Pathankot Suspicious Person Arrested — पंजाब (Punjab) के पठानकोट (Pathankot) कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu-Kashmir Police) से मिले इनपुट के आधार पर की गई। संदिग्ध व्यक्ति पूजा एक्सप्रेस (Pooja Express) से जम्मू (Jammu) से पठानकोट आ रहा था और स्टेशन पर उतरते ही रेलवे पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पठानकोट रेलवे पुलिस के अधिकारी सुखविंदर सिंह (Sukhwinder Singh) ने बताया कि जम्मू-कश्मीर रेलवे पुलिस से सूचना मिलते ही स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। जैसे ही पूजा एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची, संदिग्ध को पकड़कर कठुआ जीआरपी (Kathua GRP) के हवाले कर दिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और उसकी पहचान व इरादों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कठुआ रेलवे पुलिस कर रही है पूछताछ
जम्मू-कश्मीर रेलवे पुलिस को पहले से ही संदिग्ध की गतिविधियों पर शक था। पठानकोट की भौगोलिक स्थिति—हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण—इसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील बनाती है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों के संकेत मिल चुके हैं। ऐसे में संदिग्ध की गिरफ्तारी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही हैं।
बठिंडा (Bathinda) में Tailor निकला जासूस
उधर, बठिंडा आर्मी कैंट (Bathinda Army Cantt) में भी एक संदिग्ध जासूस की गिरफ्तारी हुई है। आरोपी का नाम रकीब (Raqeeb) है जो उत्तराखंड (Uttarakhand) के रुड़की (Roorkee) का रहने वाला है। वह पिछले दो साल से बठिंडा आर्मी कैंट में दर्जी का काम कर रहा था और कैंट परिसर में ही अपनी दुकान और आवास बनाए हुए था।
SP सिटी नरिंदर सिंह (Narinder Singh) ने बताया कि आर्मी कैंट अधिकारियों को रकीब की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए रकीब को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
एक महीने में दूसरी जासूसी की घटना
बठिंडा आर्मी कैंट में जासूसी का यह एक महीने के भीतर दूसरा मामला है। इससे पहले भी एक मोची (Cobbler) को पाकिस्तान (Pakistan) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और कैंट क्षेत्र में निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है।
पुलिस को उम्मीद है कि फोरेंसिक जांच के बाद रकीब के मोबाइल से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। इन दोनों मामलों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते संभावित खतरे को समय रहते काबू में लाया गया है।








