Union Budget 2026 : 1 फरवरी 2026 को देश की वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman संसद में Union Budget 2026 पेश करेंगी। बजट से पहले टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम को आगे भी जारी रखेगी या फिर न्यू टैक्स रिजीम को ही प्राथमिक विकल्प बनाया जाएगा। वित्त वर्ष 2023–24 से टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइलिंग के दौरान न्यू टैक्स रिजीम चुनने का विकल्प मिला था, जिसके बाद यह बहस लगातार तेज होती गई है।
न्यू टैक्स रिजीम से क्यों बढ़ी चर्चा
न्यू टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को सरल टैक्स स्ट्रक्चर और ज्यादा बेसिक छूट का फायदा मिला। इसी वजह से कई लोग ओल्ड टैक्स रिजीम छोड़कर नई व्यवस्था की ओर बढ़े। लेकिन जैसे-जैसे बजट 2026 नजदीक आ रहा है, टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार अब ओल्ड टैक्स रिजीम को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान कर सकती है।

एक्सपर्ट की राय क्या कहती है
चार्टर्ड अकाउंटेंट Siddharth Kejriwal का मानना है कि लंबी अवधि की वित्तीय नीति के लिहाज से बार-बार टैक्स रिजीम बदलना सही नहीं है। उनके मुताबिक, ओल्ड टैक्स रिजीम का जारी रहना उन करदाताओं के लिए जरूरी है जो सेक्शन 80C और 80D जैसी छूट का लाभ लेते हैं। अगर ओल्ड टैक्स रिजीम को आईटीआर फाइलिंग में बराबरी का विकल्प बनाए रखा जाता है, तो टैक्स सिस्टम में स्थिरता बनी रह सकती है।
ओल्ड टैक्स रिजीम किसके लिए बेहतर
ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को सेक्शन 80C, लीव ट्रैवल अलाउंस और हाउस रेंट अलाउंस जैसे फायदे मिलते हैं।
सेक्शन 80C के तहत अलग-अलग टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश कर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट ली जा सकती है। अगर कोई टैक्सपेयर पहले से इन निवेश विकल्पों का इस्तेमाल कर रहा है या अलाउंस के जरिए टैक्स कम करता है, तो ओल्ड टैक्स रिजीम उसके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।
नई टैक्स रिजीम किनके लिए सही
यूनियन बजट 2025 के मुताबिक, नई टैक्स रिजीम में टैक्सपेयर्स को ₹1.5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री की गई। इसका मतलब यह हुआ कि ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।
जो टैक्सपेयर सेक्शन 80C का फायदा नहीं ले रहे हैं या टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश नहीं करते, उनके लिए नई टैक्स रिजीम आसान और लाभदायक विकल्प बन सकती है।
बजट से टैक्सपेयर्स को क्या उम्मीद
हर बार की तरह इस बार भी बजट से पहले लोगों की नजरें टैक्स नीति पर टिकी हैं। टैक्सपेयर्स जानना चाहते हैं कि क्या इस बार भी सरकार टैक्स में राहत देगी या फिर टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बड़ा बदलाव किया जाएगा। बजट 2026 में टैक्स नीति को लेकर होने वाले ऐलान से करोड़ों करदाताओं की जेब और प्लानिंग सीधे प्रभावित होगी।
आम आदमी पर असर
ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम को लेकर होने वाला फैसला सीधे नौकरीपेशा लोगों और मिडिल क्लास पर असर डालेगा। सही टैक्स रिजीम चुनने से टैक्स बचत के साथ-साथ सालाना फाइनेंशियल प्लानिंग भी आसान हो सकती है।
क्या है पृष्ठभूमि
वित्त वर्ष 2023–24 से टैक्सपेयर्स को न्यू टैक्स रिजीम चुनने का विकल्प मिला। इसके बाद से ही ओल्ड टैक्स रिजीम के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। अब बजट 2026 में सरकार टैक्स नीति को किस दिशा में ले जाती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1 फरवरी 2026 को Union Budget 2026 पेश होगा।
- ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम को लेकर टैक्सपेयर्स में असमंजस।
- ओल्ड टैक्स रिजीम सेक्शन 80C और अलाउंस वालों के लिए फायदेमंद।
- नई टैक्स रिजीम ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स फ्री सुविधा देती है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








