Amit Shah Assam Election को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) असम में तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। शाह ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि पार्टी 90 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आरोपों की चार्जशीट पेश करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) को घुसपैठ और तुष्टिकरण के मुद्दे पर जमकर घेरा।
‘मिशन असम: शाह का 90 से ज्यादा सीटों का चुनावी दांव’
अमित शाह ने Amit Shah Assam Election को लेकर बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास भरा रुख अपनाया है। आजतक से इस एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के साफ कर दिया कि बीजेपी की ‘मिशन असम’ रणनीति तीसरी बार प्रचंड बहुमत हासिल करने पर टिकी है। गृहमंत्री के मुताबिक पार्टी को 90 से ज्यादा सीटों पर जीत मिलेगी, जो किसी भी विपक्षी दल के लिए बड़ी चुनौती होगी।
यह दावा अपने आप में बेहद अहम है क्योंकि शाह का कहना है कि बीजेपी पहले ही असम में दो बार सत्ता में आ चुकी है और अब तीसरी बार भी उसी प्रचंड बहुमत के साथ लौटने को तैयार है। इससे साफ है कि पार्टी ने असम को अपना सबसे मजबूत गढ़ मान लिया है और वहां की जमीनी तैयारियों पर पूरा भरोसा जता रही है।
‘ममता बनर्जी पर आरोपों की चार्जशीट: घुसपैठ और तुष्टिकरण पर घेरा’
अमित शाह ने सिर्फ असम तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जोरदार निशाना साधा। शाह ने ममता के खिलाफ आरोपों की एक पूरी चार्जशीट पेश कर दी, जिसमें दो मुख्य मुद्दे सामने रखे गए: पहला, बंगाल में घुसपैठियों को मिल रही शह और दूसरा, तुष्टिकरण की राजनीति।
गृहमंत्री ने सीधे तौर पर ममता सरकार पर आरोप लगाया कि बंगाल में घुसपैठ की समस्या गंभीर है लेकिन टीएमसी सरकार जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रही है। साथ ही तुष्टिकरण की राजनीति पर भी उन्होंने ममता को कठघरे में खड़ा किया। खास बात यह है कि यह हमला ऐसे दौर में आया है जब पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा का मुद्दा बहस के केंद्र में है और राजनीतिक माहौल पहले से गर्म चल रहा है।
‘TMC का तीखा पलटवार: पहलगाम के गुनहगार कहां हैं?’
अमित शाह के इन हमलों पर तृणमूल कांग्रेस ने चुप बैठना मंजूर नहीं किया। टीएमसी ने तुरंत जवाबी हमला बोलते हुए शाह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल में कोई घुसपैठिया नहीं है।
लेकिन टीएमसी का सबसे मारक वार वह सवाल था जिसने सीधे केंद्र सरकार की सुरक्षा क्षमता पर उंगली उठाई। पार्टी ने पूछा कि पहलगाम हमले के गुनहगार कहां हैं? इस एक सवाल ने पूरी बहस का रुख ही बदल दिया। टीएमसी ने इशारों में कह दिया कि जब केंद्र सरकार खुद बड़े सुरक्षा मामलों में कामयाब नहीं हो पा रही, तो बंगाल पर घुसपैठ का आरोप लगाने का नैतिक अधिकार कहां से आता है?
‘दो राज्यों में एक साथ बीजेपी की रणनीति’
Amit Shah Assam Election पर दिए गए इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू को गौर से देखें तो बीजेपी की पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की दोतरफा रणनीति साफ नजर आती है। एक तरफ पार्टी असम में अपनी पकड़ और मजबूत करने पर पूरा जोर लगा रही है, तो दूसरी तरफ बंगाल में ममता बनर्जी की जमीन खिसकाने के लिए घुसपैठ और तुष्टिकरण जैसे भावनात्मक मुद्दों को हथियार बना रही है।
अमित शाह का यह चुनावी दांव बताता है कि बीजेपी सिर्फ असम जीतने पर नहीं रुकना चाहती, बल्कि पूरे पूर्वी भारत में अपनी विचारधारा को मजबूती से स्थापित करने की महत्वाकांक्षा रखती है। वहीं टीएमसी भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और पहलगाम हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बीजेपी को घेरने का कोई मौका छोड़ने को तैयार नहीं दिख रही। आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच यह सियासी जंग और भी तीखी हो सकती है।
‘आम मतदाताओं पर क्या पड़ेगा असर?’
अमित शाह के ये बयान सीधे तौर पर असम और बंगाल दोनों राज्यों के करोड़ों मतदाताओं को प्रभावित करते हैं। अगर बीजेपी वाकई असम में 90 से ज्यादा सीटें हासिल करती है तो राज्य में पार्टी की नीतियां और ज्यादा ताकत के साथ लागू होंगी और विपक्ष की भूमिका सीमित हो जाएगी। वहीं बंगाल में घुसपैठ और तुष्टिकरण का मुद्दा आम लोगों की सुरक्षा, पहचान और रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ा है। दोनों राज्यों के मतदाताओं को इन दावों और आरोपों पर गहराई से सोचना होगा, क्योंकि आखिरकार चुनावी मैदान में इन्हीं मुद्दों पर वोट की दिशा तय होगी।
‘जानें पूरा मामला’
बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक टकराव कोई नया नहीं है। बीजेपी पहले ही असम में दो बार सत्ता में आ चुकी है और अब तीसरी बार प्रचंड बहुमत का दावा इस बात का संकेत है कि पार्टी ने राज्य में अपनी जड़ें गहरी कर ली हैं। वहीं ममता बनर्जी के खिलाफ घुसपैठ और तुष्टिकरण के आरोप बीजेपी का पुराना हथियार रहे हैं, जबकि टीएमसी हर बार इन्हें सिरे से नकारती रही है। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा का मुद्दा पूरे देश में बहस के केंद्र में है और दोनों पार्टियां इसे अपने-अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटी हैं। यही वजह है कि इस बार का टकराव पहले से कहीं ज्यादा तीखा और संवेदनशील नजर आ रहा है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- अमित शाह ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि BJP असम में तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी और 90 से ज्यादा सीटें जीतेगी।
- शाह ने ममता बनर्जी के खिलाफ आरोपों की चार्जशीट पेश की, घुसपैठ और तुष्टिकरण को मुख्य मुद्दा बनाया।
- TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल में कोई घुसपैठिया नहीं है और पहलगाम हमले के गुनहगारों पर सवाल उठाया।
- बीजेपी और टीएमसी के बीच सियासी टकराव और गहराता दिख रहा है, आने वाले चुनावों में यह जंग और तीखी होने की पूरी आशंका है।








