राजनीति का साइडइफेक्ट: सोनू सूद की स्टेट आइकन पंजाब की नियुक्ति ली वापस

The News Air – (चंडीगढ़) भारत निर्वाचन आयोग ने अदाकार सोनू सूद की स्टेट आइकन पंजाब की नियुक्ति वापस ले ली है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा.एस.करुना राजू ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 4 जनवरी, 2022 को अदाकार सोनू सूद को स्टेट आइकन पंजाब के तौर पर की नियुक्ति वापस ले ली गई है।

बॉलीवुड स्टार अब चुनाव आयोग के वोटिंग ऑईकॉन नहीं होंगे। चुनाव आयोग ने उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया है। सोनू सूद को मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए पंजाब का स्टेट आईकॉन नियुक्त किया गया। पंजाब के मुख्य चुनाव अफसर डॉ. एस. करूणा राजू ने कहा कि 4 जनवरी 2022 के बाद वह इस नियुक्ति पर नहीं होंगे।

सोनू सूद की बहन मालविका सूद सच्चर इस पर चुनाव लड़ने वाली है। इसकी घोषणा सोनू सूद ने ही मोगा में की थी। मालविका मोगा से चुनाव लड़ेगी। हालांकि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं लेकिन राजनीति में आने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।

हर पार्टी के नेता से मिल चुके सोनू सूद

बॉलीवुड स्टार लगातार राजनीति में आने को लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस संबंध में पहले वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से मिले। फिर उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब की कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी से मुलाकात की। फिर वह अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल से मिले। इससे पहले वह CM रहते कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिल चुके हैं। इस वजह से चुनाव आयोग को सोनू सूद से पल्ला झाड़ना पड़ा।

जल्द कोई पार्टी जॉइन कर सकती है सूद की बहन

सोनू सूद खुद तो सक्रिय सियासत में नहीं आ रहे लेकिन बहन के लिए लगातार प्रचार कर रहे हैं। वह बहन के लिए वोट भी मांग रहे हैं। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सूद की बहन जल्द कोई राजनीतिक पार्टी जॉइन कर सकती हैं। 5 जनवरी को पंजाब में अंतिम वोटर सूची प्रकाशित होनी है। इसलिए एक दिन पहले चुनाव आयोग उनसे किनारा कर लेगा।

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