Health Insurance Controversy Punjab : शिरोमणी अकाली दल ने आज आम आदमी पार्टी सरकार की निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने पंजाबियों को गुमराह किया है, क्योंकि उन्होने प्रति वर्ष 10 लाख रूपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान करने का वादा किया था लेकिन हकीकत में उसने केवल 1 लाख रूपये का बीमा प्रदान किया है।
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता श्री एन के शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का इस योजना को लागू करने का कोई इरादा नही है, वह केवल पंजाबियों को मुर्ख बनाने के लिए प्रचार का हथकंडा अपना रही है। श्री शर्मा ने दावा किया कि यह योजना तरनतारन उपचुनाव सहित पांच बार लागू की जा चुकी है और कहा,‘‘ योजना के विज्ञापन पर करोड़ो रूपये खर्च किए गए हैं, लेकिन एक भी मरीज को चिकित्सा उपचार का लाभ नही दिया गया है।’’
यह कहते हुए कि यह पहली बार नही है जब सरकार प्रचार के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के तहत फंडों का दुरूपयोग कर रही है, अकाली नेता ने कहा,‘‘ सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अपने बजट में 761 करोड़ रूपये रखे थे, लेकिन पांच लोगों को भी चिकित्सा कवर का लाभ नही दिया गया है।’’ उन्होने कहा कि सरकार आयुष्मान भारत योजना में अपने हिस्से के 200 करोड़ रूपये का भुगतान करने में भी चूक की है, जिसके कारण 15 लाख लोगों को चिकित्सा उपचार प्रदान करने वाली यह योजना बुरी तरह प्रभावित हुई है।
एन.के. शर्मा ने कहा कि इस मामले की सच्चाई यह है कि अगर सरकार राज्य में प्रति व्यक्ति 10 लाख रूपये तक का चिकित्सा बीमा कवर देने के बारे गंभीर है तो उसे 10हजार करोड़ रूपये का बजट आवंटित करना होगा। उन्होने आगे कहा,‘‘ सरकार दावा कर रही है कि वह 1200 करोड़ रूपये खर्च करके इस योजना को चलाएगी। ऐसा इसीलिए है क्योंकि इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति केवल 1 लाख रूपये चिकित्सा बीमा कवर दिया गया और सरकार ने राज्य स्वास्थ्य मिशन के कोष से अन्य दावों का भुगतान करने का वादा किया, इसका सीधा मतलब यह है कि पंजाबियों को केवल 1 लाख रूपये का ही चिकित्सा बीमा कवर मिलेगा।’’
अकाली नेता ने दावा किया कि सरकार आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान उपयोग के लिए आंकड़े एकत्र करने के लिए इस योजना का उपयोग करने जा रही है। उन्होने कहा,‘‘ 12 हजार मौजूदा यूथ क्लबों को बंद कर दिया गया है। सरकार अपने कर्मचारियों के लिए नए क्लब बनाना चाहती है ताकि उनके माध्यम से योजना को चलाया जा सके, जैसा कि आज इसके शुभारंभ के दौरान खुलासा किया गया।’’
शर्मा ने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र के संबंध में की गई सभी घोषणाएं बेकार हो गई हैं। उन्होने कहा कि पूर्व अकाली दल सरकार द्वारा स्थापित सुविधा केंद्रों की लीपापोती के बाद धूमधाम से शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिक डाॅक्टरों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ एक साल पहले चुने गए 320 डाॅक्टरों को अभी तक नियुक्त नही किया गया है और सरकार ने मोहल्ला क्लीनिकों में मरीजों को देखने के लिए निजी डाॅक्टरों को प्रति मरीज 100 रूपये देने का शर्मनाक गौरव प्राप्त किया है।’’
अकाली नेता ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने 18 नए मेडिकल काॅलेज खोलने का वादा करके पंजाबियों के साथ भददा मजाक किया है और इस दिशा में कुछ भी नही किया है। उन्होने कहा कि कपूरथला और होशियारपुर में प्रस्तावित दो काॅलेजों की इमारते, जो काफी समय से तैयार हैं, अब तक नही खोले जा गए हैं। उन्होने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आज चिकित्सा उपचार योजना की घोषणा के लिए आयोजित समारोह में दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल ने कुछ नही किया। उन्होने कहा,‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरदार परकाश सिंह बादल ने अकेले स्वास्थ्य क्षेत्र में टाटा मेमोरियल अस्पताल मोहाली और एम्स बठिंडा में स्थापित किया और संगरूर में पीजीआई का एक सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया, इसके अलावा आठ नर्सिंग काॅलेज ओर 1933 मुफ्त डिस्पेंसरी भी स्थापित की।’’
इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि केजरीवाल सेहत योजना का उदघाटन किया जा रहा है, न कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का, जोकि इसका आधिकारिक नाम है। डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा,‘‘ यह दावा मुख्यमंत्री भगवंत मान का अपमान है।’’ उन्होने कहा कि लोग जानते हैं कि सेहत योजना यां लैंड पूलिंग योजना दिल्ली में तैयार की गई थी, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार करके पंजाबियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।








