- भाजपा सांसद बाँसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान को लेकर लोकसभा को भेजा नोटिस
- स्पीकर ओम बिरला से उनके नोटिस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया
- लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 115 के तहत दिया है नोटिस
नयी दिल्ली से भाजपा सांसद बाँसुरी स्वराज ( Bansuri Swaraj ) ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अपने भाषण में कुछ ‘‘गलत’’ बयान दिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके नोटिस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 115 के तहत नोटिस दिया है।
क्या है लोकसभा को नोटिस देने का नियम ?
लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 115 के तहत, कोई सदस्य किसी मंत्री या किसी अन्य सदस्य द्वारा दिए गए बयान में किसी गलती या अशुद्धि को इंगित करना चाहता है, तो सदन में मामले का उल्लेख करने या यह मुद्दा उठाने की अनुमति मांगने से पहले अध्यक्ष को गलती का विवरण बताते हुए लिख सकता है। कोई भी लोकसभा सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष ऐसे साक्ष्य रख सकता है जो उसके पास आरोप के समर्थन में हों। तथ्यात्मक स्थिति जानने के लिए लोकसभा अध्यक्ष मामले को मंत्री या संबंधित सदस्य के संज्ञान में ला सकते हैं। बता दें कि बाँसुरी स्वराज ( Bansuri Swaraj ) ने इसी के तहत राहुल गांधी के खिलाफ नोटिस भेजा है ।
क्या हुआ था संसद में ?
दरअसल, राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) पर देश में सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया था जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से विरोध जताया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राहुल गांधी के एक बयान पर कहा था कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना बहुत गंभीर विषय है।
हटाए गए आपत्तिजनक अंश ?
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाये गए धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा था कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता। उनके भाषण के कुछ अंश सदन की कार्यवाही से आसन के निर्देशानुसार हटा दिए गए।








