Assembly Elections 2026 5 States Forecast : नया साल 2026 राजनीतिक घमासान का साल होने वाला है। अप्रैल-मई में देश के 5 प्रमुख राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। यह चुनाव न केवल राज्यों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में एनडीए (NDA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन की ताकत का लिटमस टेस्ट भी साबित होंगे।
बंगाल का ‘महासंग्राम’: ममता बनाम बीजेपी
पश्चिम बंगाल का चुनाव हमेशा की तरह इस बार भी हाई वोल्टेज रहने वाला है। 2021 में ममता बनर्जी की टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर हैट्रिक लगाई थी, जबकि बीजेपी 77 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन 2026 में बीजेपी ‘वंदे भारत’, सीएए (CAA) और घुसपैठ जैसे मुद्दों के साथ आक्रामक तेवर में मैदान में है। गृह मंत्री अमित शाह की लगातार सक्रियता बता रही है कि बीजेपी बंगाल को लेकर ‘मिशन मोड’ में है।
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बड़ा सवाल: क्या कांग्रेस और वामपंथी दल (Left) टीएमसी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे या अलग राह चुनेंगे? इंडिया गठबंधन की एकता की असली परीक्षा यहीं होगी।
तमिलनाडु: स्टालिन के सामने नई चुनौती
तमिलनाडु में एमके स्टालिन की डीएमके (DMK) सरकार का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। पिछली बार डीएमके ने अकेले दम पर बहुमत हासिल किया था। बीजेपी वहां एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ गठबंधन में है, लेकिन उसकी स्थिति अभी बहुत मजबूत नहीं है।
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गेम चेंजर: इस बार तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय थालापति (Thalapathy Vijay) अपनी नई पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) के साथ मैदान में उतर चुके हैं। अगर वे अकेले लड़े, तो मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच द्विपक्षीय न रहकर त्रिकोणीय हो जाएगा।
असम: हिमंता बिस्वा सरमा की साख दांव पर
असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश करेगी। यहां मुद्दा ‘विकास’ बनाम ‘घुसपैठ’ का है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण और समीकरण साधने में माहिर माने जाते हैं। लेकिन कांग्रेस भी पिछले चुनाव में 50 सीटें जीतकर मजबूत स्थिति में है। बदरुद्दीन अजमल की पार्टी का रुख यह तय करेगा कि मुस्लिम वोट बैंक किस तरफ जाएगा।
केरल: लेफ्ट का आखिरी किला
केरल वामपंथियों (Left) का आखिरी गढ़ बचा है। यहां मुकाबला एलडीएफ (LDF – वाम मोर्चा) और यूडीएफ (UDF – कांग्रेस गठबंधन) के बीच है। बीजेपी यहां अभी सत्ता की दौड़ से बाहर है। सवाल यह है कि क्या पिनराई विजयन अपनी सत्ता बरकरार रख पाएंगे या कांग्रेस वापसी करेगी?
संपादकीय विश्लेषण: गठबंधन की पहेली
एक वरिष्ठ संपादक के नजरिए से देखें तो 2026 के चुनाव इंडिया गठबंधन के अंतर्विरोधों को उजागर करेंगे। बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी एक-दूसरे के खिलाफ लड़ सकते हैं, जबकि केरल में कांग्रेस और लेफ्ट आमने-सामने होंगे। यह विरोधाभास मतदाताओं को कितना प्रभावित करेगा, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, बीजेपी के लिए दक्षिण भारत (तमिलनाडु और केरल) में अपनी पैठ बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
आम आदमी पर असर
इन चुनावों के नतीजे केंद्र सरकार की नीतियों और राज्यों के विकास मॉडल पर सीधा असर डालेंगे। बंगाल और असम में कानून-व्यवस्था और घुसपैठ के मुद्दे आम आदमी की सुरक्षा से जुड़े हैं, जबकि दक्षिण में भाषाई और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे हावी रहेंगे।
जानें पूरा मामला
क्या है पृष्ठभूमि: चुनाव आयोग मार्च तक इन 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा का कार्यकाल मई-जून 2026 में खत्म हो रहा है। इसलिए अप्रैल-मई में वोटिंग होने की प्रबल संभावना है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
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West Bengal में ममता बनर्जी की TMC और BJP के बीच सीधा मुकाबला।
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Tamil Nadu में सुपरस्टार विजय की एंट्री से त्रिकोणीय संघर्ष के आसार।
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Assam में बीजेपी के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती, कांग्रेस से कड़ी टक्कर।
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Kerala में लेफ्ट (LDF) और कांग्रेस (UDF) के बीच सत्ता की जंग।
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चुनाव आयोग मार्च में तारीखों का ऐलान कर सकता है, वोटिंग अप्रैल-मई में संभव।








