Akal Takht Summons : अमृतसर में सोमवार को सिख धार्मिक मामलों को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख मर्यादा, गुरु की गोलक और दसवंध पर बयान को श्रद्धा पर हमला मानते हुए भगवंत मान को 15 जनवरी को तलब किया है। इसी दिन भाई जैता जी की तस्वीरों पर उठे विवाद को लेकर पंजाब सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद नंगे पैर अकाल तख्त पहुंचे और स्पष्टीकरण दिया।
जत्थेदार का सख्त रुख
अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि अकाल तख्त की सर्वोच्चता और सिख मर्यादा को चुनौती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री के रवैये पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि मर्यादा के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री सौंद की पेशी और सफाई
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सौंद हेरिटेज स्ट्रीट से नंगे पैर चलकर गोल्डन टेंपल स्थित अकाल तख्त पहुंचे। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में भाई जीवन सिंह (जैता जी) की यादगार की तस्वीरों पर आपत्ति को लेकर स्पष्टीकरण दिया। मंत्री ने कहा कि अकाल तख्त के आदेशानुसार विभाग में ऐसे अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिसे सिख सिद्धांतों और पंजाबी विरासत का पूरा ज्ञान हो।
सरकार को दिए गए निर्देश
मंत्री सौंद ने बताया कि जत्थेदार के निर्देश पर वे मुख्यमंत्री से अपील करेंगे कि पर्यटन विभाग में सिख सिद्धांतों से परिचित अधिकारी तैनात किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जत्थेदार ने उनका और उनके विभाग का स्पष्टीकरण स्वीकार कर लिया है।
अन्य संस्थाओं की पेशी
इस मामले में चीफ खालसा दीवान के चीफ डॉ. इंद्रबीर निज्जर भी अकाल तख्त पर पेश हुए। उन्होंने कहा कि संस्था के संविधान के अनुसार सभी सदस्य अमृतधारी होंगे और जो नहीं हैं, उन्हें प्रेमपूर्वक गुरु मार्ग से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का प्रतिनिधिमंडल भी स्पष्टीकरण देने पहुंचा और जत्थेदार के आदेशों को स्वीकार करने की बात कही।
जत्थेदार की बड़ी आपत्तियां
जत्थेदार गड़गज ने फुलका साहिब से जुड़े मामलों को पंजाब से बाहर शिफ्ट करने, मौड़ बम धमाके के दोषियों की गिरफ्तारी न होने और बरगाड़ी बेअदबी जैसे मामलों में सरकार पर आरोपियों को बचाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इन सब कारणों से पंजाब की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

आम लोगों पर असर
इस पूरे घटनाक्रम ने सिख समाज में मर्यादा और धार्मिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आम श्रद्धालुओं के लिए यह संदेश है कि सिख परंपराओं से जुड़े मामलों में अकाल तख्त की भूमिका सर्वोपरि है।
विश्लेषण
अकाल तख्त द्वारा मुख्यमंत्री को तलब किया जाना केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति और प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है। मंत्री की नंगे पैर पेशी यह दिखाती है कि सरकार दबाव में है और धार्मिक भावनाओं को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं रहेगा। आने वाली पेशी में मुख्यमंत्री का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- अकाल तख्त ने CM भगवंत मान को 15 जनवरी को तलब किया।
- भाई जैता जी की तस्वीरों पर विवाद के बाद मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने स्पष्टीकरण दिया।
- सिख मर्यादा और गुरु की गोलक पर बयान को श्रद्धा पर हमला बताया गया।
- CKD और DSGMC के प्रतिनिधिमंडल भी अकाल तख्त पर पेश हुए।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








