Amritsar Drug Bust: अमृतसर में पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान से संचालित नार्को-आर्म्स तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से हेरोइन व अवैध हथियारों की खेप मंगवाकर पूरे पंजाब में सप्लाई कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 1.5 किलोग्राम हेरोइन, 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी, दो आधुनिक पिस्तौलें और पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) में बने 34 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
यह जानकारी सोमवार को पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
एक ही परिवार के चार सदस्य निकले तस्कर
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी अमृतसर के गांव रणियां के निवासी हैं और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं। अमृतसर के पुलिस आयुक्त (सीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में हरपाल सिंह और गुरमुख सिंह सगे भाई हैं, जबकि जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर और सुखदीप सिंह उनके भतीजे हैं।
आरोपियों की पहचान जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर, हरपाल सिंह, गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के रूप में हुई है। चारों की उम्र 19 से 33 वर्ष के बीच है और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से किसी का भी कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। यानी बिल्कुल साफ-सुथरी छवि वाले ये लोग अंदर ही अंदर पाकिस्तान के इशारों पर नशे और हथियारों का जाल बुन रहे थे।
सोशल मीडिया से पाकिस्तानी तस्करों से संपर्क
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों की मिलीभगत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में थे। ये तस्कर ड्रोन के जरिए सीमा पार से हेरोइन और अवैध हथियारों की खेपें भेजते थे और ये आरोपी उन खेपों को प्राप्त करके पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करते थे।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपियों के पास से बरामद कारतूसों पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की मार्किंग पाई गई है, जो साफ तौर पर इस बात की पुष्टि करती है कि ये हथियार पाकिस्तान से आए थे।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस टीमों ने इस ऑपरेशन में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की है। आरोपियों के कब्जे से 1.5 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जाती है। इसके अलावा 1.98 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं जो ड्रग मनी बताई गई है।
हथियारों की बात करें तो दो आधुनिक पिस्तौलें बरामद हुई हैं, जिनमें एक 9 एमएम बोर की है और दूसरी .30 बोर की है। इनके साथ 34 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं जिन पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मोहर लगी है। यह बरामदगी साबित करती है कि यह मॉड्यूल सिर्फ नशे की तस्करी तक सीमित नहीं था बल्कि हथियारों की तस्करी भी कर रहा था।
कैसे हुआ पर्दाफाश
पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष और विश्वसनीय सूचना के आधार पर सीपी अमृतसर की टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। पहले चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ड्रग मनी व 34 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इसके बाद पूछताछ में गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह ने खुलासा किया जिसके आधार पर दो पिस्तौलें बरामद की गईं। वहीं जसकिंदर सिंह और हरपाल सिंह के खुलासे पर 1.5 किलोग्राम हेरोइन की खेप बरामद हुई। इस तरह एक गिरफ्तारी से दूसरी बरामदगी का सिलसिला चलता रहा और पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो गया।
मुख्यमंत्री की मुहिम का हिस्सा
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम का हिस्सा है। पंजाब पुलिस पिछले कुछ समय से नशा तस्करी और सीमा पार से संचालित अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस मामले में आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मॉड्यूल से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और पंजाब में हेरोइन व हथियारों की सप्लाई किन-किन को की जा रही थी।
दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अमृतसर में एफआईआर नंबर 11 दिनांक 22 जनवरी 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
आम आदमी पर असर
सीमा पार से होने वाली नशे और हथियारों की तस्करी पंजाब के युवाओं और समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हेरोइन जैसे घातक नशे ने हजारों परिवारों को तबाह किया है और अवैध हथियारों से अपराध बढ़ते हैं। इस तरह के मॉड्यूल का भंडाफोड़ आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर यह देखना चिंताजनक है कि 19 से 33 साल के युवा इस गोरखधंधे में लिप्त थे, जो दर्शाता है कि पाकिस्तानी तस्कर किस तरह भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर में पाकिस्तान से संचालित नार्को-आर्म्स तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक ही परिवार के चार सदस्य गिरफ्तार
- आरोपियों से 1.5 किलो हेरोइन, 1.98 लाख रुपये ड्रग मनी, दो पिस्तौलें और POF मार्क वाले 34 जिंदा कारतूस बरामद
- आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी तस्करों से संपर्क में थे और ड्रोन से मंगवाई खेप पूरे पंजाब में सप्लाई करते थे
- चारों आरोपियों की उम्र 19-33 साल है और किसी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था
- थाना सिविल लाइंस में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज








