Amritsar Drug Bust में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर पुलिस ने एक क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल को तोड़ा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की चल रही मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पंजाब गौरव यादव ने रविवार को यहां यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपूरथला के फागवाड़ा में पलाही गेट के रहने वाले अतिश सुमन (22) और अमृतसर के गांव बोपराय कलां के रहने वाले सविंदर सिंह उर्फ सुंदरी (28) के रूप में की गई है। DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी यूरोप स्थित हैंडलर्स और जेल में बंद ऑपरेटिव्स के सीधे संपर्क में थे। ये लोग क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग की सुविधा प्रदान कर रहे थे और माझा और दोआबा क्षेत्रों में खेप वितरित कर रहे थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश जारी
DGP गौरव यादव ने बताया कि इस मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके। यह एक बड़े ड्रग नेटवर्क का हिस्सा है और पुलिस इसकी जड़ों तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रही है। फॉरवर्ड लिंकेज का मतलब है कि ड्रग्स किसके पास जा रही थीं और कौन उसे आगे बेच रहा था, जबकि बैकवर्ड लिंकेज का मतलब है कि ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही थी।
Amritsar Drug Bust में यह एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि इससे पता चलेगा कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और कितने लोग इसमें शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह केवल शुरुआत है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पहले 890 ग्राम, फिर 3.24 किलो हेरोइन बरामद
परिचालन विवरण साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (CP) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी अतिश सुमन को 220 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। आगे की पूछताछ पर अतिश के कब्जे से अतिरिक्त 670 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिससे उससे कुल बरामदगी 890 ग्राम हो गई।
CP भुल्लर ने बताया कि अतिश सुमन द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर पुलिस टीमों ने उसके सहयोगी सविंदर सिंह उर्फ सुंदरी को भी गिरफ्तार किया, जिससे 3.24 किलोग्राम की बड़ी बरामदगी की गई। यह Amritsar Drug Bust में एक बड़ी सफलता है। आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है।
यह दिखाता है कि पुलिस ने चरणबद्ध तरीके से काम किया। पहले छोटी मछली को पकड़ा और फिर उसके खुलासे से बड़ी मछली तक पहुंची। यह एक सफल रणनीति है जो अक्सर ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई में इस्तेमाल की जाती है।
NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज
इस संबंध में FIR नंबर 64 दिनांक 27-03-2026 को NDPS एक्ट की धारा 21-B, 21-C और 29 के तहत पुलिस स्टेशन सुल्तानविंड अमृतसर में दर्ज की गई है। NDPS एक्ट यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज एक्ट के तहत ड्रग्स रखने, बेचने और तस्करी करने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
धारा 21-B और 21-C बड़ी मात्रा में ड्रग्स रखने और उसकी तस्करी से संबंधित हैं, जबकि धारा 29 अवैध यातायात में शामिल होने से संबंधित है। 4.13 किलोग्राम हेरोइन एक बहुत बड़ी मात्रा है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। Amritsar Drug Bust में यह FIR एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है।
यूरोप स्थित हैंडलर्स का कनेक्शन
DGP गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी यूरोप स्थित हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। यह एक गंभीर मामला है क्योंकि इससे पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया भारत में नशे की तस्करी कर रहा है। यूरोप से ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क बहुत व्यापक है और इसमें कई देशों के लोग शामिल हैं।
पाकिस्तान की सीमा से लगा होने के कारण पंजाब ड्रग तस्करी का एक प्रमुख रूट बन गया है। अफगानिस्तान से आने वाली हेरोइन पाकिस्तान के रास्ते पंजाब में घुसाई जाती है और फिर यहां से पूरे भारत में फैलाई जाती है। कुछ मामलों में इसे यूरोप भी भेजा जाता है। यूरोप स्थित हैंडलर्स इस नेटवर्क को नियंत्रित करते हैं।
जेल में बंद ऑपरेटिव्स भी शामिल
DGP ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी जेल में बंद ऑपरेटिव्स के भी संपर्क में थे। यह एक चौंकाने वाला तथ्य है कि जेल में बंद लोग बाहर बैठे लोगों के साथ मिलकर ड्रग तस्करी चला रहे हैं। यह जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
जेल से ड्रग नेटवर्क चलाना दिखाता है कि अपराधियों के पास जेल के अंदर भी संचार के साधन हैं। मोबाइल फोन की अवैध उपलब्धता और भ्रष्ट जेल कर्मचारियों की मदद से यह संभव हो पाता है। सरकार को जेल सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है ताकि जेल में बंद अपराधी बाहर से अपराध संचालित न कर सकें।
माझा और दोआबा क्षेत्रों में वितरण
आरोपी माझा और दोआबा क्षेत्रों में ड्रग्स की खेप वितरित कर रहे थे। माझा क्षेत्र में अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट जिले आते हैं, जबकि दोआबा क्षेत्र में जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और नवांशहर जिले शामिल हैं। ये दोनों क्षेत्र पंजाब के सबसे घनी आबादी वाले इलाके हैं।
Amritsar Drug Bust में यह खुलासा चिंताजनक है क्योंकि इसका मतलब है कि ड्रग्स का नेटवर्क बहुत व्यापक है। अगर यह नेटवर्क नहीं तोड़ा गया तो यह पंजाब के युवाओं को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। ड्रग्स की लत ने पहले भी पंजाब के कई परिवारों को बर्बाद किया है और सरकार इसे रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
DGP गौरव यादव ने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों का NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। यह दिखाता है कि ये लोग पेशेवर अपराधी हैं और ड्रग तस्करी में लंबे समय से शामिल हैं। पहले भी इनके खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन ये फिर से इस धंधे में लौट आए।
यह एक बड़ी समस्या है कि ड्रग तस्कर जेल से बाहर आने के बाद फिर से वही काम शुरू कर देते हैं। इसके लिए सख्त कानून और लंबी सजा की जरूरत है। साथ ही जेल में बंद लोगों की निगरानी भी मजबूत होनी चाहिए ताकि वे बाहर से अपना नेटवर्क न चला सकें। Amritsar Drug Bust में यह तथ्य महत्वपूर्ण है।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने की मुहिम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी के तहत पंजाब पुलिस लगातार ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी बरामदगी हुई हैं और कई ड्रग माफिया के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
Amritsar Drug Bust इस मुहिम का एक और सफल उदाहरण है। सरकार का मानना है कि ड्रग्स पंजाब के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं और इसे रोकना बेहद जरूरी है। पंजाब में 1980-90 के दशक में आतंकवाद के बाद ड्रग्स ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। कई परिवार ड्रग्स की लत के कारण बर्बाद हो गए हैं।
और गिरफ्तारियों की संभावना
CP अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है। यह एक सकारात्मक संकेत है कि पुलिस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी तक जो गिरफ्तारियां हुई हैं, वे केवल शुरुआत है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके खुलासे के आधार पर और लोगों की तलाश की जा रही है। पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि यूरोप स्थित हैंडलर्स कौन हैं और जेल में बंद ऑपरेटिव्स कौन हैं। Amritsar Drug Bust में यह एक महत्वपूर्ण चरण है।
क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग की चुनौती
पाकिस्तान सीमा से लगे होने के कारण पंजाब में क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग एक बड़ी चुनौती है। ड्रोन और सुरंगों के माध्यम से ड्रग्स को पंजाब में घुसाया जाता है। पाकिस्तान स्थित ड्रग माफिया भारत में ड्रग्स फैलाकर युवाओं को बर्बाद करना चाहता है।
पंजाब पुलिस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) लगातार सतर्क हैं और सीमा पर निगरानी मजबूत की गई है। लेकिन लंबी सीमा होने के कारण पूरी तरह से तस्करी रोकना मुश्किल है। इसके लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत है। ड्रोन, सेंसर और कैमरे लगाकर सीमा की निगरानी और मजबूत की जा सकती है।
4.13 किलो हेरोइन की कीमत और प्रभाव
4.13 किलोग्राम हेरोइन की अवैध बाजार में कीमत करोड़ों रुपये होती है। इस हेरोइन से हजारों लोगों को खुराक दी जा सकती थी। Amritsar Drug Bust में यह बरामदगी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हजारों युवाओं को ड्रग्स की लत से बचाया जा सकता है।
एक खुराक से एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद हो सकती है। हेरोइन एक बेहद खतरनाक ड्रग है जो जल्दी लत लगा देता है और इससे छुटकारा पाना बेहद मुश्किल होता है। कई युवा हेरोइन की लत के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इसलिए ड्रग तस्करों को पकड़ना और ड्रग्स को जब्त करना बेहद जरूरी है।
यूरोप से पंजाब तक ड्रग रूट
यूरोप स्थित हैंडलर्स पंजाब में ड्रग तस्करी का नियंत्रण कर रहे हैं। यह दिखाता है कि ड्रग तस्करी एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है। अफगानिस्तान में हेरोइन का उत्पादन होता है, फिर यह पाकिस्तान होते हुए भारत आता है। कुछ मामलों में यह ड्रग्स यूरोप भी भेजे जाते हैं और वहां से पैसे भारत में भेजे जाते हैं।
यूरोप में बैठे हैंडलर्स सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के माध्यम से भारत में अपने एजेंटों से संपर्क करते हैं। वे पैसे भी हवाला के माध्यम से भेजते हैं ताकि ट्रैक न हो सके। Amritsar Drug Bust में यूरोप कनेक्शन का खुलासा बहुत महत्वपूर्ण है और इसकी गहन जांच की जरूरत है।
जनता की भूमिका महत्वपूर्ण
ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में जनता की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। अगर लोग संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देते हैं तो ड्रग तस्करों को पकड़ना आसान हो जाता है। Amritsar Drug Bust में भी गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
लोगों को अपने आसपास नजर रखनी चाहिए। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, अगर किसी के पास अचानक बहुत पैसा आ जाए, अगर कोई रात के समय संदिग्ध तरीके से आता-जाता हो, तो इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखने का आश्वासन दिया है।
युवाओं को जागरूक करने की जरूरत
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों को पकड़ने से नहीं जीती जा सकती। युवाओं को ड्रग्स के खतरों के बारे में जागरूक करना भी बेहद जरूरी है। स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी अभियान चलाने की जरूरत है। युवाओं को यह बताना चाहिए कि ड्रग्स उनकी जिंदगी कैसे बर्बाद कर सकते हैं।
पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्र चला रही है जहां नशे की लत से पीड़ित लोगों का इलाज किया जाता है। लेकिन इलाज से बेहतर है कि लोग नशे की लत में पड़ें ही नहीं। इसके लिए जागरूकता सबसे जरूरी है। Amritsar Drug Bust जैसी सफलताओं को प्रचारित करना भी जरूरी है ताकि लोगों को पता चले कि पुलिस ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
जानें पूरा मामला
अमृतसर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि फागवाड़ा का अतिश सुमन ड्रग तस्करी में शामिल है। 27 मार्च 2026 को पुलिस ने कार्रवाई की और अतिश सुमन को गिरफ्तार किया। शुरुआत में उसके कब्जे से 220 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में उसने बताया कि और भी हेरोइन छुपाई हुई है। फिर उसके कब्जे से अतिरिक्त 670 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिससे कुल बरामदगी 890 ग्राम हो गई। अतिश सुमन के खुलासे पर पुलिस ने उसके साथी सविंदर सिंह उर्फ सुंदरी को भी गिरफ्तार किया। सविंदर के कब्जे से 3.24 किलोग्राम हेरोइन की बड़ी बरामदगी हुई। इस तरह कुल 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी यूरोप स्थित हैंडलर्स और जेल में बंद ऑपरेटिव्स के संपर्क में थे। वे क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग करते थे और माझा और दोआबा क्षेत्रों में ड्रग्स वितरित करते थे। दोनों के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से मामले दर्ज हैं। FIR नंबर 64 दिनांक 27-03-2026 को NDPS एक्ट की धारा 21-B, 21-C और 29 के तहत पुलिस स्टेशन सुल्तानविंड में दर्ज की गई। DGP गौरव यादव और CP अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आगे की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर पुलिस ने क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल तोड़ा, 4.13 किलो हेरोइन बरामद
- अतिश सुमन (22) फागवाड़ा और सविंदर सिंह उर्फ सुंदरी (28) बोपराय कलां गिरफ्तार
- आरोपी यूरोप स्थित हैंडलर्स और जेल में बंद ऑपरेटिव्स के संपर्क में थे
- अतिश से 890 ग्राम और सविंदर से 3.24 किलो हेरोइन बरामद
- माझा और दोआबा क्षेत्रों में ड्रग्स वितरण कर रहे थे
- दोनों के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से मामले दर्ज
- FIR नंबर 64 दिनांक 27-03-2026 पुलिस स्टेशन सुल्तानविंड में दर्ज
- CM भगवंत मान के नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत कार्रवाई
- और गिरफ्तारियों की संभावना, पूरे नेटवर्क की जांच जारी










