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The News Air - Breaking News - BJP New President: बांकीपुर के नितिन नबीन बने BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानें पूरा सफर

BJP New President: बांकीपुर के नितिन नबीन बने BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानें पूरा सफर

19 साल में शुरू किया राजनीतिक सफर, 45 साल की उम्र में संभाली दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की कमान

The News Air Team by The News Air Team
रविवार, 25 जनवरी 2026
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#BJP National Working President Nitin Nabin
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BJP National President Nitin Nabin: बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर से निकले नितिन नबीन आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। 14 दिसंबर 2025 को पार्टी ने सभी को चौंकाते हुए 45 साल के इस युवा नेता को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान सौंप दी। जिस नेता ने 19 साल की उम्र में राजनीति की शुरुआत की और पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, वो आज करीब 14 करोड़ सदस्यों वाली पार्टी का चेहरा बन गए हैं।


पिता के निधन ने बदल दी जिंदगी की दिशा

नितिन नबीन का जन्म 23 जनवरी 1980 को पटना में हुआ था। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा बिहार बीजेपी के एक सम्मानित नेता थे। जब नितिन 12वीं कक्षा में पढ़ रहे थे तभी उनके पिता का अचानक निधन हो गया और परिवार की जिम्मेदारी, राजनीतिक विरासत और भविष्य की अनिश्चितता एक साथ उनके कंधों पर आ गई।

यही वो मोड़ था जहां उन्होंने फैसला किया कि वह सिर्फ पढ़ाई और निजी जीवन के बारे में नहीं सोचेंगे बल्कि उस रास्ते पर चलेंगे जो उनके पिता ने शुरू किया था। नितिन नबीन की बहन बताती हैं कि पिता के जाने के बाद उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़कर पूरे घर को संभाला और बाहर की परेशानियों को कभी घर में नहीं आने दिया।


संघर्ष से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

नितिन नबीन ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही राजनीति उन्हें विरासत में दी लेकिन जिस बट वृक्ष के तहत उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ जोड़ा वो अनमोल है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने उंगली पकड़कर काम करना सिखाया और उन्हीं के बल पर वो इस मुकाम तक पहुंच पाए।

पार्टी में नितिन नबीन ने हमेशा एक साधारण कार्यकर्ता की तरह काम किया। चुनावी मौसम में पोस्टर लगाते, बैठकों में कुर्सियां लगवाते, कार्यकर्ताओं के साथ बैठते और मोहल्ले में लोगों की समस्याएं सुनते थे। धीरे-धीरे पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक ऐसे युवा के रूप में बनने लगी जो चुपचाप काम करता है और जिम्मेदारी से भागता नहीं है।


26 साल की उम्र में बने विधायक

2006 में नितिन नबीन की जिंदगी ने एक बड़ा मोड़ लिया। सिर्फ 26 साल की उम्र में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा। बिहार की राजनीति में इतनी कम उम्र में उम्मीदवार बनना और जीतना दोनों बड़ी बात थी लेकिन नितिन नबीन ने यह कर दिखाया और पहली बार विधायक बने।

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यह जीत सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं थी बल्कि यह इस बात का संकेत था कि बीजेपी में एक नया चेहरा उभर रहा है जो भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसके बाद नितिन नबीन लगातार विधानसभा चुनाव जीतते गए और बांकीपुर उनकी राजनीतिक पहचान बन गया। पांच बार के विधायक एक ही क्षेत्र से और हर बार उनके वोटों का प्रतिशत बढ़ता गया।


संगठन में तेजी से बढ़े आगे

2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्य समिति का सदस्य बनाया गया। इसके बाद वह युवा मोर्चा के सह प्रभारी बने और 2010 से 2013 तक उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया और देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठन के लिए काम किया।

2016 से 2019 तक वह युवा मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे और इस दौरान उन्होंने बिहार में बीजेपी के युवा संगठन को नए सिरे से खड़ा किया। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शहरी इलाकों में बीजेपी की मौजूदगी मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही।


मंत्री बनने के बाद भी रहे लो प्रोफाइल

2021 में उन्हें पहली बार बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया। उन्हें पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग मिले जो ऐसे विभाग थे जिनका सीधा संबंध आम जनता से होता है।

यहां भी नितिन नबीन ने अपनी छवि एक लो प्रोफाइल हाई परफॉर्मेंस मंत्री की बनाई। कम प्रचार और ज्यादा काम यही उनकी शैली रही। वो ना तो बड़े-बड़े विवादों में पड़े ना ही गुटबाजी की राजनीति का हिस्सा बने। उनका फोकस हमेशा एक ही रहा – काम और संगठन।


सिक्किम में पास किया पहला टेस्ट

2019 में बीजेपी ने उन्हें सिक्किम का चुनाव प्रभारी बनाया। एक छोटा राज्य लेकिन राजनीतिक रूप से संवेदनशील। वहां उन्होंने संगठन को मजबूत किया और पार्टी के आधार को बढ़ाया।

यह उनके लिए एक तरह का टेस्ट था और पार्टी नेतृत्व को यकीन हो गया कि यह नेता सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं है। उनके एक दोस्त बताते हैं कि जब पहली बार उन्होंने नितिन को स्टेज पर भाषण देते देखा तो वो प्लेजेंटली सरप्राइज थे क्योंकि पब्लिक का रिएक्शन बहुत अच्छा था।


छत्तीसगढ़ में पलट दी बाजी

इसके बाद आया वो मिशन जिसने नितिन नबीन को राष्ट्रीय राजनीति के नक्शे पर पूरी तरह स्थापित कर दिया। 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले लगभग सभी सर्वे यही कह रहे थे कि बीजेपी वहां हारने जा रही है और कांग्रेस की सरकार दोबारा बनती दिख रही थी। खुद बीजेपी के भीतर भी आत्मविश्वास की कमी थी।

ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया और नितिन नबीन को छत्तीसगढ़ का चुनाव प्रभारी बना दिया गया।


रणनीति से बदला खेल

नितिन नबीन ने वहां पहुंचते ही चुनाव लड़ने की रणनीति को पूरी तरह बदला। उन्होंने सबसे पहले संगठन की नब्ज़ टटोली और बूथ स्तर तक समीक्षा की। कमजोर कड़ियों को मजबूत किया और टिकट वितरण से लेकर प्रचार की भाषा तक हर चीज में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी।

उन्होंने चुनाव को सिर्फ मोदी बनाम कांग्रेस नहीं रहने दिया बल्कि उसे गांव, गरीब, किसान और आदिवासी मुद्दों से जोड़ा। नतीजा यह हुआ कि बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में जबरदस्त वापसी की और सत्ता में लौट आई। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने 11 में से 10 सीटें जीत लीं जो उस रणनीति की मोहर थी जो नितिन नबीन ने वहां तैयार की थी।


PM मोदी बोले – वे मेरे बॉस हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन के बारे में कहा कि 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बने, 25 साल से लगातार हेड ऑफ द गवर्नमेंट रहे, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, यह सब अपनी जगह है। लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज उनके जीवन में है कि वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं और यही सबसे बड़ा गर्व है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब बात पार्टी के विषयों पर आती है तब वह एक कार्यकर्ता हैं और नितिन नबीन उनके बॉस हैं। यह बयान पार्टी में नितिन नबीन के कद को दर्शाता है।


राजनीति में शॉर्टकट की कोई जगह नहीं

नितिन नबीन ने खुद अपने सफर के बारे में कहा कि राजनीति में शॉर्टकट के लिए कोई जगह नहीं है। राजनीति लॉन्ग रन का नाम है और लंबी दूरी तय करनी है तो धैर्यपूर्वक काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का वाच टावर इतना मजबूत है कि वह बूथ से उठाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा देता है।

उन्होंने कहा कि वह कहीं भी बैठे हों लेकिन उनके दिल में पटना, बांकीपुर और पूरे बिहार की जनता और कार्यकर्ता बसे हैं। रात में सोने से पहले उन्हें हमेशा याद रहेगा कि बिहार की जनता और बांकीपुर की जनता ने जो आशीर्वाद दिया उसी से वह इस मुकाम तक पहुंच पाए।


नवादा में ननिहाल, गांव में खुशी की लहर

औरंगाबाद में नितिन नबीन का ननिहाल है और नवादा में उनका पैतृक गांव है। गांव वालों का कहना है कि उनका यहां तक पहुंचना किसी करिश्मे से कम नहीं है।

गांव के लोग बताते हैं कि तीन महीने पहले जब वह गांव आए थे तो शिवालय में सष्टांग दंडवत प्रणाम किया। गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना बड़ी बात है और उन्हें ईमानदारी से निभानी चाहिए ताकि कुल, खानदान और देश का नाम रोशन हो।


दिन-रात एक करने वाला नेता

नितिन नबीन के साथ काम करने वाले बताते हैं कि मेहनत तो बहुत ज्यादा लगती है। दिन रात का पता नहीं होता और दिनों का पता नहीं होता कि आज संडे है या मंडे है। मौसम का पता नहीं होता कि गर्मी की लू चल रही है, ठंड की शीत लहरी है या बारिश आ रही है।

मौसम कुछ भी हो, दिन हो, रात हो, सुबह के 4 बजे हो, वो काम करना नहीं छोड़ते। उनके साथी कहते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व ने हीरे की परख कर ली और उस हीरे को चुन लिया।


14 करोड़ सदस्यों की पार्टी की कमान

आज बीजेपी केंद्र में सत्ता में है और करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उसकी सरकारें हैं। पार्टी के करीब 14 करोड़ सदस्य हैं और दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की संगठनात्मक कमान अब नितिन नबीन के हाथ में है।

यह जिम्मेदारी आसान नहीं है। यह सिर्फ चुनाव जिताने की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि पार्टी को एकजुट रखने, नई पीढ़ी को जोड़ने और विरोधियों के हर हमले का राजनीतिक जवाब देने की जिम्मेदारी है।


विश्लेषण: युवा नेतृत्व का संदेश

नितिन नबीन का बीजेपी अध्यक्ष बनना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक स्पष्ट संदेश है। पटना के बांकीपुर से निकला एक नेता अब सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधि नहीं रहा बल्कि अब वो उस पार्टी का चेहरा है जो फिलहाल भारत की राजनीति की दिशा तय करती है। यह इस बात का प्रतीक है कि बीजेपी में हर कार्यकर्ता मेहनत और समर्पण से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच सकता है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • नितिन नबीन 45 साल की उम्र में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जो पार्टी के सबसे युवा अध्यक्षों में से एक हैं
  • पटना के बांकीपुर से पांच बार विधायक रहे और हर बार उनका वोट प्रतिशत बढ़ता गया
  • 2023 में छत्तीसगढ़ में सभी सर्वे के विपरीत बीजेपी को जिताया और 2024 में 11 में से 10 लोकसभा सीटें दिलाईं
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पार्टी मामलों में वह कार्यकर्ता हैं और नितिन नबीन उनके बॉस हैं
  • करीब 14 करोड़ सदस्यों और 20 राज्यों में सरकार वाली पार्टी की कमान अब उनके हाथ में है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: नितिन नबीन कौन हैं?

उत्तर: नितिन नबीन बिहार के पटना से बीजेपी के नेता हैं जो पांच बार बांकीपुर से विधायक रहे और अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।

प्रश्न: नितिन नबीन की उम्र कितनी है?

उत्तर: नितिन नबीन की उम्र 45 साल है। उनका जन्म 23 जनवरी 1980 को पटना में हुआ था।

प्रश्न: नितिन नबीन को BJP अध्यक्ष कब बनाया गया?

उत्तर: 14 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया।

प्रश्न: नितिन नबीन के पिता कौन थे?

उत्तर: नितिन नबीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा थे जो बिहार बीजेपी के एक सम्मानित नेता थे। उनका निधन तब हुआ जब नितिन 12वीं कक्षा में थे।

प्रश्न: नितिन नबीन ने कौन-कौन से राज्यों में चुनाव प्रभारी के रूप में काम किया?

उत्तर: नितिन नबीन ने सिक्किम और छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रभारी के रूप में काम किया और दोनों जगह पार्टी को सफलता दिलाई।

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