Ajit Pawar Networth : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का आज बारामती में एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। सुबह लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भीषण आग लग गई। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई।
यह खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, हर कोई इस अचानक हुई त्रासदी से स्तब्ध है।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
आज सुबह बारामती में जब अजित पवार का विमान लैंडिंग कर रहा था, तभी अचानक कुछ गड़बड़ हुई और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान में तुरंत भीषण आग लग गई और वह एक आग का गोला बन गया। इस हादसे में अजित पवार के साथ-साथ क्रू मेंबर्स और सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई।
इस हादसे की कई खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं जो दिल दहला देने वाली हैं।
124 करोड़ की संपत्ति छोड़ गए अजित पवार
अब जब यह दुखद खबर सामने आई है, तो यह जानना भी जरूरी है कि अजित पवार अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान अजित पवार ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी कुल नेटवर्थ लगभग 124 करोड़ रुपये बताई थी।
संपत्ति का पूरा ब्योरा
चल संपत्ति (Movable Assets): ₹8.22 करोड़ से ज्यादा
अचल संपत्ति (Immovable Assets): ₹37.15 करोड़
निजी वाहन:
- Toyota Camry (कार)
- Honda CRV (कार)
- एक ट्रैक्टर
अन्य संपत्ति:
- चांदी का सामान
- फिक्स डिपॉजिट
- शेयर और बॉन्ड
नकद और बैंक बैलेंस:
- ₹14.12 लाख कैश
- बैंक खातों में ₹6.81 करोड़
निवेश और बीमा:
- ₹55 लाख से ज्यादा का निवेश
- ₹1 करोड़ से ज्यादा की LIC पॉलिसी
पत्नी सुनेत्रा पवार की संपत्ति
अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के पास भी करोड़ों की संपत्ति है:
- चल संपत्ति: ₹14.57 करोड़
- अचल संपत्ति: ₹58.39 करोड़
- LIC पॉलिसी: ₹44 लाख से ज्यादा
वित्त मंत्री भी थे अजित पवार, अब बजट कौन पेश करेगा?
अजित पवार मौजूदा महाराष्ट्र सरकार में वित्त और योजना मंत्री भी थे। अगले महीने 23 फरवरी को मुंबई में राज्य विधानमंडल का बजट सत्र शुरू होना है।
2026-27 का यह बजट अब कौन पेश करेगा, यह देखने वाली बात होगी। उनके निधन से राज्य की वित्तीय नीतियों पर भी असर पड़ सकता है।
राजनीतिक सफर: चाचा शरद पवार के नक्शेकदम पर
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में कदम रखा था। उनकी शुरुआत तब हुई जब उन्हें एक चीनी मिल के बोर्ड में चुना गया था।
इसके बाद उन्होंने रिकॉर्ड छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। हालांकि, वे कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।
मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया
अनुभवी राजनेता अजित पवार ने कभी भी राज्य का मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा नहीं छिपाई थी।
नवंबर 2019 में जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब अजित पवार उप मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन वह सरकार मुश्किल से दो दिन ही चल पाई थी।
जुलाई 2023 में वे BJP और शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे।
जमीन से जुड़े नेता थे अजित पवार
अजित पवार जमीन से जुड़े हुए नेता माने जाते थे। अपने लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को हल करना और आगे के लिए रास्ता निकालना – यही उनकी कार्यशैली थी।
राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत कई घोषणाएं कीं:
- आज के लिए स्कूलों की छुट्टी घोषित
- राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा
कई राजनेता इस हादसे की जांच की मांग भी कर रहे हैं।
आम आदमी पर असर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के एक स्तंभ थे। उनके जाने से राज्य की राजनीति में बड़ा खालीपन आ गया है। वित्त मंत्री के रूप में वे राज्य की आर्थिक नीतियों को दिशा दे रहे थे, अब यह जिम्मेदारी कौन संभालेगा यह बड़ा सवाल है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- बारामती में विमान हादसा: लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त, भीषण आग लगी
- 5 लोगों की मौत: अजित पवार समेत क्रू मेंबर्स और सुरक्षाकर्मी
- 124 करोड़ की नेटवर्थ: 2024 के हलफनामे के अनुसार चल-अचल संपत्ति, निवेश और LIC पॉलिसी
- छह बार उपमुख्यमंत्री: लेकिन कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए
- तीन दिन का राजकीय शोक: CM फडणवीस ने स्कूलों की छुट्टी और शोक घोषित किया








