोरोना घोटाले मामले में IAS ऑफिसर संजीव जैसवाल ED के समन के बाद आज पहली बार ED दफ्तर पहुंचे हैं। वहीं ED ने इस मामले में अब तक BMC कोरोना घोटाले मामले में अब तक 8 लोगो का बयान दर्ज किया है।
#WATCH | BMC COVID scam case: IAS officer Sanjeev Jaiswal reaches ED office in Mumbai. pic.twitter.com/eeCmquTB4n
— ANI (@ANI) June 30, 2023
बता दें की ED ने बीते गुरुवार को भी IAS अधिकारी संजीव जायसवाल को भी पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन वह जांच टीम के सामने नहीं पहुंचे थे। वह कोरोना काल के दौरान बीएमसी में अडिशनल कमिश्नर थे।
इसके साथ ही IAS संजीव जयसवाल के आवास पर ED ने तलाशी ली थी। जांच के दौरान ED को पता चला था कि संजीय जायसवाल की पत्नी (Sanjeev Jaiswal IAS Wife) और उनके पास 24 संपत्तियां हैं। IAS की पत्नी के नाम पर मध द्वीप पर आधा एकड़ का प्लॉट भी मिला है। इसके अलावा कई फ्लैट भी सामने आए थे। प्रॉपर्टी का मूल्य 34 करोड़ रुपये बताया गया था। इसके अलावा ED को IAS की पत्नी के नाम पर 15 करोड़ रुपये की FD भी मिली थी।
गौरतलब है कि, मुंबई के कोरोना जंबो सेंटर घोटाला केस में ED की टीम ने मुंबई में कई जगह रेड डाली थी। इस रेड में जांच एजेंसी को 150 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 50 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। इन प्रॉपर्टीज के अलावा 15 करोड़ रुपये के कई अन्य जगह हुए निवेश के कागजात भी मिले थे। ED ने सस्पेक्ट के यहां से कई एफडी और 2.46 करोड़ रुपये कीमत के आभूषण भी जब्त किए थे । साथ ही 68.65 लाख रुपये कैश भी मिले थे।
वहीँ ED ने सांसद संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर की पार्टनरशिप फर्म लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज को दिए गए ठेकों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की थी। ED के अनुसार BMC ने एक साल के अंतराल के भीतर अलग-अलग दरों पर बॉडी बैग खरीदे थे, साल 2020 में 6,800 रुपये प्रति बैग और 2021 में 600 रुपये। ED ने यह भी पाया कि बीएमसी ने खुले बाजार की तुलना में 25-30% अधिक दरों पर दवाएं खरीदीं गईं थीं।








