US Strike के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वेनेजुएला को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और तय लक्ष्यों को बिना किसी नुकसान के हासिल किया गया।
अमेरिका के इस सैन्य कदम ने दक्षिण अमेरिका की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। बयान ऐसे वक्त आया है, जब वेनेजुएला में सत्ता और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता गहराती दिख रही है।

क्या हुआ, कब और कहाँ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि वेनेजुएला के चार शहरों में एक साथ हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य बेहद सीमित और सटीक था। दावा किया गया कि पूरे ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के किसी भी विमान या हथियार को नुकसान नहीं पहुंचा।

किसे बनाया गया निशाना
हमलों में उन ठिकानों को टारगेट किया गया, जहां वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम, एयरफोर्स की तैनाती, सैन्य इंस्टॉलेशन और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मौजूद थे। रणनीति ऐसी थी कि वहां से किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई की गुंजाइश ही न बचे।
राष्ट्रपति का बड़ा दावा
Donald Trump ने यह भी कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैनिक अपने साथ ले गए हैं। इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
कौन सी फोर्स थी ऑपरेशन में शामिल
इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना की एलीट यूनिट Delta Force के शामिल होने की जानकारी सामने आई। यही वही यूनिट है जिसने 2019 में इस्लामिक स्टेट के नेता Abu Bakr al-Baghdadi के खिलाफ कार्रवाई की थी। इससे ऑपरेशन की गोपनीयता और उच्च स्तर की प्लानिंग का अंदाजा लगाया जा रहा है।
जवाबी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी
विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला पूरी तरह ‘एलिमेंट ऑफ सरप्राइज’ पर आधारित था। पिन-पॉइंटेड लोकेशनों पर सर्जिकल तरीके से हमला किया गया। वेनेजुएला की सैन्य क्षमता और अमेरिकी सैन्य ताकत के बीच बड़ा अंतर भी एक कारण रहा, जिससे किसी तरह की रिटालिएशन सामने नहीं आई।
अब आगे क्या? तीन बड़े सवाल
हमले के बाद सबसे अहम सवाल यह हैं कि आगे सत्ता का स्वरूप क्या होगा, अमेरिका की भूमिका किस तरह की रहेगी और वेनेजुएला की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था कैसे चलेगी। इन तीनों मुद्दों पर तस्वीर अभी साफ नहीं है।
अमेरिका के भीतर भी बहस
इस कार्रवाई को लेकर अमेरिका में भी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कुछ डेमोक्रेटिक सीनेटर इसे गैर-कानूनी बता रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पक्ष संवैधानिक आधार पर सवाल उठा रहा है। यह आंतरिक दबाव आगे की नीति को प्रभावित कर सकता है।

नई सत्ता की अटकलें
चर्चा है कि अमेरिका विपक्ष की एक महिला नेता के साथ समझौते की दिशा में बढ़ सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार से जुड़ा नाम María Corina Machado भी संभावनाओं में गिना जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है।
आम लोगों पर असर
इस सैन्य कार्रवाई का सीधा असर वेनेजुएला के आम नागरिकों पर पड़ सकता है। सत्ता परिवर्तन और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव से देश में स्थिरता आएगी या अस्थिरता बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा।
क्या है पृष्ठभूमि
वेनेजुएला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आंतरिक राजनीतिक तनाव से जूझ रहा है। हालिया हमले को सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां लक्ष्य राष्ट्रपति और मौजूदा शासन को हटाना बताया गया।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला पर हमले की पुष्टि की
- चार शहरों में सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई
- Delta Force की भूमिका का दावा
- जवाबी कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई








