Pakistan 27th Amendment : पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर की ताकत और बढ़ने वाली है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 27वां संवैधानिक संशोधन लाने की तैयारी में हैं, जिससे मुनीर को पीएम से भी ज्यादा पावर मिल जाएगी। इस संशोधन के जरिए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का एक नया और बेहद शक्तिशाली पद बनाया जाएगा, जो सेना प्रमुख के पास ही होगा।
तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर बनेंगे मुनीर
इस संशोधन के बाद, आसिम मुनीर संवैधानिक रूप से थलसेना, नौसेना और वायुसेना, तीनों के सर्वोच्च प्रमुख बन जाएंगे। मई में ही उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि भी दी गई थी। 27वां संशोधन उन्हें आजीवन विशेषाधिकार देगा और उनके खिलाफ जीवन भर कोई मामला दर्ज नहीं हो सकेगा।
डर के कारण बना रहे ‘सुरक्षा कवच’
विपक्षी पार्टी पीटीआई (PTI) का आरोप है कि मुनीर अपने कारनामों से डरे हुए हैं, इसलिए वे अपने इर्द-गिर्द कानूनी सुरक्षा की दीवार खड़ी कर रहे हैं। उन्हें डर है कि देश की बदहाली के लिए भविष्य में उन्हें कटघरे में खड़ा किया जा सकता है, इसीलिए वे आजीवन सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ताकत होगी कम
इस संशोधन में एक ‘फेडरल कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट’ (FCC) बनाने का भी प्रस्ताव है। यह कोर्ट सुप्रीम कोर्ट की कई अहम शक्तियां, जैसे संविधान की व्याख्या और केंद्र-प्रांतों के विवाद, अपने हाथ में ले लेगा। इससे सुप्रीम कोर्ट सिर्फ एक अपीलीय अदालत बनकर रह जाएगा। विपक्षी नेता इसे संविधान और न्यायपालिका की ‘मौत की सजा’ बता रहे हैं।
सोमवार तक हो सकती है वोटिंग
कानून मंत्री आजम नजीर ने शनिवार को यह विधेयक सीनेट में पेश किया, जिसे चर्चा के लिए समिति के पास भेजा गया है। उम्मीद है कि सोमवार तक इसे वोटिंग के लिए लाया जाएगा। सरकार को दो-तिहाई बहुमत (64 सीनेटर) मिलने का भरोसा है। विश्लेषक इसकी तुलना जनरल जिया-उल-हक के दौर से कर रहे हैं, जब अदालतों को कमजोर कर दिया गया था।
मुख्य बातें (Key Points):
- पाकिस्तान में 27वें संशोधन से आसिम मुनीर को तीनों सेनाओं का प्रमुख (CDF) बनाया जाएगा।
- मुनीर को आजीवन कानूनी छूट मिलेगी, विपक्ष ने इसे संविधान की ‘मौत’ बताया है।
- एक नया फेडरल कोर्ट (FCC) बनेगा, जो सुप्रीम कोर्ट की ताकत कम कर देगा।
- सोमवार तक सीनेट में इस बिल पर वोटिंग होने की उम्मीद है।








