BJP vs Rahul Gandhi को लेकर पंजाब की राजनीति में जबरदस्त सियासी घमासान मच गया है। 4 फरवरी को संसद परिसर में हुई घटना के बाद राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने पर भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेर लिया है। जालंधर में भाजपा नेताओं ने इसे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान बताया है।
भाजपा का कहना है कि अगर पार्टी छोड़ना गद्दारी है, तो फिर अकाली दल से कांग्रेस में आए शेर सिंह घुबाया और आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आए डॉ. धर्मवीर गांधी को राहुल गांधी क्या कहेंगे। इसी सवाल को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का सीधा आरोप लगाया है।
“गद्दार” बयान पर भाजपा का सख्त विरोध
भाजपा नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा बिट्टू के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द बेहद आपत्तिजनक है। उनका कहना है कि सिख समुदाय का देश के लिए ऐतिहासिक और बलिदानी योगदान रहा है, ऐसे में इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा ने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
कांग्रेस के दोहरे मापदंड पर सवाल
भाजपा ने पूछा कि कांग्रेस यह साफ करे कि पार्टी हाईकमान की नजर में शेर सिंह घुबाया और डॉ. धर्मवीर गांधी गद्दार हैं या नहीं। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अपने फायदे के हिसाब से लोगों को अपनाती और छोड़ती है, लेकिन शब्दों का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से करती है।
चीन समझौते और 1984 के दंगों का मुद्दा
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि उनकी पार्टी का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ आखिर क्या समझौता हुआ था। साथ ही सवाल उठाया गया कि अगर कांग्रेस को सिखों से सहानुभूति है, तो 1984 के दिल्ली दंगों के दोषियों को आज तक सजा क्यों नहीं दिलाई गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दोषियों को संरक्षण दिया।
भाजपा नेताओं की एकजुट प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर हरदीप सिंह पुरी, मनजिंदर सिंह सिरसा, अरविंदर सिंह लवली, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने एक सुर में कांग्रेस की आलोचना की। नेताओं ने कहा कि श्री अकाल तख्त पर 1984 में हुआ हमला कांग्रेस की सिख विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
रवनीत सिंह बिट्टू का पलटवार
रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उन्हें गद्दार कह रहे हैं, जबकि असल में देश का नुकसान करने वाली राजनीति वही कर रहे हैं। बिट्टू ने भावुक होकर कहा कि उनके दादा सरदार बेअंत सिंह ने पंजाब में शांति के लिए अपनी जान दे दी थी और ऐसे परिवार को गद्दार कहना शहादत का अपमान है।
1984 और सिख समुदाय का सवाल
बिट्टू ने कहा कि सिखों के साथ 1984 में क्या हुआ, यह देश जानता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने सिखों के गले में टायर डालकर जलाया, वही आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। बिट्टू ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में किसी का पार्टी छोड़ना गद्दारी नहीं हो सकता।
राजनीतिक असर और पंजाब की सियासत
इस पूरे विवाद ने पंजाब की राजनीति को और गरमा दिया है। भाजपा इसे सिख सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है कि वह राहुल गांधी के बयान पर सफाई दे और माफी मांगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- राहुल गांधी के “गद्दार” बयान पर भाजपा का तीखा हमला
- भाजपा ने सिख समुदाय के अपमान का आरोप लगाया
- शेर सिंह घुबाया और डॉ. धर्मवीर गांधी को लेकर सवाल
- बिट्टू का पलटवार, 1984 और शहादत का मुद्दा उठा








