Bank Strike को लेकर देशभर में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने वाली हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी आम हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल में सार्वजनिक, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों में कार्यरत लगभग आठ लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी कामकाज ठप रखेंगे।
हड़ताल से पहले बैंक कर्मियों ने रैली निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। बैंक यूनियनों का साफ कहना है कि सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताएं कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं।
कौन-कौन से संगठन हड़ताल में शामिल
इस देशव्यापी हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया शामिल हैं। ये सभी संगठन 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर हड़ताल कर रहे हैं।
श्रमायुक्त के सामने वार्ता विफल
ऑल इंडिया बैंक कन्फेडरेशन के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि हड़ताल से पहले गुरुवार को श्रमायुक्त के समक्ष इंडियन बैंक एसोसिएशन और बैंक संगठनों के बीच बैठक हुई थी। लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचने के कारण वार्ता विफल हो गई।
चार नई श्रम संहिताओं का विरोध
बैंक यूनियनों का कहना है कि नवंबर 2025 में अधिसूचित की गई चार नई श्रम संहिताओं के तहत पुराने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर दिया गया है। इन संहिताओं से ट्रेड यूनियन का पंजीकरण कठिन हो गया है और कर्मचारियों की सुरक्षा कमजोर हुई है।
300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों पर आपत्ति
यूनियनों के अनुसार, नई व्यवस्था में 300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में मालिक बिना सरकारी अनुमति कर्मचारियों को निकाल सकते हैं। बैंक संगठनों का आरोप है कि यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के नाम पर कंपनियों और फैक्ट्री मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
5 दिन कार्य सप्ताह की मांग
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव एस नागराजन ने बताया कि उनका संगठन 12 फरवरी की हड़ताल का समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में 5 दिन काम की मांग कर रहे हैं, ताकि काम और निजी जीवन में संतुलन बना रहे।
अन्य संस्थानों का उदाहरण
नागराजन ने कहा कि Reserve Bank of India, Life Insurance Corporation of India, शेयर बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज जैसे बड़े वित्तीय संस्थानों में पहले से 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, जबकि बैंक कर्मचारियों को अब भी बारी-बारी से छह दिन काम करना पड़ता है।
आम ग्राहकों पर असर
12 फरवरी को बैंक बंद रहने से चेक क्लियरेंस, कैश ट्रांजैक्शन, शाखाओं से जुड़े काम और काउंटर सेवाएं प्रभावित रहेंगी। आम ग्राहकों को पहले से अपने जरूरी बैंकिंग काम निपटाने की सलाह दी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल
- करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल
- चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में आंदोलन
- बैंकिंग सेवाएं एक दिन के लिए ठप रहने की आशंका








