Ajay Rai PM Modi Letter : उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अजय राय ने आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की जा रही है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए ताकि किसी भी तरह का पक्षपात न हो।
अजय राय ने पत्र में कहा है कि जब अध्यात्म के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति पर किसी राजनीतिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए और वह मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति पर ही आरोप हों, तो ऐसे में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने इसे सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल बताया है।
पत्र में क्या लिखा है?
अजय राय ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि भारतीय समाज में यह सवाल उठ रहा है कि क्या योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है, वह अनावश्यक कठोरता या प्रतिशोधात्मक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अविमुक्तेश्वरानंद को ‘काला’ संबोधित किया था, जिसके चलते केंद्रीय या निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराए जाने की जरूरत है।
अजय राय ने पीएम मोदी से मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी तरह के राजनीतिक दुराग्रह का शिकार कोई न हो।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, प्रयागराज के झूसी थाने में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उनके एक शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दर्ज कराया गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले के बाद से ही उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
वहीं दूसरी तरफ आशुतोष ब्रह्मचारी पर भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि खुद आशुतोष ब्रह्मचारी पर कई संगीन आरोप हैं और यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है।
कांग्रेस का प्रदर्शन
अजय राय के इस पत्र के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में प्रदर्शन भी किया। प्रयागराज से पुलिस की टीम वाराणसी पहुंच चुकी है और अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ की संभावना है। हालांकि शंकराचार्य ने कहा है कि वह बैठे हैं, पुलिस आए, जांच करे, बयान ले, वह कहीं जा नहीं रहे हैं।
आस्था और कानून का सवाल
यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ गया है। शंकराचार्य का पद सनातन धर्म में सबसे ऊंचा माना जाता है। ऐसे में इस पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इतने गंभीर आरोपों ने करोड़ों श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताते हुए सरकार को घेरा है। अब देखना होगा कि इस मामले में सरकार और जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने PM मोदी को पत्र लिखकर अविमुक्तेश्वरानंद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
अजय राय ने आरोप लगाया कि योगी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के तहत यह कार्रवाई कर रही है।
शंकराचार्य पर पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज, वाराणसी पुलिस जांच में जुटी।
कांग्रेस ने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।








