8th Pay Commission 2026 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए साल 2026 बेहद अहम साबित होने वाला है। जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग के तहत नए वेतनमान लागू होने के साफ संकेत मिल रहे हैं और इसी से पहले केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को सैलरी, सुरक्षा और बैंकिंग से जुड़ा एक बड़ा फायदा दे दिया है।
साल 2026 की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आती दिख रही है। आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी स्तर पर हलचल तेज हो चुकी है और संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 से नए वेतनमान लागू हो सकते हैं। हालांकि आयोग की रिपोर्ट और उसके क्रियान्वयन में समय लगेगा, लेकिन परंपरा के अनुसार कर्मचारियों को बकाया राशि पूर्वव्यापी रूप से मिलने की उम्मीद है।
वेतन आयोग से पहले सरकार का बड़ा कदम
आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले ही केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की जेब और सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय के तहत Department of Financial Services ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ मिलकर DFS Composite Salary Account Package लॉन्च किया है।
एक खाते में कई सुविधाएं
इस कंपोजिट सैलरी अकाउंट का मकसद है कि सरकारी कर्मचारियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। एक ही सैलरी अकाउंट के जरिए बैंकिंग, बीमा, लोन और कार्ड से जुड़े कई बड़े फायदे दिए जा रहे हैं। इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए एक मजबूत वेलफेयर बूस्टर के रूप में देखा जा रहा है।
तीन कैटेगरी में 14 सुविधाएं
इस योजना के तहत कर्मचारियों को तीन अलग-अलग कैटेगरी में कुल 14 सुविधाएं मिलने वाली हैं। इनमें जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट, फ्री RTGS, NEFT, UPI और चेक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा होम, एजुकेशन, वाहन और पर्सनल लोन पर कम ब्याज दर का भी लाभ मिलेगा।
बीमा सुरक्षा में बड़ा कवर
सरकारी कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा के मोर्चे पर भी बड़ा फायदा दिया जा रहा है। योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 2 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट कवर, 1.5 करोड़ रुपये तक का विकलांगता कवर और 20 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस शामिल है। इसके साथ ही कर्मचारी और उनके परिवार के लिए किफायती प्रीमियम पर टॉप-अप के साथ कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी दी जा रही है।
कार्ड और डिजिटल सुविधाओं में छूट
कार्ड और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े फायदे भी इस पैकेज का अहम हिस्सा हैं। बेहतर डेबिट और क्रेडिट कार्ड, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड और कैशबैक, अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन और कोई मेंटेनेंस चार्ज नहीं—ये सभी सुविधाएं कर्मचारियों को आकर्षित कर रही हैं।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष Dr Manjeet Patel ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक अच्छी नीति बताया है। हालांकि उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि इस योजना के तहत सरकार ने करीब ढाई लाख कर्मचारियों को बहाल कर दिया है, जिस पर आगे चर्चा की जरूरत है।
आम कर्मचारियों पर असर
इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को न सिर्फ सैलरी अकाउंट से जुड़े खर्चों में राहत मिलेगी, बल्कि बीमा और लोन जैसी जरूरतों में भी सीधा फायदा होगा। खासकर ऐसे समय में जब आठवें वेतन आयोग को लेकर वेतन, भत्तों और सुविधाओं पर चर्चा तेज है, यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
विश्लेषण
आठवें वेतन आयोग से पहले कंपोजिट सैलरी अकाउंट जैसी योजना लाकर सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि वह कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दे रही है। यह फैसला न सिर्फ सैलरी हाइक से पहले भरोसा बढ़ाता है, बल्कि आने वाले समय में वेतन आयोग के प्रभाव को भी संतुलित करने में मदद कर सकता है।
जानें पूरा मामला
जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग के तहत नए वेतनमान लागू होने की उम्मीद है। इससे पहले वित्त सेवा विभाग ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज शुरू किया है, जिससे एक ही खाते में बैंकिंग, बीमा, लोन और कार्ड से जुड़े फायदे मिल सकेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के संकेत
- वेतन आयोग से पहले कंपोजिट सैलरी अकाउंट लॉन्च
- एक खाते में बैंकिंग, बीमा और लोन सुविधाएं
- करोड़ों का एक्सीडेंट और लाइफ इंश्योरेंस कवर
- कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ा वेलफेयर बूस्टर








