Punjab Wildlife Sanctuary : चंडीगढ़ में हाल ही में पंजाब सरकार ने एक अहम नामकरण से जुड़ा फैसला लिया है। राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी के बाद झज्जर-बचौली जंगली जीव सैंक्चुअरी का नाम बदलकर श्री गुरु तेग बहादुर जंगली जीव सैंक्चुअरी रखने का निर्णय किया गया। यह फैसला सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित माना जा रहा है।
यह फैसला पंजाब राज्य जंगली जीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी के बाद लिया गया। 289 एकड़ में फैली यह सैंक्चुअरी अब नए नाम से पहचानी जाएगी, जिससे धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण—दोनों को एक साथ जोड़ा गया है।
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कैसे और किसकी सिफारिश पर हुआ फैसला
यह निर्णय कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की सिफारिश पर लिया गया। पंजाब सरकार का मानना है कि इस नामकरण से सिख इतिहास और प्रकृति संरक्षण के बीच एक मजबूत संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में सरकार पहले भी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से जुड़े कई अहम फैसले ले चुकी है।

कहां स्थित है यह सैंक्चुअरी
झज्जर-बचौली वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी पंजाब के रूपनगर जिले में Anandpur Sahib के पास स्थित है। यह आनंदपुर साहिब से करीब 15 किलोमीटर दूर सतलुज नदी के आसपास फैली हुई है। यह इलाका जंगलों और जैव-विविधता के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
वन्यजीव और प्राकृतिक संपदा
इस सैंक्चुअरी में खैर, शीशम, नीम और आंवला जैसे पेड़ पाए जाते हैं। यहां नीलगाय, हिरण, जंगली सूअर और सियार जैसे जानवर रहते हैं। सरकार इसे भविष्य में इको-टूरिज्म के रूप में भी विकसित करना चाहती है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यावरण को संरक्षण मिल सके।

350वीं शहीदी शताब्दी से जुड़ा फैसला
इस समय पंजाब सरकार Guru Tegh Bahadur Sahib की 350वीं शहीदी शताब्दी मना रही है। इसी क्रम में श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समारोह और सर्वधर्म संत सम्मेलन आयोजित किया गया था। सरकार पहले ही इस क्षेत्र को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विकसित करने की दिशा में कई घोषणाएं कर चुकी है।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
इस नामकरण को केवल प्रतीकात्मक फैसला नहीं माना जा रहा। यह सरकार की उस नीति को दर्शाता है जिसमें धार्मिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे आने वाले समय में आनंदपुर साहिब और आसपास के इलाकों की पहचान और मजबूत हो सकती है।
क्या है पृष्ठभूमि
पंजाब सरकार ने इससे पहले भी श्री आनंदपुर साहिब को होली सिटी बनाने और गुरु तेग बहादुर साहिब के नाम पर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की थी। झज्जर-बचौली सैंक्चुअरी का नामकरण उसी कड़ी का अगला कदम माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- झज्जर-बचौली सैंक्चुअरी का नाम बदलकर श्री गुरु तेग बहादुर जंगली जीव सैंक्चुअरी रखा गया।
- फैसला राज्य जंगली जीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी से हुआ।
- सैंक्चुअरी 289 एकड़ में फैली है और आनंदपुर साहिब के पास स्थित है।
- नामकरण गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी के तहत किया गया।








