Bikram Majithia Shiromani Akali Dal Unity: सात महीने की जेल यात्रा के बाद बाहर आए शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पार्टी की एकता के लिए बड़ा ऐलान किया है। चंडीगढ़ में आज सुबह 11 बजे हुई शिरोमणि अकाली दल कोर कमेटी की मीटिंग में शामिल होते हुए मजीठिया ने कहा कि वह दोनों अकाली दलों को एक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जरूरत पड़ी तो नंगे पैर नेताओं के पास जाएंगे।
पार्टी प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में हुई इस अहम मीटिंग में मजीठिया ने अपने जेल के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनकी हालत पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जैसी कर दी गई थी। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्थायी डीजीपी की नियुक्ति से प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
दोनों अकाली दलों को एक करने की प्रतिबद्धता
मजीठिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो उन्होंने कल दोनों अकाली दलों को इकट्ठे करने की बात कही थी, उसका सभी ने स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी है।
मजीठिया ने कहा, “जब प्रधान सुखबीर सिंह बादल जेल में मुझसे मिलने आए थे, तब भी यह बात हुई थी। उन्होंने मुझे इस दिशा में आगे बढ़ने को कहा था। मैं समझ रहा हूं कि इसका पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिल रहा है।”
नंगे पैर जाऊंगा रूठे नेताओं के पास
अकाली दल की एकता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए मजीठिया ने कहा कि वह बार-बार कह रहे हैं कि अपने हितों को छोड़कर पंजाब के लिए इकट्ठे होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं सभी के पास नंगे पैर जाऊंगा, जहां बात पंजाब की होगी।”
यह बयान पार्टी के भीतर बढ़ती दरारों को भरने और विभिन्न गुटों को एक मंच पर लाने की उनकी गंभीर इच्छा को दर्शाता है। मजीठिया का यह कदम पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
राहुल गांधी और बिट्टू का मामला
जब मजीठिया से पूछा गया कि बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार कहकर सिखों का अपमान किया है, तो इस पर शिरोमणि अकाली दल क्या कहता है, तो मजीठिया ने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और बिट्टू जी का पुराना लव रिलेशनशिप था, अब टूट गई तड़क करके। इसके नतीजे में एक-दूसरे को कुछ कह गए। रहे तो राहुल गांधी और बिट्टू जी इकट्ठे हैं। कौन सा हम भूले हैं कि बिट्टू जी और राहुल जी का एक-दूसरे के प्रति कितना प्यार था। यह इनका अंदरूनी मामला है, कल वह इकट्ठे होकर चाय पीएंगे।”
अफसरशाही का गलत इस्तेमाल हो रहा है
मजीठिया ने पंजाब में अफसरशाही के गलत इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “सौ प्रतिशत। आज मैं फिर रिपीट करता हूं, टेंपररी एडहॉक डीजीपी पंजाब को नहीं चाहिए। कानून व्यवस्था का बुरा हाल इस वजह से है क्योंकि पुलिसिंग नहीं हो रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को खुश करने के लिए अस्थायी डीजीपी की नियुक्ति की गई है। मजीठिया ने कहा कि जब डीजीपी पक्का लगेगा और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार उसे पता होगा कि उसे दो साल के लिए कोई हटा नहीं सकता, तो वह कानून को तवज्जो देगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना
मजीठिया ने कहा कि यूपीएससी का फॉर्मूला पूरे देश में लागू है, तो फिर पंजाब में क्यों नहीं। उन्होंने कहा, “चार साल से हमारे पास एडहॉक डीजीपी है। यही वजह है कि कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। इंडो-पाक सीमा पर ऐसी स्थिति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह तो पूर्ण रूप से व्यवस्था का पतन है।”
उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि चाहे बीजेपी हो, कांग्रेस हो या अकाली दल, सभी को मिलकर सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
जेल में इमरान खान जैसी हालत
अपने जेल के अनुभव को साझा करते हुए मजीठिया ने कहा कि सरकार क्या शर्तें रख रही है। उन्होंने कहा, “गौरव यादव की पुलिस क्या तर्क दे रही है कि मजीठिया पंजाब में न आए, मजीठिया मीडिया से बात न करे, मूंछों को तांव न दे। यह तो कमाल हो गया।”
उन्होंने कहा, “जैसे ब्राजीलियन राष्ट्रपति पर ट्रैकर लगा दिया, वैसे ही कहते हैं कि मजीठिया पर लगा दो। जो हाल इमरान का जेल में किया है, वैसे हाल मेरा बना दिया। बड़ी जरूरत है कि पंजाब को पक्का डीजीपी लगाया जाए।”
सिद्धू मूसेवाला जैसा मर्डर हुआ तो डीजीपी जिम्मेदार
अपनी सुरक्षा को लेकर मजीठिया ने गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “सिद्धू मूसेवाला की तरह मेरा मर्डर हुआ तो एक ही आदमी जिम्मेदार होगा – टेंपररी एडहॉक डीजीपी जो कि केजरीवाल व भगवंत मान को खुश कर रहा है।”
मजीठिया ने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वह अपनी लड़ाई लड़ेंगे और नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा, “झुकूंगा मैं गुरु के आगे, गुरु की संगत के आगे, लेकिन इस निकम्मी सरकार के आगे नहीं झुकूंगा। भले एक छोड़ दस केस डाल दो, जब मर्जी तक अंदर रख लो, लेकिन जब मर्जी निकलूं (मूंछों को तांव देते हुए), इसी तरह निकलूं।”
आरटीआई पर भी निशाना
मजीठिया ने सरकार पर आरटीआई को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी ने फ्लाइट रडार का डेटा लगा दिया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ रहा है, तो इसमें क्या हर्ज है।
उन्होंने कहा, “केजरीवाल आरटीआई को मजबूत कर रहे थे, लेकिन अब किसी ने आरटीआई लगाई तो पर्चा दर्ज कर दिया।” यह बयान सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
पंजाब की राजनीति में नया मोड़
बिक्रम मजीठिया का यह बयान पंजाब की राजनीति में एक नया अध्याय खोल सकता है। अकाली दल के विभिन्न गुटों को एक करने की उनकी कोशिश अगर सफल होती है, तो यह पार्टी को फिर से मजबूत बना सकती है।
वहीं, पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर उनके गंभीर आरोप राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर सवाल खड़े करते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मजीठिया की एकता की पहल को कितनी सफलता मिलती है और सरकार उनके आरोपों पर क्या जवाब देती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम मजीठिया ने दोनों अकाली दलों को एक करने की प्रतिबद्धता जताई, जरूरत पड़ी तो नंगे पैर नेताओं के पास जाएंगे
- सुखबीर सिंह बादल ने मजीठिया को एकता की दिशा में आगे बढ़ने की मंजूरी दी
- मजीठिया ने कहा कि जेल में उनकी हालत इमरान खान जैसी बना दी गई थी
- पंजाब को पक्के डीजीपी की जरूरत, अस्थायी नियुक्ति से कानून व्यवस्था चरमराई
- सिद्धू मूसेवाला जैसा मर्डर हुआ तो टेंपररी डीजीपी होंगे जिम्मेदार
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हो रही है, सभी पार्टियों को मिलकर कोर्ट जाना चाहिए








