Bikram Majithia Jalandhar Visit के दौरान पंजाब की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आज जालंधर के पीएपी चौक पहुंचे, जहां अकाली कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। नारेबाजी के बीच मजीठिया ने अपनी मूंछों को ताव दिया और सीधे आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, लेकिन यहां की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मजीठिया ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अपने खास लोगों को भी सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं, ऐसे में आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
“लक्की नहीं बचा तो आम लोग कैसे सुरक्षित?”
पीएपी चौक पर मीडिया से बातचीत में मजीठिया ने हाल ही में जालंधर में हुए लक्की ओबरॉय हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लक्की मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता था और उसकी सीएम के साथ तस्वीरें भी सामने आई थीं।
“अगर मुख्यमंत्री अपने करीबी को नहीं बचा पाए, तो पंजाब का आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा,” यह कहते हुए मजीठिया ने राज्य में लॉ एंड ऑर्डर को “टोटल फेलियर” बताया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को एक स्थायी डीजीपी की जरूरत है, जो राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करे, क्योंकि बॉर्डर स्टेट होने के नाते पंजाब की सुरक्षा बेहद संवेदनशील है।
पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर पर सवाल
मजीठिया ने पंजाब पुलिस के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस 5 हजार लोगों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि ये लोग कौन हैं।
उनका आरोप था कि हर थाने को गिरफ्तारी का टारगेट दिया गया है, जिससे निर्दोष लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।
एनकाउंटर पर बोलते हुए मजीठिया ने कहा कि डीजीपी खुद मान रहे हैं कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी बढ़ी है।
“अगर ऐसा है, तो डीजीपी अब तक कहां सोए हुए थे?” उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि हर एनकाउंटर की सच्चाई की भी जांच होनी चाहिए।
BJP गठबंधन के सवाल पर सियासी मुस्कान
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा-अकाली दल गठबंधन के सवाल पर मजीठिया ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। सवाल सुनते ही वह हंस पड़े और बोले कि “इस सवाल का जवाब पीएपी चौक पर नहीं दिया जा सकता।”
उनकी इस प्रतिक्रिया को राजनीतिक गलियारों में “मौन सहमति” के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद वह मुस्कराते हुए कपूरथला के लिए रवाना हो गए।
“पर्चा मुझ पर नहीं, हर पंजाबी पर”
मजीठिया ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि आप सरकार ने पर्चा सिर्फ मुझ पर नहीं, बल्कि हर पंजाबी पर किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पर कर्ज बढ़ता जा रहा है, उद्योग नहीं आ रहे और अब हरियाणा को पानी देने की तैयारी हो रही है।
“अगर पंजाब को बचाना है तो दिल्ली वालों को पंजाब से बाहर करना पड़ेगा,” यह कहते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
फगवाड़ा में बोले- हम झुकने वाले नहीं
जालंधर से पहले फगवाड़ा में सभा को संबोधित करते हुए मजीठिया ने कहा कि असली सरकार गुरु महाराज के आशीर्वाद से चलती है।
उन्होंने कहा, “2 प्रतिशत कौम का इतिहास पढ़ लो, हम झुकने वाले नहीं हैं।”
मजीठिया ने यह भी कहा कि जेल में वह थे, लेकिन चीखें बाहर बैठे लोग मार रहे थे, जिससे उनके राजनीतिक विरोधियों पर तंज साफ झलका।
जेल से रिहाई के बाद एकता का संदेश
आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल से रिहा होने के बाद मजीठिया लगातार शिरोमणि अकाली दल को एकजुट करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को फिर से एक मंच पर लाना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के हित में अगर उन्हें नंगे पांव भी दूसरे गुटों के नेताओं के पास जाना पड़ा, तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
सियासी मायने
मजीठिया का यह जालंधर दौरा केवल एक स्वागत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आने वाले चुनावों से पहले अकाली दल की रणनीति और आक्रामक विपक्षी राजनीति का संकेत भी देता है। उनकी बयानबाजी से साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब की सियासत और ज्यादा तीखी होने वाली है।








