Bangladesh Hindu Attack News. पड़ोसी मुल्क Bangladesh में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शरियतपुर (Shariatpur) जिले में भीड़ के वहशियाना हमले का शिकार हुए हिंदू कारोबारी Khokon Chandra Das (खोकन चंद्र दास) आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। 31 दिसंबर की रात एक उग्र भीड़ ने उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी। दो दिनों तक Dhaka Medical College Hospital के आईसीयू में मौत से लड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। यह पिछले महज दो हफ्तों में बांग्लादेश में किसी हिंदू की चौथी ज्ञात हत्या है।
भीड़तंत्र का खौफनाक चेहरा: पेट्रोल डालकर लगाई आग
घटना 31 दिसंबर की है, जब लगभग 50 वर्षीय Khokon Chandra Das अपनी दुकान पर थे। वे गांव में मेडिकल स्टोर और मोबाइल बैंकिंग का छोटा कारोबार चलाते थे। तभी एक हिंसक भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया। भीड़ ने उन्हें बेरहमी से पीटा और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जान बचाने के लिए खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए थे, लेकिन तब तक उनका शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। गंभीर हालत में उन्हें ढाका लाया गया, लेकिन बर्न इंजरी इतनी ज्यादा थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पुलिस के हाथ खाली, डर के साये में अल्पसंख्यक
हैरानी और गुस्से की बात यह है कि घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक एक भी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में भीड़ द्वारा किए गए हमलों (Mob Lynching) में गिरफ्तारियां बेहद मुश्किल हो जाती हैं क्योंकि कट्टरपंथी संगठनों का दबाव रहता है। खोकन दास को मारने वाली भीड़ में कौन था, पुलिस अब तक इसका पता नहीं लगा पाई है।
2 हफ्ते, 4 लाशें: नहीं थम रहा हिंदुओं पर कहर
खोकन दास की मौत कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले दो हफ्तों में बांग्लादेश में चार हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। यह सिलसिला दीपू चंद्र दास (Dipu Chandra Das) की हत्या से शुरू हुआ था, जिन्हें भी इसी तरह पीटा और जलाया गया था। इसके बाद अमृत मंडल (Amrit Mandal) और बृजेंद्र विश्वास (Brijendra Biswas) को मौत के घाट उतारा गया, और अब खोकन दास इस नफरत का शिकार बने हैं।
भिखारी को भी नहीं बख्शा
भीड़ की हिंसा का पागलपन इस कदर हावी है कि ढाका-मैमनसिंह मार्ग पर ‘सुमन’ नाम के एक भिखारी को मोबाइल चोरी के शक में खंभे से बांधकर पीटा गया। नाम से हिंदू प्रतीत होने वाले इस शख्स का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, फिर भी भीड़ ने उसे अधमरा कर दिया।
विश्लेषण: ‘भीड़तंत्र’ के आगे नतमस्तक सिस्टम
बांग्लादेश में कानून का राज अब ‘भीड़तंत्र’ (Mobocracy) में तब्दील होता दिख रहा है। जब एक इंसान को पेट्रोल डालकर जला दिया जाता है और प्रशासन आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रहता है, तो यह सिस्टम की पूर्ण विफलता है। 2 हफ्ते में 4 हत्याएं यह बताने के लिए काफी हैं कि वहां अल्पसंख्यक समुदाय किस दहशत में जी रहा है। सरकार की चुप्पी और पुलिस की लाचारी ने उपद्रवियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है जिस पर वैश्विक समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
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Bangladesh के शरियतपुर में हिंदू कारोबारी Khokon Chandra Das की मौत।
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31 दिसंबर को भीड़ ने पेट्रोल डालकर आग लगाई थी, तालाब में कूदने पर भी नहीं बची जान।
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पिछले दो हफ्तों में यह किसी हिंदू की चौथी हत्या है (दीपू दास, अमृत मंडल, बृजेंद्र विश्वास के बाद)।
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पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।








