Anti-Gangster Helpline Punjab को लेकर एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे “Gangstran Te Vaar” अभियान के तहत शुरू की गई हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर 21 जनवरी 2026 से अब तक कुल 590 शिकायतें मिल चुकी हैं। इन शिकायतों के आधार पर 63 FIR दर्ज की गई हैं और 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी चंडीगढ़ में DIG AGTF गुरमीत सिंह चौहान ने 27 मार्च को दी।

हेल्पलाइन पर किस तरह की शिकायतें आईं?
Anti-Gangster Helpline Punjab पर मिली 590 शिकायतों का ब्योरा काफी चौंकाने वाला है। DIG गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा 97 शिकायतें अन्य श्रेणी में आईं, जबकि 86 शिकायतें अवैध हथियारों से जुड़ी थीं। नशे से संबंधित 83 शिकायतें दर्ज हुईं, निजी दुश्मनी को लेकर 74 सूचनाएं मिलीं और गैंगस्टरों से जुड़ी 43 शिकायतें सामने आईं।
इसके अलावा जबरन वसूली (Extortion) से संबंधित 35 शिकायतें, डकैती और चोरी की 13 शिकायतें, फरार अपराधियों (Proclaimed Offenders) से जुड़ी 11 सूचनाएं और इमिग्रेशन फ्रॉड की 2 शिकायतें भी हेल्पलाइन पर आईं। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने न सिर्फ 63 FIR दर्ज कीं बल्कि 26 लोगों को गिरफ्तार भी किया, जिनमें 21 को निवारक हिरासत (Preventive Detention) में रखा गया है।
जनता को बनना होगा पुलिस की ‘आंख और कान’: DIG
DIG गुरमीत सिंह चौहान ने आम नागरिकों से Anti-Gangster Helpline Punjab का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन सिर्फ जबरन वसूली की शिकायतों तक सीमित नहीं है। कोई भी व्यक्ति किसी भी संदिग्ध गैंगस्टर, अपराधी या असामाजिक गतिविधि की सूचना इस नंबर पर दे सकता है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। लोग बेझिझक और गुमनाम रूप से (Anonymously) किसी भी अपराधी गतिविधि की जानकारी साझा कर सकते हैं। DIG ने नागरिकों से कहा कि वे पुलिस की “आंख और कान” बनें ताकि अपराधियों पर शिकंजा और कसा जा सके।
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के जाल से सावधान रहें: पंजाब पुलिस
Anti-Gangster Helpline Punjab अभियान के तहत DIG गुरमीत सिंह चौहान ने एक गंभीर चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने बताया कि विदेश में बैठे असामाजिक तत्व मामूली रकम का लालच देकर मासूम नौजवानों को अपराध करने के लिए उकसा रहे हैं। ये अपराधी युवाओं से UPI या अन्य डिजिटल माध्यमों से अनजान लोगों के लिए पैसों का लेनदेन कराते हैं।
DIG ने सख्त हिदायत दी कि कोई भी व्यक्ति अनजान लोगों के लिए UPI ट्रांजैक्शन न करे और न ही किसी अज्ञात जगह से कोई पैकेज उठाए या छोड़े। उन्होंने बताया कि विदेश में बैठे अपराधी “Dead Letter Box” तकनीक का इस्तेमाल कर हथियारों की खेप भेजने के लिए आम लोगों को फंसा रहे हैं। यह बात आम पंजाबी युवाओं के लिए बेहद अहम है क्योंकि अनजाने में किसी का पैकेज उठाना या UPI ट्रांजैक्शन करना उन्हें गंभीर आपराधिक मामलों में फंसा सकता है।
643 सोशल मीडिया पेज ब्लॉक, माता-पिता को भी किया सतर्क
Anti-Gangster Task Force (AGTF) ने डिजिटल अपराध पर भी बड़ी कार्रवाई की है। DIG गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि AGTF सोशल मीडिया पर शरारतपूर्ण गतिविधियों की निगरानी के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। अब तक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हथियारों या अपराधी गतिविधियों का महिमामंडन करने वाले 643 पेज ब्लॉक किए जा चुके हैं।
उन्होंने माता-पिता से खास अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके बच्चे किसी गलत राह पर न जाएं। यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि सोशल मीडिया पर हथियारों और गैंगस्टर कल्चर का ग्लैमराइजेशन युवाओं को तेजी से अपराध की ओर खींच रहा है।
61 विदेश में बैठे गैंगस्टरों की पहचान, OFTEC सेल गठित
पंजाब पुलिस ने विदेश से ऑपरेट कर रहे 61 गैंगस्टरों की पहचान कर ली है। इनके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज करने के लिए एक खास सेल Overseas Fugitive Tracking and Extradition Cell (OFTEC) का गठन किया गया है। इस सेल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विदेश में छुपे बैठे ये अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सकें और उन्हें वापस लाकर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
अप्रैल 2022 से अब तक AGTF की बड़ी कार्रवाई के आंकड़े
Anti-Gangster Helpline Punjab अभियान के व्यापक प्रभाव को समझने के लिए AGTF के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है। DIG गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब पुलिस ने जबरदस्त कार्रवाई की है। ADGP प्रमोद बान की अगुवाई में गठित AGTF ने इस दौरान कुल 1111 गैंगस्टर/अपराधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
राज्यभर में 2868 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 2273 हथियार और अपराधी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली 656 गाड़ियां बरामद की गई हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि पंजाब सरकार गैंगस्टर कल्चर को जड़ से खत्म करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।
क्या पंजाब सचमुच गैंगस्टर-फ्री बन पाएगा?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को गैंगस्टर-फ्री बनाने का जो विजन रखा है, उसमें Anti-Gangster Helpline Punjab एक अहम कड़ी साबित हो रही है। महज दो महीनों में 590 सूचनाओं का मिलना यह दर्शाता है कि आम जनता अब अपराधियों के खिलाफ खुलकर सामने आ रही है। लेकिन असली चुनौती विदेश में बैठे गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गैंगस्टर कल्चर के बढ़ते प्रचार को रोकना है। OFTEC सेल का गठन इस दिशा में एक सही कदम है, मगर इसकी सफलता अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, जनता की सक्रिय भागीदारी और पुलिस की सख्त कार्रवाई ने पंजाब में अपराधियों के लिए जमीन तंग जरूर कर दी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Anti-Gangster Helpline Punjab (93946-93946) पर 21 जनवरी 2026 से अब तक 590 शिकायतें मिलीं, जिनसे 63 FIR दर्ज और 26 गिरफ्तारियां हुईं।
- सोशल मीडिया पर हथियारों का महिमामंडन करने वाले 643 पेज ब्लॉक किए गए, माता-पिता से बच्चों की ऑनलाइन निगरानी की अपील।
- विदेश में बैठे 61 गैंगस्टरों की पहचान हुई, प्रत्यर्पण के लिए OFTEC सेल गठित।
- अप्रैल 2022 से अब तक 2868 गैंगस्टर गिरफ्तार, 2273 हथियार और 656 वाहन बरामद।








