Ajit Pawar Successor : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के बारामती विमान हादसे में निधन के बाद अब राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा सवाल गूंज रहा है — आखिर उनकी राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? क्या यह जिम्मेदारी उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार उठाएंगी, या उनके बेटे पार्थ और जय पवार आगे आएंगे?

अजीत पवार: विरासत मिली, पहचान खुद बनाई
अजीत पवार महाराष्ट्र की सत्ता में एक ऐसा नाम रहे हैं जिन्होंने बीते एक दशक में राज्य की राजनीति को नया आकार दिया। राजनीतिक माहौल उन्हें विरासत में जरूर मिला, लेकिन पहचान उन्होंने अपने दम पर बनाई।
छह बार उप मुख्यमंत्री रहे अजीत पवार ने प्रशासन पर अपनी लोहे जैसी पकड़ और बेबाक शैली से अलग मुकाम हासिल किया था। उनके जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
दावेदार नंबर 1: सुनेत्रा पवार – सबसे सशक्त चेहरा
अजीत पवार के बाद अगर सबसे पहले कोई नाम सामने आता है तो वह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का है। वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और समाजसेवी के रूप में जानी जाती हैं।
सुनेत्रा पवार पूर्व मंत्री पद्म सिंह पाटिल की बेटी हैं। उन्हें बारामती को संभालने के लिए सबसे सशक्त चेहरा माना जा रहा है। वह बारामती टेक्सटाइल पार्क की चेयरपर्सन और एनवायरमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की प्रमुख भी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार के पास अनुभव, संपर्क और प्रशासनिक समझ सभी कुछ है जो उन्हें अजीत पवार की विरासत का स्वाभाविक उत्तराधिकारी बनाता है।
दावेदार नंबर 2: पार्थ पवार – राजनीतिक मैदान में सक्रिय
अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार पहले से ही राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि वह वह चुनाव हार गए थे।
लेकिन हार के बावजूद पार्थ पवार पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में लगातार सक्रिय रहे हैं। अब पिता की विरासत संभालने की जिम्मेदारी उन पर आ सकती है।
दावेदार नंबर 3: जय पवार – जिसमें दिखती है ‘दादा’ की छवि
अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार फिलहाल पारिवारिक व्यवसाय को संभाल रहे हैं और अब तक सक्रिय राजनीति की मुख्यधारा से दूर रहे हैं।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अजीत पवार अक्सर जय पवार को अपने साथ कार्यक्रमों में ले जाते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी का एक बड़ा धड़ा जय पवार में ‘दादा’ की छवि देखता है।
यह बात उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है, भले ही वह अभी तक राजनीति में सीधे नहीं उतरे हैं।
क्या एनसीपी के दोनों गुट होंगे एक?
अजीत पवार के निधन ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या NCP के दोनों गुट (अजीत पवार गुट और शरद पवार गुट) अब फिर से एक हो जाएंगे?
इस दुख की घड़ी में पवार परिवार एक बार फिर करीब आ गया है। अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार भी राजनीति में हैं, लेकिन वह शरद पवार गुट में हैं। उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले लोकसभा सदस्य हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस दुखद घटना के बाद दोनों गुटों के बीच दूरियां कम हो सकती हैं और एकजुटता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
सीएम फडणवीस का भावुक बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजीत पवार के निधन पर गहरी भावुकता जताते हुए कहा:
“हम सभी के लिए इस प्रकार के जननेता को खोना एक अपरिमित हानि है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए वह एक बहुत ही दमदार और दिलदार मित्र थे। हम दोनों ने साथ में काफी संघर्ष का काल देखा है। जब वो महाराष्ट्र के विकास में योगदान दे रहे थे और एक बहुत लंबी पारी खेलने वाले थे, ऐसे समय उनका निकल जाना… इसके लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं।”
फडणवीस ने आगे कहा कि उनके परिवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं पर जो दुख आया है, वह सहना बहुत कठिन है।
पवार परिवार का फैसला तय करेगा भविष्य
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कौन होगा अजीत पवार का उत्तराधिकारी? यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि पवार परिवार इस दुख की घड़ी में क्या फैसला लेता है।
क्या सुनेत्रा पवार अपने पति की विरासत संभालेंगी? क्या पार्थ पवार राजनीति की मुख्यधारा में आगे बढ़ेंगे? या फिर जय पवार में ‘दादा’ की छवि देखने वाले कार्यकर्ता उन्हें आगे लाएंगे?
आने वाले कुछ दिनों में इसका जवाब मिल जाएगा।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- अजीत पवार की राजनीतिक विरासत के तीन मुख्य दावेदार — पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे पार्थ और जय पवार
- सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और बारामती के लिए सबसे सशक्त चेहरा मानी जा रही हैं
- पार्थ पवार पहले से राजनीति में सक्रिय, 2019 में मावल से चुनाव लड़ चुके हैं
- पार्टी का एक धड़ा जय पवार में ‘दादा’ की छवि देखता है
- अजीत पवार के निधन से NCP के दोनों गुटों के एकजुट होने की संभावनाएं बढ़ीं








