Bajaj Auto का मार्च में दोपहिया कंपनियों में सबसे खराब प्रदर्शन, आगे कैसा रहेगा हाल

Bajaj Auto Ltd : बजाज ऑटो लि. की दोपहिया वाहनों की बिक्री को मार्च में तगड़ा झटका लगा है। उसकी बिक्री मासिक आधार पर 8 फीसदी और सालाना आधार पर 22 फीसदी गिरकर 2.6 लाख यूनिट रह गई है। दरअसल, सेमीकंडक्टर्स की गंभीर कमी के चलते दोपहिया वाहन खंड में घरेलू मांग में सुस्ती आई है और घरेलू बिक्री में 41 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, स्थिर निर्यात ने जरूर कंपनियों को कुछ सहारा दिया।

तीन साल तक निर्यात बढ़ने का भरोसा

इसके अलावा, फ्यूल की कीमतें बढ़ने से दोपहिया वाहन चलाना महंगा हो गया है। बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के मैनेजमेंट ने कहा कि भारत में मोटरसाइकिलों की मांग सुस्त बनी हुई है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने अपनी 31 मार्च की रिपोर्ट में कहा, “दोपहिया के प्रमुख बाजारों में मांग स्थिर होने या गिरावट के रुझान के साथ हम वित्त वर्ष 22-वित्त वर्ष 24 तक दोपहिया वाहनों के निर्यात में 8 फीसदी सीएजीआर बढ़ोतरी की उम्मीद करते हैं।”

टीवीएस और हीरो मोटोकॉर्प की मासिक आधार पर बढ़ी बिक्री

निश्चित रूप से बजाज ऑटो की प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने मार्च में सालाना आधार पर बिक्री में गिरावट दर्ज की है, हालांकि मासिक आधार पर उनकी बिक्री में सुधार हुआ है। टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor Co) की बिक्री में सालाना आधार पर 5 फीसदी गिरावट रही, वहीं हीरो मोटोकॉर्प लि. (Hero MotoCorp Ltd) की बिक्री में सालाना आधार पर 22 फीसदी कमी आई। हालांकि दोनों कंपनियों की मासिक आधार पर बिक्री में क्रमशः 10 फीसदी और 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इस दौर में भी आयशर मोटर लि. (Eicher Motors Ltd) का प्रदर्शन खासा अच्छा रहा। सालाना आधार पर आयशर की मोटरसाइकिल की बिक्री में 2.5 फीसदी और मासिक आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे बढ़ सकती हैं दोपहिया वाहनों की कीमतें

आगे ग्रामीण बाजार दोपहिया की मांग के लिहाज से अहम हो सकते हैं। अभी तक मांग की स्थिति ही अकेली चिंता नहीं है। स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ने की संभावना है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, “कच्चे माल की कीमतों में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी के चलते बजाज ऑटो (Bajaj Auto) को प्रति यूनिट प्रॉफिट के लिए मूल्य में 9,000 रुपये/ यूनिट की बढ़ोतरी करनी होगी।” आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने कहा कि कॉस्ट बढ़ने का असर मुख्य रूप से वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में दिखने का अनुमान है। इस क्रम में, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने वित्त वर्ष 23 के लिए एबिटडा मार्जिन का अनुमान 300 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 14.5 फीसदी कर दिया है।

कैलेंडर वर्ष में लगभग 6 फीसदी गिरकर बजाज ऑटो के शेयर में कैलेंडर वर्ष 22 में अभी तक 17 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है।

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