Amritsar Arms Smuggling Pakistan Drone : चंडीगढ़/अमृतसर, 6 मार्च 2026। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक नाबालिग समेत छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान आधारित तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से हथियारों की खेप प्राप्त करते थे। इस कार्रवाई में पांच आधुनिक पिस्तौल, एक तेजधार हथियार और 34 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बहस चरम पर है। सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब लंबे समय से पाकिस्तान की ओर से होने वाली हथियार और ड्रग तस्करी का शिकार रहा है। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल ने इस खतरे को और भी बड़ा और जटिल बना दिया है।
‘कैसे हुई यह कार्रवाई?’
पुलिस आयुक्त अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों ने रोहित कुमार (18) निवासी मकबूलपुरा और एक 16 वर्षीय नाबालिग को काबू किया। इनके कब्जे से एक .30 बोर पिस्तौल और एक तेजधार हथियार बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि यह हथियार उन्हें करनबीर सिंह उर्फ अजय (24) निवासी गांव काले, तरनतारन ने सप्लाई किया था।
‘एक के बाद एक खुलता गया नेटवर्क’
करनबीर उर्फ अजय की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और आगे बढ़ी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान ओंकार सिंह उर्फ वंश (21), आकाशदीप सिंह (24) और जश्नदीप सिंह उर्फ ज्ञानी (18) के रूप में हुई, जो तीनों गांव मरी मेघा, तरनतारन के निवासी हैं। इनके कब्जे से चार और पिस्तौलें बरामद हुईं। इस तरह एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने पूरे मॉड्यूल तक पहुंचने में सफलता पाई।
‘पाकिस्तान निर्मित हथियार और ड्रोन का इस्तेमाल’
इस कार्रवाई में जो हथियार बरामद हुए, वे इस मॉड्यूल की गंभीरता को और बढ़ा देते हैं। बरामद हथियारों में एक .30 बोर पिस्तौल, एक 9 एमएम ग्लॉक, एक .30 बोर PX5, एक 9 एमएम टॉरस और एक 9 एमएम ग्रेटा (पाकिस्तान निर्मित) के साथ 34 जिंदा कारतूस शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपी ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों की खेप प्राप्त करते थे और अपने हैंडलरों के निर्देश पर इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।
‘सोशल मीडिया बना तस्करों का हथियार’
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान आधारित तस्करों के सीधे संपर्क में थे। यह बताता है कि सीमा पार बैठे आका किस तरह से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके भारत के युवाओं को अपने जाल में फंसाकर देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। एक नाबालिग का इस नेटवर्क में शामिल होना यह भी बताता है कि तस्कर कितनी कम उम्र के बच्चों को अपना हथियार बना रहे हैं।
‘आगे और गिरफ्तारियां होंगी: CP भुल्लर’
सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां व बरामदगियां होने की संभावना है। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे-पीछे के सभी कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। इस संबंध में थाना मकबूलपुरा अमृतसर में आर्म्स एक्ट की धारा 25(6,7,8) के तहत FIR नंबर 59, दिनांक 28 फरवरी 2026 दर्ज की जा चुकी है।
‘पंजाब में ड्रोन तस्करी का बढ़ता खतरा’
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार और ड्रग्स की तस्करी कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीएसएफ और पंजाब पुलिस दोनों ही पिछले कई सालों से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए काम कर रहे हैं। तकनीक का इस्तेमाल करके तस्कर सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को चकमा देने की कोशिश करते हैं और इस खतरे से निपटना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
‘क्या है पृष्ठभूमि?’
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। अमृतसर और तरनतारन दोनों जिले पाकिस्तान सीमा के नजदीक हैं और इस कारण यहां तस्करी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- अमृतसर पुलिस ने सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, नाबालिग समेत 6 गिरफ्तार।
- आरोपी सोशल मीडिया से पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे, ड्रोन से मिलती थी हथियारों की खेप।
- बरामदगी में 5 आधुनिक पिस्तौलें (जिनमें Pakistan निर्मित 9mm Greta भी शामिल), 1 तेजधार हथियार और 34 जिंदा कारतूस।
- DGP गौरव यादव: पूरे नेटवर्क की जांच जारी; CP भुल्लर: आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी।








