लुधियाना का मंड सुरक्षा के बीच परेशान: CM से लगाई गुहार,बोला-आतंकी मारे या..

लुधियाना (The News Air) पंजाब के जिला लुधियाना में एक अजीब मामला सामने आया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (किसान कांग्रेस) के राष्ट्रीय समन्वयक गुरसिमरन सिंह मंड पिछले अढ़ाई महीने से घर में नजरबंद है। मंड ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से गुहार लगा कहा कि वह पिछले अढ़ाई महीने से घर में बंद है। प्रशासन ने उसे नजरबंद किया हुआ है। मंड ने कहा कि सरकार यदि उसे बाहर नहीं निकलने देती तो उसकी राशन पानी की व्यवस्था करे।

मंड को है हाईथ्रेट

बता दें मंड को हाईथ्रेट है। मंड ने कहा कि उसे आतंकी पता नहीं मारे या न मारे लेकिन कोई कारोबार न करने की वजह से उसके घर की आर्थिक हालात बिगड़ चुकी है। मंड मुताबिक अब उसके हालात ये बन रहे है कि वह भुखमरी से मर जाएगा। मंड मुताबिक उसे खाने के भी लाले पड़ चुके है। घर का गुजर बसर नहीं हो पा रहा।

मंड बोला नजायाज किया घर में बंद

लगातार गैंगस्टरों की धमकियां मिलने के चलते मंड को नजरबंद किया है। मंड गैंगस्टरों और खालिस्तानियों का टारगेट में रहा है। इस कारण पुलिस द्वारा मंड को सुरक्षा देते हुए उसके घर के बाहर बैरिकेडिंग आदि करवाई है। उसके घर की दीवारों पर भी कांच लगवाया गया था। घर की सुरक्षा थ्री लेयर बनाई गई है। वहीं बता दें पुलिस अधिकारी माहौल मुताबिक किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहते इस कारण मंड को नजरबंद किया हुआ है।

मंड ने बताया कि दिल्ली में पकड़े गए दो गैंगस्टरों भी दिल्ली पुलिस से कहा कि वह मंड और अमित अरोड़ा को मारने की योजना में थे। फिलहाल अभी किसी अधिकारी ने इस बात की पुष्टी नहीं की। खुद गुरसिमरन सिंह मंड ने बताया कि उसे दिल्ली से जानकारी मिली है।

नाजायज किया घर में बंद

गुरसिमरन मंड ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, उनकी माता जी, उनकी बहन और उनकी पत्नी सभी पंजाब भर में घुम रहे है। मंड ने कहा कि मुझे घर से बाहर निकलने दिये जाए तांकि मैं कोई कामकाज कर सकूं।

कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज उठाई

मंड ने कहा कि उसने कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज उठाई है, जिस कारण उसे हर दिन धमकियां मिल रही हैं। वह इस तरह के कट्टरपंथी मानसिकता वाले पुलिसकर्मियों से अपनी सुरक्षा की उम्मीद कैसे कर सकता है।

पगड़ी से राजीव गांधी का बुत साफ कर चुके हैं गुरसिमरन मंड

सलेम टाबरी में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का बुत लगा हुआ है, जिसे कुछ समय पहले अकाली नेताओं ने तोड़ दिया था और उस पर कालिख पोत दी थी। इसी दौरान मौके पर पहुंचे गुरसिमरन सिंह मंड ने अपनी पगड़ी उतारकर उसे साफ करना शुरू कर दिया था।

इस पर काफी विवाद भी हुआ था। इसके अलावा वह दीवारों पर लिखे खालिस्तानी नारे भी साफ करते कई बार नजर आ चुके हैं और खालिस्तान के खिलाफ कई बार बोल चुके हैं।

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